Biography of nitish kumar in hindi language

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ये पद छोड़ने के बाद इन्हे फिर से कृषि मंत्री बना दिया गया था और ये एक साल तक कृषि मंत्री बने रहे थे.

दोबारा से बने रेल मंत्री

  • प्रथम बार रेल मंत्री रहते हुए नीतीश ने रेलवे की स्थिति सुधारने के लिए कई अच्छे कार्य किए थे और इन्हीं कार्यों के चलते इन्हें साल 2001 में फिर से ये पद सौंपा गया था और ये तीन साल तक हमारे देश के रेलवे मंत्री रहे थे.
  • ये साल 2004 में ये फिर से लोकसभा के सदस्य के रूप में चुने गए थे और इस दौरान ये कोयला और इस्पात समिति, सामान्य प्रयोजन समिति और विशेषाधिकार समिति के सदस्य भी रहे थे.

फिर से बने बिहार के मुख्यमंत्री

साल 2005 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में इनकी पार्टी विजय रही थी और इन्हें एक बार फिर से मुख्यमंत्री बनाया गया था.

इस पद से हटने के तुरंत बाद ही इन्हें कृषि मंत्रालय का मंत्री बना दिया गया था और ये 22, नवंबर 1999 से लेकर 3 मार्च 2000 तक ये हमारे देश के कृषि मंत्री थे.

प्रथम बार बने बिहार के मुख्यमंत्री (Chief Minister)

साल 2000 में ये पहली बार अपने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में चुने गए थे. He can be reached at [email protected]

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13 अक्टूबर, 1999 को इन्हें ये पद दिया गया था और किन्हीं कारणों के चलते 22, नवंबर, 1999 में इन्होंने ये पद छोड़ दिया था. नीतीश ना केवल अपने राज्य बल्कि देश की राजनीति में भी काफी सक्रिय हैं और इनकी पार्टी बीजेपी के साथ जुड़ी हुई है.

नीतीश कुमार का जीवन परिचय (Nitish Kumar Biography in Hindi)

नाम (Name)नीतीश कुमार
निक नेम  (Nick Name)सुशासन बाबू और मुन्ना
जन्मदिन (Birthday)1 मार्च, साल 1951
आयु (Age)67 साल
जन्म स्थान (Birth Place)बख्तियारपुर, बिहार, भारत
राशि (Zodiac)मीन
नागरिकता (Citizenship)भारतीय
गृह नगर (Hometown)बिहार
शिक्षा (Education)मैकेनिकल इंजीनियर
धर्म (Religion)हिन्दू
कास्ट (Cast)अनुसूचित जनजाति
भाषा का ज्ञान (Language)हिंदी, अंग्रेजी
पेशा (Occupation)राजनेता और बिहार के मुख्यमंत्री
किस पार्टी से जुड़े हैंजनता दल (संयुक्त)
बुरी आदतें (Bad Habits)कोई नहीं
कुल संपत्ति (Net Worth)58 लाख

नीतीश कुमार का जन्म और परिवार (Nitish KumarBirth And Family Details)

  • बिहार में जन्मे नीतीश के पिता ने उस समय भारत की स्वतंत्रता कि लड़ाई मे भाग लिया था और साथ में ही वो एक आयुर्वेदिक वैद्य भी थे.
  • साल 1973 में ये विवाह बंधन में बंधे.

    इन्हें ये मंत्री पद अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार द्वारा दिया गया था.

  • साल 1999 में नीतीश 13वीं लोकसभा के लिए फिर से निर्वाचित हुए थे और इस बार इन्हें केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, भूतल परिवहन का पद दिया गया था. इन्होंने इस चुनाव में निर्दलीय रूप से अपनी दावेदारी पेश की थी. इस विवाह से इन्हें एक बेटा हुआ था, जिसका नाम निशांत कुमार है. नीतीश की पत्नी एक अध्यापिका हुआ करती थी और साल 2007 में इनकी पत्नी का स्वर्गवास दिल्ली में हो गया था.

    सिंह जैसे दिग्गजों की छत्र-छाया में उन्होंने राजनीती का पाठ पढ़ा।

    हालाँकि उनका शुरुवाती समय में राजनितिक करियर मुश्किल भरा रहा। 1977 में जब जनता दल अपने पूरे परवान पर थी, नी​तीश बाबू को विधानसभा चुनाव में हार का मूंह देखना पड़ा। इसके बाद 1980 के विधान सभा चुनाव में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा। लगातार दो बार हारने के बाद उनका आत्मविश्वास नहीं टूटा, एक बार फिर 1985 में चुनाव लड़े और इस बार विजय हुए। 1987 में नेतृत्व क्षमता के कारण उन्हें युवा लोकदल का अध्यक्ष चुना गया। यह पहली बार था कि वे किसी महत्वपूर्ण पद का जिम्मा उठा रहे थे। 1989 में उन्हें जनता दल का प्रदेश सचिव चुना गया और पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ने का मौका मिला। इस चुनाव में उन्हें जीत भी मिली।

    इसके बाद उन्हें केन्द्र में मंत्री बनने का मौका मिला। 1990 के केन्द्रीय मंत्रीमण्डल में उन्हें कृषि राज्य मंत्री के तौर पर काम करने का मौका मिला उस समय NDA की सरकार थी। अगस्त 1999 में गैसल ट्रेन दुर्घटना के बाद रेल्वे मंत्री के रूप में हादसे की जिम्मेदारी लेते हुए, इस्तीफा दे दिया। रेल्वे मिनिस्टर के पद पर अपने लघु कार्यकाल में सन 2002 में उन्होंने इंटरनेट बुकिंग सुविधा की शुरुवात भी की। जिसमे लाखो लोगो ने रेल्वे टिकट बुक की और साथ ही उन्होंने अपने कार्यकाल में तत्काल टिकट सुविधा भी शुरू की।

    बाद में उसी साल, कृषि मंत्री के रूप में वे दोबारा यूनियन कैबिनेट में दाखिल हो गए। 2001 से मई 2004 तक वे फिर से रेल्वे के केन्द्रीय मंत्री बने। सन 2000 में वे बिहार के मुख्यमंत्री बने लेकिन उन्हें सिर्फ सात दिनों में त्यागपत्र देना पड़ा था। 2004 में लोकसभा चुनाव में उन्होंने 2 जगहों से चुनाव लढा, जिसमे नालंदा निर्वाचन क्षेत्र से उन्हें जीत मिली लेकिन पारंपरिक निर्वाचन क्षेत्र से उन्हें हार का सामना करना पड़ा। जनता दल टूटा तो जॉर्ज फर्नांडिस के साथ मिलकर समता पार्टी बनाई लेकिन बाद में जब इसका जनता दल (यूनाइटेड) में विलय हुआ तो जॉर्ज को किनारे कर शरद यादव को पार्टी सौंप दी।

    नवंबर 2005, में नितीश कुमार राष्ट्रीय जनता दल के बिहार में पंद्रह वर्ष पुरानी सत्ता में उखाड़ फेंकने सफल हुए और मुख्यमंत्री के रूप में उनकी ताजपोसी हुई। उन्होंने भाजपा के साथ मिलकर बिहार में गठबंधन की सरकार बनाई। 2010 में एक बार फिर उन्होंने अपने बेहतरीन काम की वजह से जनता का समर्थन मिला और वे तीसरी बार बिहार के मुख्यमंत्री चुने गए। इस गठबंधन सरकार में शामिल भाजपा के साथ उनके मतभेद लगातार बढ़ते गए, जिसका एक प्रमुख कारण भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेन्द्र मोदी का प्रखर विरोध था। गठबंधन टूट गया लेकिन सरकार चलती रही। 2014 में हुए लोकसभा के चुनावों में पार्टी की बुरी हार की वजह से उन्होंने एक बार फिर अपने पद से इस्तीफा दे दिया और जीतनराम मांझी बिहार के मुख्यमंत्री बने।

    22 फरवरी 2015 को नितीश कुमार फिर से मुख्यमंत्री कार्यालय में दाखिल हुए। 2015 के बिहार चुनाव को आज भी अब तक का सबसे मुश्किल चुनाव माना जाता है। इस चुनाव में नितीश कुमार ने राजद और कांग्रेस के बीच गठबंधन कर महागठबंधन की स्थापना की और बीजेपी पर पलटवार किया। महागठबंधन के दौरान नितीश ने चुनाव में बढ़-चढ़कर भाग लिया और नरेंद्र मोदी की पार्टी बीजेपी पर कयी शाब्दिक प्रहार भी किए। अंततः चुनावी नतीजो में महागठबंधन 178 सीटो के अंतर से जीती, जिसमे बीजेपी को सिर्फ 58 सीटे ही मिली।

    चुनावी नतीजो में राजद पार्टी 80 सीटे और जदयू 71 सीटे जीतने में सफल रही। इसके बाद पांचवी बार 20 नवम्बर 2015 को उन्हें बिहार का मुख्यमंत्री पद का ताज पहना और लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव बिहार के चौथे उप-मुख्यमंत्री बने। 26 जुलाई 2017 को नितीश ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और उप-मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया।

    बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने के बाद नितीश ने यादव को कैबिनेट से इस्तीफा देने के लिए कहा, लेकिन उनकी इस बात को मानने से राजद ने साफ़-साफ़ मना कर दिया। अपनी स्वच्छ और भ्रष्टाचार विरोधी छवि को बरक़रार रखते हुए नितीश ने 26 जुलाई 2017 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। जिसके चलते महागठबंधन टूट गया। और 27 जुलाई को फिर से उन्हें भाजपा के साथ गठबंधन कर बिहार के मुख्यमंत्रि पद की शपथ दी गई।

    2022 में बिहार में JDU और BJP के बीच गठबंधन 5 साल बाद फिर टूट गया है। CM नीतीश कुमार ने 09 अगस्त 2022 की शाम 4 बजे राज्यपाल फागू चौहान को अपना इस्तीफा सौंप दिया। नीतीश ने तुरंत ही नई सरकार बनाने का दावा भी पेश कर दिया। उन्होंने राज्यपाल को 164 विधायकों के समर्थन की चिट्ठी सौंपी।

    10 अगस्त 2022 में जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नीतीश कुमार ने फिर बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। अपने सहयोगी दल राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने भी नई सरकार में उप मुख्यमंत्री के पद पर आसीन हुवे।

    नितीश कुमार कब-कब बनें मुख्यमंत्री – Nitish Kumar Cheap Minister History

    संख्यासालकब से कब तक
    120003 मार्च, 2000 से लेकर 10 मार्च 2000
    2200524 नवंबर, 2005 से लेकर 24 नवंबर, 2010
    3  201026 नवंबर, 2010 से लेकर मई 2014
    4201522 फरवरी, 2015 से लेकर 19 नवंबर, 2015
    5  201520 नवंबर 2015 से लेकर 26 जुलाई 2017
    6  201727 जुलाई 2017 – नवंबर 2020
    7202016 नवम्बर 2020 – 09 अगस्त 2022
    8202210 अगस्त 2022 – जारी..

    निजी जीवन – Nitish Kumar Personal Life in Hindi

    22 फरवरी 1973 को नितीश कुमार ने मंजू कुमारी सिन्हा से शादी की, जो पटना में एक स्कूल में अध्यापिका थीं। उन्हें निशांत नाम का एक बेटा है, जिसने B.I.T-मेसरा से इंजीनियरिंग की पढाई पूरी की है। 2007 में 53 साल की उम्र में ही उनकी पत्नी मंजू सिन्हा की मृत्यु हो गयी थी।

    सम्मान एवं पुरस्कार – Nitish Kumar Awards 

    नितीश कुमार अपने सुशासन और साफ सुथरी क्षवि के लिए मशहूर हैं। उनके जीवन पर कई किताबे भी लिखी गयी हैं जिनमे – अरुण सिन्हा द्वारा लिखित जिसका शीर्षक ‘दी राइज ऑफ़ बिहार’ है। और संकर्षण ठाकुर द्वारा जिसका शीर्षक सिंगल मैन : दी लाइफ एंड टाइम्स ऑफ़ नितीश कुमार ऑफ़ बिहार है। उन्हें कई पुरुस्कारो से भी सम्मानित किया गया हैं –

    • अणुव्रत सम्मान, श्वेतांबर तेरापंथ महासभा (जैन संस्था) द्वारा, बिहार में शराबबंदी लागू करने के लिए, 2017
    • जेपी स्मारक पुरस्कार, नागपुर मानव मंदिर, 2013
    • फॉरेन पॉलिसी मैगजीन के टॉप 100 बैश्विक चिंतक लोगों में 77वें स्थान पर, 2012.
    • XLRI, जमशेदपुर द्वारा, “सर जहाँगीर गांधी मेडल” , 2011.
    • “एमएसएन इंडियन ऑफ दि इयर”, 2010″
    • एनडीटीवी इंडियन ऑफ दि इयर – राजनीति, 2010
    • फ़ोर्ब्स “इंडियन पर्सन ऑफ दि इयर”, 2010
    • सीएनएन-आईबीएन “इंडियन ऑफ दि इयर अवार्ड” – राजनीति, 2010
    • एनडीटीवी इंडियन ऑफ दि इयर – राजनीति, 2009
    • इकोनॉमिक टाइम्स “बिजनेस रिफार्मर ऑफ दि इयर”, 2009
    • ‘पोलियो उन्मूलन चैम्पियनशिप अवार्ड’ 2009, रोटरी इंटरनेशनल द्वारा
    • सीएनएन-आइबीएन “ग्रेट इंडियन ऑफ दि इयर” अवार्ड – राजनीति, 2008

    FAQ

    Q : नीतीश कुमार कितने बार मुख्यमंत्री बने?

    Ans: साल 2002 से लेकर साल 2022 तक नीतीश कुमार 8 बार सीएम बने।

    Q : नीतीश कुमार का परिवार

    Ans: नितीश कुमार के परिवार में एक बेटा हैं। उनका पत्नी का निधन 2007 में हो गया था।

    Q : नितीश कुमार का जन्म स्थान कहाँ है?

    Ans : नीतीश कुमार का जन्म 1 मार्च 1951 को बख्तियारपुर, बिहार, भारत में हुआ था।

    Q : नीतीश कुमार की पत्नी का नाम क्या है?

    Ans : श्रीमती मंजू कुमारी सिन्हा


    और अधिक लेख –

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Nitish Kumar Biography in Hindi: कितने पढ़ें-लिखे हैं नीतिश कुमार, कब से शुरू हुआ राजनीतिक करियर, जानें यहां

Bihar Nitish Kumar ka Jivan Parichay: बिहार की राजनीति में नीतिश कुमार को सुशासन बाबू कहा जाता है। वह केवल मुख्यमंत्री पद तक सीमित नहीं रहे हैं, बल्कि बिहार के राजनीतिक और सामाजिक ढांचे को भी उन्होंने प्रभावित किया है। यह वजह है कि कई दशकों की राजनीति में वह केंद्रबिंदु रहे हैं।

ऐसे में बिहार की राजनीति में नीतिश कुमार एक प्रमुख चेहरा है, जिन्होंने सत्ता के गलियारे में अपनी रणनीतिक सूझबूझ से अपनी पहचान बनाई है। इस लेख में हम नीतिश कुमार के जीवन के बारे में जानेंगे।

पटना में हुआ था जन्म

नीतीश कुमार का जन्म 1 मार्च, 1951 को बिहार के पटना जिले में बख्तियारपुर में हुआ था। उनके पिता कविराज राम लखन सिंह एक स्वतंत्रता सेनानी और आयुर्वेदिक वैद्य हुआ करते थे। वहीं, उनका माता का नाम परमेश्वरी देवी है। बचपन में नीतिश कुमार को मुन्ना कहकर पुकारा जाता था। 

1973 में हुआ विवाह

नीतिश कुमार का विवाह 22 फरवरी 1973 को मंजू कुमारी सिन्हा के साथ हुआ था। उनके एक पुत्र निशांत कुमार है।

कितने पढ़े-लिखे हैं नीतिश कुमार

नीतिश कुमार ने बख्तियारपुर के गणेश हाई स्कूल से अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की। इसके बाद उन्होंने पटना के बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से 1972 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है। पढ़ाई के बाद उन्होंने राज्य के बिजली बोर्ड में काम किया, लेकिन यहां उनका मन नहीं लगा।  

कैसे शुरू हुआ राजनीतिक करियर 

नीतिश कुमार ने अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत बिहार की राजनीति में अहम पहचान रखने वाले कर्पूरी ठाकुर, जेपी नारायाण और राम मनोहर लोहिया के आस-पास रहकर की। साल 1970 में वह जेपी नारायण के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलन से उभरे। 

विधायक के रूप में कब हुई शुरुआत

नीतिश कुमार 1980 का दशक आते-आते बिहार की राजनीति में अपनी पहचान गढ़ चुके थे। ऐसे में उन्होंने 1985 में हरनौत विधानसभा से चुनाव जीतकर विधानसभा के सदस्य बने। वहीं, 1987 में वह युवा लोकदल के अध्यक्ष बने, तो 1989 में उन्हें जनता दल का महासचिव चुना गया। 

1989 में पहली बार बने सांसद

नीतिश कुमार ने राज्य की राजनीति छोड़ केंद्र की राजनीति में भी हाथ अजमाया। वह 1989 में पहली बार लोकसभा सांसद बने। इसके बाद 1991, 1996 और 1998 में भी वह सांसद चुने गए।

जब पहली बार बने केंद्रीय मंत्री

नीतिश कुमार ने केंद्र की राजनीति में रहते हुए कई महत्त्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने 1990 में पहली बार कृषि राज्य मंत्री का पद संभाला। वहीं, 1998-99 में वह केंद्रीय रेल मंत्री भी बने। वाजपेयी सरकार में उन्होंने रेल से लेकर सड़क परिवहन और कृषि जैसे मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली।

मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल

-नीतिश कुमार मार्च, 2000 में पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने। हालांकि, यह कार्यकाल सिर्फ 7 दिनों तक रहा, क्योंकि उनके पास बहुमत नहीं था। ऐसे में उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।

-नीतिश कुमार ने 2005 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की और दूसरी बार फिर से बिहार के मुख्यमंत्री बने। उन्होंने 2010 तक कार्यकाल संभाला। यह वह समय था, जब उन्होंने बिहार की राजनीति में लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी जैसे चेहरों की सत्ता समाप्त की थी। नीतिश ने अपना तीसरा कार्यकाल 2010 में शुरू किया। वहीं, 2015 में चौथा कार्यकाल, 2015 में ही पांचवा कार्यकाल और 2017 से छठा कार्यकाल पूरा किया। भारत में जब कोविड की दस्तक हुई, तो उन्होंने उस समय यानि कि 2020 में 7वां कार्यकाल शुरू किया, जबकि 2022 में 8वां कार्यकाल भी शुरू किया। 

कैसे बना जनता दल(यूनाइटेड)

नीतिश कुमार ने 1994 में जॉर्ज फर्नाडीज के साथ मिलकर समता पार्टी बनाई थी, हालांकि, 2003 में समता पार्टी का विलय जनता दल में हुआ और इसका नाम बदलकर जनता दल(यूनाइटेड) हो गया। नीतिश कुमार जेडीयू के ही प्रमुख नेता के रूप में जाने जाते हैं। 

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A seasoned journalist with over 7 years of extensive experience across both print and digital media, skilled in crafting engaging and informative multimedia content for diverse audiences.

वहीं इस वक्त ये अपने बेटे के साथ रहते हैं.

नीतीश कुमार के परिवार के बारे में जानकारी (Nitish KumarFamily Information)

पिता का नाम (Father’s Name)कविराज राम लखन सिंह
माता का नाम (Mother’s Name)परमेश्वरी देवी
पत्नी का नाम (Wife’s Name)मंजू कुमारी सिन्हा
बेटे का नाम (Son’s Name)निशांत कुमार

नीतीश कुमार की शिक्षा (Nitish KumarEducation)

नीतीश कुमार ने बख्तियारपुर के श्री गणेश हाई स्कूल से अपनी 12 वीं कक्षा तक की पढ़ाई कर रखी है और 12 वीं पास करने के बाद इन्होंने बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में दाखिला लिया था.

दरअसल साल 2015 में इन्होंने लालू प्रसाद यादव  की पार्टी के साथ मिलकर सरकार बनाई थी और ये सरकार केवल दो साल तक ही चल पाई थी.

  • इनकी पार्टी ने लालू की पार्टी से अपना गठबंधन तोड़ दिया था. जिसके बाद अशरफ ने इनपर कई आरोप लगाए थे और कहा था कि ये शराब के करों की चोरी में शामिल हैं. At Jagran Josh, Kishan works as a Senior Content Writer (Multimedia Producer) in the GK section.

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    इस कॉलेज से इन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री सन् 1972 में प्राप्त की थी.

    नीतीश कुमार से जुड़ी जानकारी (Nitish KumarPersonal Details)

    • नीतीश को सुशासन बाबू के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इन्होंने अपने राज्य के सुशासन को सही करने के लिए कई अहम फैसले लिए थे.
    • इनके पिता कविराज भी राजनीति में काफी सक्रिय हुआ करते थे और वो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) का हिस्सा भी थे.

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  • साथ में ही ये अपनी पार्टी के महासचिव के रूप में भी चुने गए थे.
  • सन् 1996 में नीतीश फिर से ग्यारहवीं लोकसभा के सदस्य चुने गए थे और इस दौरान इन्हें सामान्य प्रयोजन समिति, अनुमान समिति, रक्षा समिति और संविधान संयुक्त समिति का सदस्य भी बनाया गया था.
  • साल 1998 में नीतीश 12वीं लोकसभा के लिए फिर से निर्वाचित हुए थे और इस बार इन्हें रेलवे मंत्री बनाया गया था.

    His expertise lies in transforming complex ideas into clear, compelling narratives that resonate with readers across various platforms. हालांकि साल 1999 में हुई गैसल ट्रेन आपदा के कारण इन्हें अपना ये मंत्री पद छोड़ना पड़ा था. इनके इन्हीं कार्यों के चलते इन्हें साल 2010 और साल 2015 में फिर से बिहार की जनता का साथ मिला था और ये इस राज्य के मुख्यमंत्री फिर से चुने गए थे.

    छह बार रहे चुके हैं बिहार के मुख्यमंत्री-

    • बिहार में नीतीश की सरकार कई बार गिर चुकी है और इस तरह से ये छह बार इस राज्य के सीएम रह चुके हैं.

      इन्होंने इस पद को 3 मार्च, साल 2000 में संभाला था और इसी साल 10 मार्च को इन्हें ये पद छोड़ना पड़ा था. इनका नाम हमारे देश के उन नेताओं में गिना जाता है और इनकी छवि एक धर्म निरपेक्ष नेता की भी है.