Rajesh khanna biography in hindi
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कृष्णमूर्ति’ थे और फिल्म में राजेश ने ‘राजा’ और ‘सोनू’ नाम का किरदार अभिनय किया था। इस फिल्म में मुख्य किरदारों को राजेश खन्ना, शबाना आज़मी और विनोद महरा ने अभिनय किया था।
साल 1980 की बात करे तो उस साल राजेश खन्ना ने 5 फिल्मो में अभिनय किया था। उन सभी फिल्मो में से फिल्म ‘आँचल’ और ‘थोडीसी बेवफाई’ को सबसे अधिक पसंद किया गया था। इन दोनों ही फिल्मो को बॉक्स ऑफिस में टॉप फिल्मो की सूचि में दर्ज किया गया था।
साल 1981 में भी राजेश ने फिल्म ‘धनवान’ और ‘दर्द’ में मुख्य किरदारों को दर्शाया था। इन दोनों ही फिल्मो को दर्शको ने बहुत पसंद किया था और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस में बेहतरीन कमाई के साथ अपना नाम सुपरहिट फिल्मो की सूचि में दर्ज किया था।
साल 1983 में राजेश ने 80 की दशक के सबसे लोकप्रिय फिल्म में अभिनय किया था। इस फिल्म का नाम ‘अवतार’ था जिसमे राजेश ने ‘अवतार कृशन’ नाम का किरदार अभिनय किया था। इस फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था और फिल्म ने भी बॉक्स ऑफिस में बेहतरीन कमाई की थी। इसके बाद उसी साल उन्हें फिल्म ‘सौतन’ में देखा गया था। यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस में सुपरहिट रही थी।
साल 1984 में उन्होंने पहले फिल्म ‘आज का एम.
राजेश खन्ना का जीवन परिचय – Rajesh Khanna biography
राजेश खन्ना पत्नी, परिवार, उम्र, बेटी
एक ऐसा बच्चा जिसका बाप ने अपनी आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से अपने बेटे को अपने भाई को सौंप दिया, जो आगे चलकर वो बच्चा फिल्म इंडस्ट्री का सबसे बड़ा सुपरस्टार बना। हाँ मैं बात कर रहा हूँ राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) की जिन्हे प्यार से लोग काका कहकर बहु पुकारते हैं लेकिन नाम है, हर कोई बस यही बोलता है कि ऊपर आका तो नीचे काका। भारतीय सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना जी को माना जाता है।
राजेश खन्ना का जन्म व परिवार
| Rajesh Khanna real name | जतिन खन्ना |
| Changed name | राजेश खन्ना |
| Nick name | काका |
| Rajesh Khanna Birth date | 29 दिसम्बर 1942 |
| Rajesh Khanna Age | 69 वर्ष |
| Rajesh Khanna Birth place | अमृतसर (पंजाब) |
| Rajesh Khanna father’s name | लाला हीरानंद (प्रिन्सपल)। चुन्नीलाल खन्ना/लीलावती खन्ना – गोद लेने वाले |
| Rajesh Khanna mother’s name | चंद्ररानी खन्ना |
| Rajesh Khanna brother’s name | नरेंद्र खन्ना |
| Rajesh Khanna sister’s name | एक बहन – कमला (डॉ) चंचल, विजय और मंजू |
| School | संत सेबेस्टियन गोआन हाई स्कूल मुम्बई |
| Collage/University | के.
सी. सीपी और नासिर हुसैन बने इनकी लाइफ के पहले प्रड्यूसर जिन्होंने राजेश खन्ना को साइन किया 1966 में आखिरी खत राजेश खन्ना की पहली फिल्म रिलीज हुई जो कि बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई जिसके निर्देशक थे देव आनंद के भाई चेतन आनंद चेतन आनंद। और जी.पी. कॉलेज, मुंबई |
| शैक्षिक योग्यता | कला में स्नातक |
| डेब्यू | फिल्म (अभिनेता)- आखिरी खत (1966) पार्श्व गायक- "ओ मेरे सजना ओ मेरे बलमा" (बहारों के सपने) लता मंगेशकर के साथ में राजनीति- वर्ष 1984 में, राजेश खन्ना ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लिए प्रचार शुरू किया। |
| परिवार | पिता - लाला हिरानंद (जैविक पिता, हेडमास्टर), चुन्नीलाल खन्ना (गोद लेने वाले पिता) माता- चंद्रराणी खन्ना (जैविक माँ), लीलावती खन्ना (गोद लेने वाली माँ) भाई- कोई नहीं बहन- कमला |
| धर्म | हिन्दू |
| पता | आशीर्वाद, कार्टर रोड, बांद्रा, मुंबई |
| शौक/अभिरुचि | कुंडली पढ़ना, खाना बनाना |
| विवाद | राजेश खन्ना की मौत के बाद, अनीता आडवाणी नामक एक महिला ने मुआवजे का दावा करते हुआ राजेश खन्ना के परिवार को एक नोटिस भेजा, उनका कहना था, की वह राजेश खन्ना के साथ एक रिश्ते में थी। |
| पसंदीदा चीजें | |
| पसंदीदा अभिनेता | गुरु दत्त, दिलीप कुमार |
| पसंदीदा अभिनेत्रियाँ | मीना कुमारी, गीता बाली |
| पसंदीदा रंग | लाल |
| प्रेम संबन्ध एवं अन्य जानकारियां | |
| वैवाहिक स्थिति | विवाहित |
| विवाह तिथि | मार्च 1973 |
| गर्लफ्रेंड व अन्य मामले | अंजू महेंद्रू (फैशन डिजाइनर और अभिनेत्री 1968-1972) टीना मुनीम (टीना अंबानी), (अभिनेत्री 1980-1987) अनीता आडवाणी (अफवाह) |
| पत्नी | डिंपल कपाड़िया, (अभिनेत्री, तलाक अप्रैल 1982) |
| बच्चे | बेटा- कोई नहीं बेटी- ट्विंकल खन्ना (इंटीरियर डिजाइनर, अभिनेत्री) रिंकी खन्ना (अभिनेत्री) |
| वास्तविक नाम | जतिन खन्ना |
| उपनाम | काका, पहला भारतीय सुपर स्टार |
| व्यवसाय | अभिनेता, निर्माता, राजनीतिज्ञ |
| शारीरिक संरचना | |
| लम्बाई (लगभग) | से० मी०- 173 मी०- 1.73 फीट इन्च- 5’ 8” |
| वजन/भार (लगभग) | 90 कि० ग्रा० |
| आँखों का रंग | काला |
| बालों का रंग | सफेद |
| व्यक्तिगत जीवन | |
| जन्मतिथि | 29 दिसंबर 1942 |
| मृत्यु तिथि | 28 जुलाई 2012 |
| आयु (28 जुलाई 2012 के अनुसार) | 69 वर्ष |
| जन्मस्थान | अमृतसर, पंजाब, भारत |
| स्वर्गवास स्थल | मुंबई, महाराष्ट्र, भारत |
| मृत्यु का कारण | कैंसर |
| राशि | मकर |
| राष्ट्रीयता | भारतीय |
| हस्ताक्षर | |
| गृहनगर | मुंबई, महाराष्ट्र |
| स्कूल/विद्यालय | सेंट सेबेस्टियन गोअन हाई स्कूल, मुंबई |
| महाविद्यालय/विश्वविद्यालय | नौरोजी वाडीया कॉलेज, पुणे के.सी. कॉलेज मुंबई, नौरोजी वाडिया कॉलेज (पुणे) |
| Education Qualification | Graduate in Arts (स्नातक) |
| Rajesh Khanna Home town | अमृतसर (पंजाब) |
| Rajesh khanna house/Add | आशीर्वाद कार्टर रोड बांद्रा, मुंबई (महाराष्ट्र) |
| Rajesh Khanna Profession | अभिनेता |
| Rajesh Khanna wife name | डिम्पल कपाड़िया |
| Rajesh Khanna Son’s name | एक भी नहीं हुआ |
| Rajesh Khanna Daughter’s name | रिंकी खन्ना, ट्विंकल खन्ना (Twinkle Khanna) |
| Rajesh Khanna death date | 28 जुलाई 2012 |
राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) का जन्म 29 दिसंबर 1942 को अमृतसर पंजाब में हुआ, पिता का नाम लाला हीरानंद खन्ना और माता जी का नाम चंद्ररानी खन्ना है। जन्म का समय इनका नाम जतिन खन्ना रखा गया था। इनका एक बड़ा भाई भी था नरेंद्र खन्ना। राजेश खन्ना का असली नाम जतिन खन्ना ही था। इनके पिता लाला हीरानंद एक अध्यापक हुआ करते थे जो बुरेवाला वेहारी पंजाब में पड़ता था। जो अब पाकिस्तान में स्थित है। राजेश खन्ना के पिता जी के बुरेवाला में एक खानदानी हवेली भी है, जिसका नाम था खन्ना हवेली, इसी आंगन में राजेश खन्ना का बचपन गुजरा और उस आंगन में राजेश खन्ना जी बहुत क्रिकेट खेलते थे।
राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) जब 6 साल के हुए थे तब भारत और पाकिस्तान का बंटवारा शुरू हो गया था, उसके बाद राजेश खन्ना के पिता जी भारत को चुनाव किया और वह वेस्ट पंजाब अमृतसर के गली तिवारियन में आकर बस गए, और रहने लगे। एक जगह से दूसरी जगह आने के बाद राजेश खन्ना के पिता जी के पास कोई दूसरी नौकरी भी नहीं थी। क्योंकि जो कुछ भी था उस वक्त भारत विभाजन से पहले वह भारत विभाजन के बाद सब छोड़ छाड़ के वे भारत आ गए। और यहां पर अमृतसर में बहुत सी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा, क्योंकि आर्थिक स्थिति उस वक्त इनकी बहुत खराब थी।
बच्चों का पालन पोषण तक नहीं कर पा रहे थे एक टाइम का खाना मिलना मुश्किल हो हो रहा था। और अंत में राजेश खन्ना के पिता जी ने मुंबई में रह रहे अपने भाई चुन्नीलाल खन्ना और उनकी पत्नी लीलावती खन्ना के पास मात्र 6 साल की उम्र में राजेश खन्ना जी ने जिम्मेदारी सौंप दी। राजेश खन्ना के दूसरे पिता चुन्नीलाल खन्ना मुंबई में एक रेलवे कांट्रेक्टर के रूप में काम किया करते थे। और मुंबई में सरस्वती निवास ठाकुरद्वार गिरगांव के पास चरनी रोड पर इनका घर था। और इस तरह राजेश खन्ना जी पहुंच गए 6 साल की उम्र में अपने दूसरे पिताजी के पास मुंबई में।
राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) जी को बचपन से इनके परिवार वाले काका कहकर बुलाया जाता था, पंजाबी भाषा में काका छोटे बच्चे को कहा जाता है। और आगे भविष्य में पूरी दुनिया इन्हे काका कहकर बुलाने लगे। इनकी बहने थी कमला, चंचल, विजय और मंजू इनमे एक बहन कमला यूके में एक डेंटिस्ट भी रह चुकी है।
राजेश खन्ना का फिल्मी करिअर (Rajesh Khanna Career)
मात्र 10 साल की उम्र में राजेश खन्ना जी नाटक में भाग लिया करते थे, स्कूल में राजेश खन्ना जी को बोंगू और ड्रम बजाने का भी बड़ा शौक था। और बहुत अच्छा भी बजाते थे, खन्ना जी के साथ में स्कूलों में एक और अभिनेता पढ़ा करते थे जो उस वक्त वह भी एक बच्चा ही थे उनका नाम था रवि कपूर जो बाद में आगे चलकर जितेंद्र कुमार बने। राजेश खन्ना जी कॉलेज के पहले 2 साल पढ़ें नौरोजी वाडिया कॉलेज में नवरोजी वादिया कॉलेज पुणे में 1959 से 1961 तक और उसके बाद किशनचंद चेलाराम कॉलेज मुंबई में राजेश खन्ना ने सन 1961 से लेकर 1963 तक पढ़ाई की और बीए की डिग्री पूरी कर ली।
इनकी पढ़ाई के दिनों में खूब ड्रामा में रुचि रहा करती थी, स्टेज शोज में इंटर कॉलेज ड्रामा में बहुत पार्टिसिपेट किया करते थे बहुत से ड्रामा में इन्हें अवार्ड दिए गए और बेस्ट एक्टर के खिताब भी मिले फिर मिला ऐसा नाटक जिसने इन्हें आगे बढ़ने की रास्ता दिखा दिए। 1962 में धर्मवीर भारती के लिखे नाटक अंधा युग में एक घायल सैनिक का किरदार निभाया था राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) ने स्टेज पर उन्होंने ऐसा किरदार निभाया चीफ गेस्ट ने कहा तुम्हें बेटा फिल्मों में काम करना चाहिए पर जतिन खन्ना यानी राजेश खन्ना के पिता को यह मंजूर नहीं था नहीं चाहते थे कि जतिन फिल्मों में काम करें।
लेकिन जतिन ने तो तय कर लिया था कि नहीं जाना है इन्होंने अपने मामा को बताया और ऐसे में इनके मामा की तलवार ने जतिन से इनका नाम बदल कर रख दिया राजेश खन्ना(Rajesh Khanna)। राजेश खन्ना अमीर परिवार में पहुंच चुके थे और हमेशा स्पोर्ट्स कारों में जाने के शौकीन थे और ऑडिशन देने भी जब फिल्मों के लिए जाने लगे तो कार हुआ करती थी एमजी स्पोर्ट्स कार उस में बैठकर ऑडिशन देने जाते और उस वक्त ऐसी कार किसी फिल्म स्टार के पास भी हो यह मुमकिन नहीं हुआ करता था।
उनकी कार अक्सर खड़ी होती थी चर्चगेट के पास एक रेस्टोरेंट के बाहर वहां पर कई निर्माता निर्देशकों का आना जाना लगा रहता था और ऐसे में लोग कहा करते थे कि कोई छोटा जूनियर आर्टिस्ट का रोल भी अगर आप मुझे दे दे तो अच्छा हो सपोर्ट मिल जाए तो भी मेरे लिए अच्छा होगा लेकिन राजेश खन्ना को सभी लोग अवॉइड कर दिया करते थे और वही उसके आसपास जो बिल्डिंग थी बालकनी से लड़कियां राजेश खन्ना को देखा करती थी क्योंकि राजेश खन्ना अलग प्रकार की कारों में आते थे और स्मार्ट दिखते थे। शंकर जयकिशन ने भी इंटरव्यू में कहा था कि वह कई बार वहां जाते थे
लेकिन उस वक्त राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) एक्टर नहीं थे और हम उन्हें पहचानते नहीं थे। फिर आया साल 1965 जब यूनाइटेड प्रोड्यूसर्स मिलकर एक आल इंडिया टैलेंट हंट शो करवाया जिसमें 10000 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया था उनमें से एक नाम था राजेश खन्ना इनकी उम्र 23 साल। यहां पर ध्यान देने वाली चीज यह है कि राजेश खन्ना जी उस जमाने में टैलेंट हंट के हिस्सा हुआ करते थे। उस जमाने के यूनाइटेड फिल्म टैलेंट हंट जिसमें राजेश खन्ना जी अव्वल आएं।
राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) कि पहली फिल्म
साल 1966 जब आया तब राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) को फिल्म में काम करने का मौका मिला और उनकी पहली फिल्म “आखरी खत” जिसको चेतन आनंद ने डायरेक्ट किया था जिसमें राजेश खन्ना को काम करने का मौका मिल और इस तरह उन्होंने फिल्मी दुनिया में अपना कदम रखा। फिर राजेश खन्ना जी को दूसरी फिल्म मिली जिसका नाम था राज जिसको रविंद्र दुबे ने डायरेक्ट की। उनकी पहली फिल्म “आखरी खत” भारत की तरफ से ऑस्कर के बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म के लिए चुना गया।
इनकी थोड़ी बहुत तारीफ तो हो रही थी लेकिन इनकी फिल्म कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर रही थी। उसी समय उस जमाने के बेहतरीन प्रोड्यूसर शक्ति समांथा राजेश खन्ना का एक जबरदस्त कहानी सुनाई जिसमें मेन लीड रोल अभिनेत्री का था। राजेश खन्ना जी ने कहा इसमें लीड रोल तो अभिनेत्री का इसमें मेरा क्या काम है। और इस फिल्म को करने से मना कर दिया, किसी तरह शक्ति सामंथा ने राजेश खन्ना जी को किसी तरह समझा-बुझाकर इस फिल्म को करने के लिए मना लिया।
इसके बाद राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) ने इस फिल्म में ऐसा काम किया कि लोग इनके फैन, इस फिल्म में इनका शायद डबल (जुड़वा) रोल था। इस फिल्म का नाम था आराधना, और फिल्म इंडस्ट्री के राजेश खन्ना बन गए उस जमाने के पहला सुपरस्टार। राजेश खन्ना की जोड़ी शर्मिला टैगोर के साथ खूब सराही गई, बाद में आशा पारेख और मुमताज के साथ भी देखना पसंद किया था। तनुजा के साथ भी इनकी जोड़ी को सराहा गया, खास करके मेरे जीवन साथी फिल्म में। राजेश खन्ना की दीवानगी ऐसी थी लोगों में खास करके लड़कियों में की लड़कियां राजेश खन्ना के गाड़ियों को चुमते थे।
ऐसी दीवानगी किसी और दूसरे सुपरस्टार में नहीं थी, जिस रास्ते से राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) जी गुजरते थे अपनी गाड़ी लेकर जो धूल उड़ती थी उससे लड़कियां अपने मांग भर लेती थी। इतना या नहीं बहुत सी लड़कियां तो राजेश खन्ना (Rajesh Khanna)की तस्वीर से ही शादी कर लिया करती थी उस जमाने में ऐसी दीवानगी थी राजेश खन्ना की।
एक साथ राजेश खन्ना ने कई सारे सुपरहिट फिल्में दी, बड़े बड़े अभिनेताओं की कुर्सी इन्होंने उस जमाने में हिला के रख दी थी। जबरदस्त डायरेक्टर ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म “आनंद” में ऐसा भी नहीं किया कि लोगों को हटाया गया और आया भी कुछ ऐसा फिल्म ही था। उसके बाद राजेश खन्ना को लेकर “नमक हराम” फिल्म बनाई जो सुपरहिट रही। इस फिल्म में इनके सपोर्टिंग हीरो थे अमिताभ बच्चन जी, और उस वक्त राजेश खन्ना और अंजुम महेंद्रु से अलग होने के बाद राजेश खन्ना ने जमाने के प्रसिद्ध अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया से शादी कर ली। इन दोनों के बीच की उम्र काफी अंतर था,
राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) की शादी
मार्च 1973 में राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) ने डिंपल कपाड़िया के साथ शादी की थी। और उसी समय ऋषि कपूर के साथ बॉबी फिल्म की शूटिंग हो रही थी और वह फिल्म अभी पूरी शूटिंग नहीं हुई थी।
जिस कारण राजेश खन्ना जी को बी.आर.
सेबेस्टियन’स गायन हाई स्कूल’, मुंबई से पूरी की थी। अभिनेता जितेंदर और राजेश खन्ना ने एक साथ इसी स्कूल से अपनी पढाई पूरी की थी और दोनों एक दूसरे के बहुत अच्छे मित्र भी थे। इसके बाद उन्होंने ‘नौरोसजी वाडिआ कॉलेज’ पुणे और ‘के. आर. एस. एल. कॉलेज’, मुंबई से अपने ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की थी।
राजेश खन्ना का पहले का नाम ‘जतिन खन्ना’ था। राजेश के अंकल ‘केके तलवार’ ने उनका पहला नाम ‘जतिन’ बदल कर उन्हें ‘राजेश’ नाम दिया था और वहीं से शुरू हुआ था ‘जतिन खन्ना’ से ‘राजेश खन्ना’, द सुपर स्टार बनाने का सफर।
18 जुलाई 2012 को मुंबई महाराष्ट्र में राजेश खन्ना का दिहांत हुआ था। राजेश काफी लम्बे समय से बीमार थे जिसकी वजह से उन्होंने कई समय अस्पतालों में भी गुज़ारे थे। साल 2012 में उन्होंने सभी को अल्विदा कह दिया था।
व्यवसाय जीवन
राजेश खन्ना का फिल्मो का शुरुआती दौर
राजेश खन्ना साल 1965 में पहले ऐसे भारतीय बने थे जिन्होंने लगभग 10000 से भी ज़्यादा प्रतियोगियों को पीछे छोड़ ‘आल इंडिया टैलेंट कांटेस्ट’ में भाग लिया था और साथ ही इस प्रतियोगिता के विजयता भी बने थे। इसके बाद, साल 1966 में उन्होंने अपने अभिनय की शुरुआत की थी। उनकी पहली फिल्म का नाम ‘आखरी खत’ था जिसके निर्देशक ‘चेतन आनंद’ थे। यह फिल्म दर्शको को बहुत पसंद आई थी।
उसके बाद साल 1967 में राजेश ने फिल्म ‘राज़’ और ‘औरत’ में भी अभिनय किया था। दोनों ही फिल्मो को बॉक्स ऑफिस में ठीक ठाक सफलता मिली थी। इसके बाद उसी साल उन्होंने फिल्म ‘बहारों के सपने’ में भी अभिनय किया था जिसके निर्देशक ‘नासिर हुसैन’ थे। साल 1968 में राजेश को फिल्म ‘श्रीमानजी’ में देखा गया था जिसमे उन्होंने एक कैमिओ किरदार दर्शाया था।
साल 1969 में राजेश को फिल्म ‘बंधन’ में देखा गया था। इस फिल्म में उन्होंने ‘चर्मचन्द’ उर्फ़ ‘धर्मा’ नाम का किरदार अभिनय किया था।
उसी साल राजेश खन्ना ने एक बड़ी फिल्म में अभिनय किया था जिसका नाम ‘अराधना’ था। इस फिल्म के निर्देशक ‘शक्ति समानता’ थे और फिल्म में राजेश ने ‘अरुण’ और ‘सूरज प्रसाद सक्सेना’ नाम के दो किरदारों को दर्शाया था। इस फिल्म में मुख्य किरदार को राजेश खन्ना और शर्मीला टैगोर ने दर्शाया था। फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था।
इसके बाद राजेश को फिल्म ‘इत्तेफ़ाक़’ में देखा गया था जिसके निर्देशक ‘यश चोपड़ा’ थे। फिल्म में राजेश के किरदार का नाम ‘दिलीप रॉय’ था और फिल्म में मुख्य किरदार को राजेश खन्ना, नंदा, बिंदु, मदन पूरी और इफ़्तेख़ार ने दर्शाया था। फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था।
साल 1970 में राजेश को फिल्म ‘सच्चा झूठा’, ‘आन मिलो सजना’, ‘सफर’, ‘खामोशी’ और ‘कटी पतंग’ में देखा गया था। इस सभी फिल्मो में से राजेश खन्ना की तीन फिल्मो को दर्शको ने बहुत पसंद किया था। उन फिल्मो के नाम ‘सच्चा झूठा’, ‘सफर’ और ‘कटी पतंग’ था। तीनो फिल्मो को दर्शको ने बहुत पसंद किया था और फिल्मो ने अपना नाम सुपरहिट फिल्मो की सूचि में दर्ज भी किया था।
साल 1971 में राजेश ने फिल्म ‘गुड्डी’ में एक कैमिओ किरदार दर्शाया था। इसके बाद उसी साल एक बार फिर राजेश एक सुपरहिट फिल्म का हिस्सा बने थे जिसका नाम ‘आनंद’ था। इस फिल्म के निर्देशक ‘हृषिकेश मुख़र्जी’ थे और फिल्म के डायलॉग को गुलज़ार ने लिखा था। फिल्म में राजेश के साथ अमिताभ बच्चन, सुमिता सान्याल, रमेश देओ और सीमा देओ ने मुख्य किरदारों को दर्शाया था। फिल्म को दर्शको ने भी बहुत पसंद किया था।
इसके बाद उसी साल उन्हें फिल्म ‘दुश्मन’ में देखा गया था, जिसमे उन्होंने ‘सुरजीत सिंह’ नाम का किरदार अभिनय किया था। इस फिल्म में मुख्य किरदारों को मीना कुमारी, मुमताज़ और राजेश खन्ना ने दर्शाया था। फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था।
साल 1972 में राजेश खन्ना को सबसे पहले फिल्म ‘अमर प्रेम’ में देखा गया था जिसके निर्देशक ‘शक्ति समानता’ थे। फिल्म में राजेश ने ‘आनंद बाबू’ नाम का किरदार अभिनय किया था और उनके साथ फिल्म में शर्मीला टैगोर, विनोद महरा, अभी भट्टाचार्य और मदन पूरी ने अभिनय किया था। फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था और फिल्म ने भी अपना नाम सुपरहिट फिल्मो की सूचि में दर्ज किया था।
उसी साल राजेश एक और सुपरहिट फिल्म का हिस्सा बने थे। इस फिल्म का नाम ‘बावर्ची’ था और फिल्म में राजेश खन्ना के किरदार का नाम भी ‘रघु’ उर्फ़ ‘बावर्जी’ ही था। फिल्म के निर्देशक ‘हृषिकेश मुख़र्जी’ थे और फिल्म में राजेश के साथ जया बाधुरी ने मुख्य किरदार को दर्शाया था। फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था और फिल्म ने अपना नाम सुपरहिट फिल्मो की सूचि में दर्ज किया था।
उसी साल राजेश को फिल्म ‘अनुराग’, ‘मालिक’, ‘दिल दौलत दुनिया’, ‘अपना देश’ जैसी फिल्मो में अभिनय किया था।
साल 1973 में राजेश खन्ना ने तीन सुपरहिट फिल्मो में अभिनय किया था। इनमे से सबसे पहली फिल्म का नाम ‘दाग: ए पोएम ऑफ़ लव’ था जिसके निर्देशक ‘यश चोपड़ा’ थे। फिल्म में राजेश के किरदार का नाम ‘सुनील कोहली’ था। इसके बाद उसी साल की दूसरी सुपरहिट फिल्म का नाम ‘नमक हराम’ था। इस फिल्म के निर्देशक ‘हृषिकेश मुख़र्जी’ थे और फिल्म में राजेश ने ‘सोमनाथ’ उर्फ़ ‘सोमू’ और ‘चन्दर सिंह’ नाम के किरदारों को दर्शाया था।
उसी साल की तीसरी सुपरहिट फिल्म का नाम ‘बॉम्बे सुपरस्टार’ था जो की एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म थी। इस फिल्म में उन्होंने अपने ही किरदार को दर्शाया था।
साल 1974 में भी राजेश चार सुपरहिट फिल्म का हिस्सा बने थे जिनका नाम ‘आप की कसम’, ‘प्रेम नगर’, ‘आविष्कार’ और ‘रोटी’ था। इन चारो फिल्मो में राजेश खन्ना ने मुख्य किरदारों को दर्शाया था और फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था।
साल 1975 और साल 1976 में भी राजेश खन्ना ने दो बड़ी फिल्मो में अभिनय किया था। साल 1975 में आई फिल्म का नाम ‘प्रेम कहानी’ था जिसके निर्देशक ‘राज खोसला’ थे और फिल्म में राजेश ने ‘राजेश कमलेश्वर नारायण’ नाम का किरदार दर्शाया था। साल 1976 में आई फिल्म का नाम ‘मेहबूबा’ था जिसके निर्देशक ‘शक्ति समानता’ थे। इस फिल्म में राजेश ने ‘प्रकाश’ और ‘सूरज’ नाम के दो किरदारों को दर्शाया था।
साल 1977 में राजेश ने 10 फिल्मो में अभिनय किया था लेकिन उन में से सिर्फ एक ही फिल्म को सुपरहिट फिल्मो की सूचि में दर्ज किया गया था। उस फिल्म का नाम ‘अनुरोधा’ था जिसके निर्देशक ‘शक्ति समानता’ थे। फिल्म में मुख्य किरदार को राजेश के साथ विनोद महरा, डिंपल कपाडिया, रीता बहादुरी और अशोक कुमार ने दर्शाया था।
साल 1978 में राजेश ने फिल्म ‘भोला भाला’, ‘नौकरी’, ‘चमत्कार’ और ‘चक्रव्यू’ में अभिनय किया था। इन सभी फिल्मो में से फिल्म ‘चक्रव्यू’ को दर्शको ने सबसे ज़्यादा पसंद किया था।
साल 1979 में भी राजेश खन्ना ने सुपरहिट फिल्म ‘अमर दीप’ में अभिनय किया था। इस फिल्म के निर्देशक ‘आर.
के. रवैल, नासिर हुसैन, जे. सी. तिरुलोकचन्द्र’ थे और फिल्म में राजेश ने ‘बाबू’ नाम के किरदार को ही दर्शाया था।
साल 1986 की सुपरहिट फिल्म का नाम ‘अमृत’ था। इस फिल्म को दर्शको ने बहुत पसंद किया था। फिल्म के निर्देशक ‘मोहन कुमार’ थे और फिल्म में राजेश ने ‘अमृत लाल शर्मा’ नाम का ही किरदार अभिनय किया था। साल 1987 में राजेश को फिल्म ‘आवाम’ में देखा गया था जिसके निर्देशक ‘बी.