Short biography of james watt in hindi
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हैन्ड्सवर्थ, बर्मिंघम, इंग्लैंड
1769 में भाप इंजन का अविष्कार कर के जेम्स वाट ने उद्योगिक क्षेत्र में क्रांति ला दी। जेम्स वाट से पहले थॉमस न्यूकोमन ने भाप इंजन का अविष्कार किया था, लेकिन वो ठीक से चलता नहीं था। 1763 में वाट की वर्कशॉप में वो भाप इंजन ठीक होने आया। इसमें एक ही सिलिंडर था, जेम्स वाट ने इस इंजन में भाप को इकट्ठा करने के लिए एक कंडेनसर लगा दिया। शून्य की स्थिति को बनाए रखने के लिए पिस्टन की पेकिंग को दुरुस्त और मजबूत किया और एक वायुपम्प लगा दिया। इस तरह से इन्होने सुधार किया।
प्रारंभिक जीवन – Early Life of James Watt
जेम्स वाट का जन्म स्कॉटलैंड के ग्रीनोक में 19 जनवरी, 1736 को हुआ था लेकिन बाद में उनका परिवार इंग्लैंड में बरमिंघम शहर में रहने लगा। वे अपने 8 भाई-बहिनों में छठे थे। उनके पिता जहाज के मलिक और ठेकेदार थे और साथ ही गाँव के मुख्य बेली भी थे, जबकि उनकी माता एग्नेस मुईरहेड, एक अच्छी पढ़ी-लिखी महिला थी जिसका संबंध एक टूटे हुए परिवार से था। उनके माता और पिता दोनों ही पादरी संघ शासित गिरजे के सदस्य थे। वाट के दादा, थॉमस वाट गणित के शिक्षक और बेली थे।
जेम्स वाट को बचपन में ही यह लगने लगा था कि वे आगे चलकर जरूर कुछ ऐसा करेंगे जो नया सबसे आश्चर्यचकित कर देने वाला होगा। जेम्स वाट बचपन से ही अत्यंत गंभीर प्रवृत्ति के थे। आम बच्चों में होने वाली चंचलता और चुलबुलाहट उनमें बहुत कम थी। वह खेल भी ऐसे खेलते थे जिनमें उनकी गंभीरता साफ तौर पर प्रकट होती थी।
कहा जाता है कि एक बार उनकी मां उन्हें चूल्हे के पास बैठाकर किसी कार्य में लग गई। जेम्स चूल्हे पर रखी कोटली को बहुत ध्यान से देख रहे थे। उन्होंने देखा की कोतली में उबल रहे पानी का वाष्प बार-बार कोतली के ढक्कन को उठा दे रहा है। उन्होंने केतली पर एक कंकर रख दिया फिर भी थोड़ी देर बाद डक्कन उठ गया तभी उन्हें लगा कि जरूर वाष्प में कोई ना कोई शक्ति है। अत्यंत गंभीर प्रकृति के जेम्स वाट बचपन में ही निरंतर नई-नई चीजों की तरफ आकर्षित होते और उनके संदर्भ में विचार करते। कई बार वह ऐसे प्रश्न भी कर देते जिनका उत्तर देना बड़ों-बड़ों के लिए मुश्किल हो जाता।
वाट रोजाना स्कूल भी नही जाते थे, शुरू में उनकी माँ ही उन्हें घर पर पढ़ाती थी लेकिन बाद में उन्होंने ग्रीनोक्क ग्रामर स्कूल जाना शुरू किया। स्कूल के दिनों में उन्होंने निपुणता से अपने इंजीनियरिंग गुणों और गणित के गुणों का प्रदर्शन किया था, लेकिन लैटिन और ग्रीक भाषा में उनकी ज्यादा रूचि नही थी।
जेम्स वाट का कैरियर – James Watt Life History
1753 में माता के अचानक देहावसान तथा पिता के व्यापार में घाटे ने उनके जीवन की दशा ही बदल दी। उन्हें अपरेंटिस का काम करने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसके बाद पेट भरने के लिए एक घड़ी निर्माता के यहां काम करने के साथ कई छोटे-मोटे कार्य भी करने पड़े। 1757 में जेम्स ने अपनी छोटी-सी वर्कशॉप बना ली, जिसमें वह यान्त्रिक उपकरण ठीक करने लगे।
इसी बीच उन्हें गुप्त ताप की खोज की घटना के बाद भाप सम्बन्धी शक्ति का ध्यान हो आया। उन्हीं दिनों विश्वविद्यालय में एक धीरे-धीरे काम करने वाला अधिक ईधन लेने वाला एक इंजन मरम्मत के लिए आया। जेम्स ने इसे सुधारने का बीड़ा उठाया और उन्होंने उसमें लगे भाप के इंजन में एक कण्डेन्सर लगा दिया, जो शून्य दबाव वाला था, जिसके कारण पिस्टन सिलेण्डर के ऊपर नीचे जाने लगा। पानी डालने की जरूरत उसमें नहीं थी।
शून्य की स्थिति बनाये रखने के लिए जेम्स ने उसमें एक वायुपम्प लगाकर पिस्टन की पैकिंग मजबूत बना दी। घर्षण रोकने के लिए तेल डाला तथा एक रटीम टाइट बॉक्स लगाया, जिससे ऊर्जा की क्षति रुक गयी। इस तरह वाष्प इंजन का निर्माण करने वाले जेम्स वाट पहले आविष्कारक बने
जेम्स ल्यूनर सोसाइटी के एक महत्वपूर्ण सदस्य थे। ल्यूनर सोसायटी बर्मिघम स्थित एक ऐसा प्रतिष्ठित क्लब था, जिस के सदस्य जाने माने उद्योगपति और वैज्ञानिक हुआ करते थे। इसके सदस्य 1765 से 1813 के बीच नियमित रुप से बैठक कर वैज्ञानिक क्षेत्र की समस्याओं तथा उनके समाधान के उपायों के बारे में गहन विचार विमर्श करते थे।
उस जमाने मे स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था ना होने के कारण क्लब की बैठक के ‘फुल मून’ यानी पूर्णिमा के दिन हुआ करती थी। जेम्स इस क्लब की जान थे। उन्होंने अपने शोध कार्यों के दौरान पाया कि यदि भाप इंजन की गति को नियंत्रित करने का कोई उपाय हो सके तो इंजन को उपयोगी बनाया जा सकता था। उन्होंने भाप इंजन की गति को नियंत्रण करने के लिए सेंट्रीफ्यूगल गवर्नर को अपनाया। वैसे, पवनचक्की और पनचक्की की गति नियंत्रित करने के लिए सेंट्रीफ्यूगल गवर्नर का पहले से इस्तेमाल किया जा रहा था। जेम्स के सर्कुलर मोशन को स्ट्रेट लाइन मोशन में परिवर्तित करने के लिए पैरेलल मोशन लिंकेज का आविष्कार किया।
उन्होंने इंजन के पूरे कार्यचक्र के दौरान सिलेंडर में भाप के दबाव की माप करने के लिए स्टीम इंडिकेटर डायग्राम को भी इजाद किया। इससे पहले इंजन की छमता की जानकारी करने में आसानी हो गई। जेम्स ने भोथरे किस्म के भाप इंजन में ऐसा सूक्षम परिवर्तन किए कि उसका इस्तेमाल सरल और व्यवहारिक हो गया।
आज संपूर्ण विश्व जिन वैज्ञानिकों की खोज का सर्वाधिक उपयोग करता है जेम्सवाट उन महान वैज्ञानिको मे एक है। जब संपूर्ण विश्व ऊर्जा के किसी मजबूत एवं कारगर स्रोत की तलाश में था तब इन्होंने भाप इंजन के स्वरुप में परिवर्तन कर उसे सर्वाधिक उपयोगी बनाने का कार्य किया। आधुनिक विश्व जिस औद्योगिक क्रांति के महानतम दौर से गुजर कर वर्तमान तक आया है उसे उद्योगिक क्रांति का आधार ही जेम्स वाट के आविष्कारों पर टिका था। उससे पहले संपूर्ण औद्योगिक व्यवस्था मूलत: पशु शक्ति और मानव की शारीरिक शक्ति पर आश्रित थी। यही कारण है कि शक्ति की एक महान इकाई का नाम ‘हॉर्स पावर’ भी है। जेम्स वाट ने ही पहली बार यह प्रतिपादित किया की जल के वाष्प में अकूत शक्ति है और अगर उसे समायोजित कर एक निश्चित केंद्र-बिंदु पर प्रक्षित किया जाए तो उससे प्राप्त होने वाली शक्ति से बड़ी से बड़ी मशीनें चलाई जा सकती है।
1764 में उन्होंने मार्गरेट मिलर से शादी कर ली और उन्हें पाँच बच्चे भी हुए, लेकिन उनमे से दो ही युवावस्था तक जीवित रह सके : जेम्स जूनियर (1769-1848) और मार्गरेट (1767-1796)। उनकी पत्नी 1772 में एक बच्चे हो जन्म देते हुए मृत्यु हो गयी थी। 1777 में उन्होंने दोबारा एन्न मैकग्रेओर से शादी कर ली, जो ग्लासगो डाई-मेकर (Dye-Maker) की बेटी थी। उनसे उन्हें दो बच्चे हुए : पहले ग्रेगोरी (1777-1804) जो भूवैज्ञानिक और खनिज विज्ञानी थे और दुसरे बेटे जेनेट (1779-1794) थे। जेम्स वाट 83 वर्ष की उम्र मे इस दुनिया से अलविदा कर गये।
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जेम्स वाट – James Watt एक स्कॉटिश खोजकर्ता, मैकेनिकल इंजिनियर और केमिस्ट थे, जिन्होंने वाट स्टीम इंजन की खोज कर उद्योगिक दुनिया में क्रांति का दी थी, उस समय इसका ज्यादातर उपयोग ग्रेट ब्रिटेन और बाकी दुसरे देशो में हो रहा था। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में प्रभावशाली बदलाव किये थे।
जेम्स वाट की जीवनी – James Watt Biography In Hindi
ग्लासगो यूनिवर्सिटी में उपकरण बनाने वाले के पद पर काम करते हुए जेम्स को स्टीम इंजन के तंत्रज्ञान में रूचि आने लगी। उन्होंने जाना की आधुनिक इंजन सिलिंडर को बार-बार ठंडा और गर्म करने की प्रक्रिया में बहुत सी उर्जा व्यर्थ गवाते है। तभी जेम्स वाट ने एक डिजाईन का विस्तार किया, जो एक अलग कंडेंसर था, इस कंडेंसर से उर्जा व्यर्थ नही होती थी और इससे इंजन की ताकत, कार्यक्षमता और कीमत में भी प्रभावशाली बदलाव देखने मिले। परिणामतः उन्होंने अपने इंजन को परिक्रमण (Rotary Motion) करने लायक बनाया और इसकी कार्यक्षमता भी बढ़ायी।
इसके साथ ही उन्होंने हॉर्सपॉवर की संकल्पना और SI यूनिट ऑफ़ पॉवर, वॉट को भी विकसित किया, जिसे उन्ही के नाम से हम जानते है।
जीवनी –
जेम्स वाट का जन्म 19 जनवरी 1736 को क्लाईड की संकरी खाड़ी में ग्रीनोक्क बंदरगाह पर हुआ था। उनके पिता जहाज के मालक और ठेकेदार थे और साथ ही गाँव के मुख्य बेली (Baillie) भी थे, जबकि उनकी माता एग्नेस मुईरहेड, एक अच्छी पढ़ी-लिखी महिला था जिसका संबंध एक टूटे हुए परिवार से था। उनके माता और पिता दोनों ही पादरी संघ शासित गिरजे के सदस्य थे। वाट के दादा, थॉमस वाट गणित के शिक्षक और बेली (Baillie) थे। धार्मिक माता-पिता के हातो बड़े होने के बावजूद बाद में वे Adeist बने थे।
वाट रोजाना स्कूल भी नही जाते थे, शुरू में उनकी माँ ही उन्हें घर पर पढ़ाती थी लेकिन बाद में उन्होंने ग्रीनोक्क ग्रामर स्कूल जाना शुरू किया। स्कूल के दिनों में उन्होंने निपुणता से अपने इंजीनियरिंग गुणों और गणित के गुणों का प्रदर्शन किया था, लेकिन लैटिन और ग्रीक भाषा में उनकी ज्यादा रूचि नही थी।
जब वे 18 साल के थे तभी उनकी माता की मृत्यु हो गयी थी और इसके बाद उनके पिता की सेहत भी ख़राब होती गयी। बाद में उपकरणों का अभ्यास करने के लिये उन्होंने लन्दन (London) की यात्रा की और फिर स्कॉटलैंड वापिस आ गये।ग्लासगो में बहुत से आर्थिक शहरो की यात्रा करने के बाद उन्होंने खुद का उपकरण बनाने का व्यवसाय शुरू करने की ठानी। वहाँ वे पीतल के वृत्तपाद, समांतर मापक, स्केल, टेलिस्कोप के कुछ अंग और बैरोमीटर बनाने और उनके ठीक करने का काम करने लगे। सात सालो तक शिक्षार्थी बनकर सेवा ना करने की वजह से ग्लासगो से उनके एप्लीकेशन को ब्लॉक किया गया, स्कॉटलैंड में उनके अलावा और दूसरा कोई भी उपकरण बनाने वाला इंसान नही था।
लेकिनबाद में ग्लासगो यूनिवर्सिटी में उन्होंने ऐसे उपकरणों को बनाना शुरू किया जिनपर ज्यादा ध्यान देने की जरुरत होती है। में वाट ने ऐसे उपकरणों को भी ठीक किया जो कभी चल भी नही सकते थे। उन्होंने अपनी प्रयोगशाला में उन उपकरणों को स्थापित किया। उनकी प्रतिभा को देखते हुए तीन प्रोफेसर ने उन्हें यूनिवर्सिटी में ही उन्हें एक छोटी कार्यशाला बनाने का मौका भी दिया।वही 1757 के शुरू में ही फिजिक्स और केमिस्ट्री के दो प्रोफेसर जोसफ और स्मिथ, वाट के अच्छे दोस्त बन गये थे।
सबसे पहले वाट यूनिवर्सिटी में काम आने वाले उपकरणों को बनाते और उन्हें ठीक भी करते थे, और बाद में वे कुछ महत्वपूर्ण उपकरणों को भी बनाने लगे थे। फिर 1759 में जॉन क्रैग की पार्टनरशिप में उन्होंने एक छोटे से व्यवसाय की शुरुवात की ताकि वे अपने द्वारा बनाये गए खिलौनों और संगीत उपकरणों को बेच सके। उनकी यह पार्टनरशिप तक़रीबन 6 सालो तक चली और इस बिच 16 कामगार उनके हात के निचे काम करते थे। 1765 में क्रैग की मृत्यु हो गयी। फिर बाद में व्यवसाय के ही एक कार्यकर्ता एलेक्स गार्डनर ने व्यवसाय को अपना लिया और उनके द्वारा स्थापित यह व्यवसाय तक़रीबन सफल रूप से 20 वी शताब्दी तक चला था।
1764 में उन्होंने मार्गरेट मिलर से शादी कर ली और उन्हें पाँच बच्चे भी हुए, लेकिन उनमे से दो ही युवावस्था तक जीवित रह सके : जेम्स जूनियर (1769-1848) और मार्गरेट (1767-1796)। उनकी पत्नी 1772 में एक बच्चे हो जन्म देते हुए भगवान को प्यारी हो गयी थी। 1777 में उन्होंने दोबारा एन्न मैकग्रेओर से शादी कर ली, जो ग्लासगो डाई-मेकर (Dye-Maker) की बेटी थी। उनसे उन्हें दो बच्चे हुए : पहले ग्रेगोरी (1777-1804) जो भूवैज्ञानिक और खनिज विज्ञानी थे और दुसरे बेटे जेनेट (1779-1794) थे।
जेम्स वाट – James Watt का छः चीजो पर एकल अविष्कार का पेटेंट है:
• पेटेंट 913 A उन्होंने स्टीम इंजन में अलग से कंडेंसर को लगाकर उसका उपयोग करने की विधि बतायी थी। इसे 5 जनवरी 1769 को अपनाया गया था, जबकि 29 अप्रैल 1769 को इसे नामांकित किया गया था और 1775 में संसद में इसे जून 1800 तक बढ़ा दिया गया था।
• पेटेंट 1,244 शब्दों को कॉपी करने की नयी विधि बतायी, इस बदलाव को 14 फरवरी 1780 में अपनाया गया और 31 मई 1780 में इसे नामांकित किया गया था।
• पेटेंट 1,306 सूरज और ग्रह की परिक्रमण गति को बढ़ाने की नयी विधि बतलायी। इस बदलाव को 25 अक्टूबर 1781 में अपनाया गया और 23 फरवरी 1782 को इसे नामांकित किया गया।
• पेटेंट 1,432 स्टीम इंजन में उन्होंने कयी सुधार किये – जिसमे तीन बार मोशन और स्टीम कैरिज लगाया गया। इस बदलाव को 28 अप्रैल 1782 को अपनाया गया और 25 अगस्त 1782 को इसे नामांकित किया गया।
• पेटेंट 1,321, स्टीम इंजन में उन्होंने कयी सुधार किये – उसकी कार्यक्षमता बढ़ायी और डिजाईन भी बदला। इस बदलाव को 14 मार्च 1782 को अपनाया गया और 4 जुलाई 1782 को इसे नामांकित किया गया।
• पेटेंट 1,485 भट्टी के निर्माण की नयी विधि बतायी। इस बदलाव को 14 जून 1785 को अपनाया गया और 9 जुलाई 1785 को नामांकित किया गया।
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Editorial Team
जेम्स वाट की जीवनी, आविष्कार और योगदान
जेम्स वाट (१ invent३६-१ renowned१ ९) एक प्रसिद्ध स्कॉटिश इंजीनियर और आविष्कारक थे जिनके स्टीम इंजन में सुधार इसके विस्तार के लिए मूलभूत थे और फलस्वरूप, प्रथम औद्योगिक क्रांति को संभव बनाया, जिसने इस समय के समाज में महान बदलावों को निहित किया.
जब इस आविष्कारक के बारे में बात करते हुए एक वाट की कहानी को अक्सर उबलते हुए फूलगोभी की दृष्टि से मोहित किया जाता है; विशेष रूप से, उस बल का निरीक्षण करना जो भाप ढक्कन पर फैला था। संस्करण भिन्न होते हैं: कुछ वाट में वह युवा है और अन्य में वह बड़ा है। देखी गई वस्तु भी उसके मालिक को बदल देती है, जिसका श्रेय माँ को दिया जाता है और अन्य बार उसकी चाची को.
यह निश्चित है कि यह सरल कहानी उस आकर्षण का प्रतीक है जिसके कारण जेम्स वाट अपने समय के सबसे प्रभावशाली पुरुषों में से एक बन गया था.
उनके सम्मान में, उनके नाम पर कई जगह हैं। इनमें वॉट लाइब्रेरी, ग्रीनॉक में स्थित हैं; जेम्स वाट विश्वविद्यालय, अपने गृहनगर में भी स्थित है; एडिनबर्ग में स्थित हेरियट-वाट विश्वविद्यालय; और पूरे यूनाइटेड किंगडम में कुछ विज्ञान संकाय.
सूची
- 1 जीवनी
- 1.1 ग्लासगो लौटें
- 1.2 बॉल्टन और वाट: एक क्रांति की शुरुआत
- १.३ पिछले साल
- 2 आविष्कार
- 2.1 मशीन की विफलता
- 2.2 सुधार का समय
- २.३ रासायनिक प्रयोग
- २.४ अन्य आविष्कार
- 3 योगदान
- 4 संदर्भ
जीवनी
जेम्स वाट का जन्म 19 जनवरी, 1736 को स्कॉटलैंड के स्कॉटलैंड शहर ग्रीनॉक में हुआ था। एक सफल व्यापारी का बेटा और जहाजों का निर्माता, वत्स एक बच्चा था जिसका स्वास्थ्य बहुत नाजुक था.
प्राथमिक विद्यालय से उन्होंने केवल ज्यामिति, लैटिन और ग्रीक सीखा, क्योंकि उन्हें अपने माता-पिता द्वारा घर पर शिक्षित किया गया था। यह वहीं था जहाँ उनकी माँ ने उन्हें लिखना और पढ़ना सिखाया, साथ ही जहाँ उन्होंने अंकगणित सीखा.
वाट ने अपना अधिकांश समय अपने पिता की कार्यशाला में बिताया। वहां उनके पास उपकरण और एक फोर्ज था, जिसके साथ उन्होंने अपने पिता के जहाजों को सुधारना और मजबूत करना सीखा। यह वह था जिसने जेम्स को लकड़ी और धातु के उपकरणों और कलाकृतियों को बनाना सिखाया था.
युवा वाट ने जल्द ही एक खेल के साथ बढ़ईगीरी का व्यापार सीखा, जो उनके पिता ने उन्हें दिया था: इस पूर्ववत के साथ, उन्होंने अपने खिलौनों को संशोधित किया और उन्हें नई चीजों में बदल दिया।.
जेम्स की माँ की मृत्यु हो गई जब वह केवल सत्रह साल का था; कुछ समय बाद, उनके पिता के व्यवसाय में तेजी से गिरावट आई। इन घटनाओं ने जेम्स को नई जगहों पर बेहतर अवसरों की तलाश करने के लिए प्रेरित किया.
1755 में, वाट इंग्लैंड की राजधानी लंदन में बस गए, गणितीय उपकरणों की एक कार्यशाला में प्रशिक्षु के रूप में अभ्यास करने के लिए। उस समय में उन्होंने नेविगेशन से संबंधित उपकरण बनाना सीखा। युवा वाट ने एक साल बाद स्कॉटलैंड लौटने का फैसला किया, क्योंकि उन्होंने लंदन में एक असहज और अप्रिय वातावरण देखा.
ग्लासगो वापस लौटें
जेम्स वाट एक उपकरण निर्माता के रूप में, स्कॉटलैंड की राजधानी ग्लासगो में खुद को स्थापित करना चाहते थे। हालांकि, ग्लासगो के लोहार गिल्ड ने अपने उपकरणों के व्यापार की संभावना को प्रतिबंधित कर दिया। लोहारों ने तर्क दिया कि उसे अपने उपकरणों का व्यापार करने से पहले कम से कम सात साल के लिए प्रशिक्षु होना चाहिए.
इस घटना ने 1756 में वाट को ग्लासगो विश्वविद्यालय का नेतृत्व किया। उनका पहला काम जमैका स्थित एक स्कॉटिश व्यापारी अलेक्जेंडर मैक्फर्लेन से संबंधित खगोलीय उपकरणों की एक शिपमेंट की मरम्मत करना था। इन कलाकृतियों का एक हिस्सा तब अध्ययन के उक्त घर के वेधशाला में स्थापित किया गया था.
यह ग्लासगो विश्वविद्यालय में था कि वाट ने बड़ी संख्या में वैज्ञानिकों से मुलाकात की। उनमें से आधुनिक रसायन विज्ञान और गर्मी के अध्ययन के पिता जोसेफ ब्लैक हैं, जिनके साथ उन्होंने भाप इंजन के विकास के लिए एक बुनियादी संबंध स्थापित किया.
1759 में वाट जेम्स क्रेग, वास्तुकार और व्यवसायी से मिले। दोनों ने एक व्यावसायिक संबंध बनाया: छह साल के लिए वॉट्स ने ट्रोंगेट में एक छोटी कार्यशाला में क्वाड्रेन्ट्स, माइक्रोस्कोप और अन्य ऑप्टिकल उपकरणों का निर्माण किया।.
1763 में वह बर्तनों के शेयरधारक बन गए Delftfield Pottery Co.
Watt ने सिविल इंजीनियर के रूप में भी काम किया, फोर्थ और क्लाइड और कैलेडोनियन नहरों के विभिन्न निरीक्षण और निर्माण कार्य किए।.
वाट ने 1764 में अपने चचेरे भाई मार्गरेट मिलर से शादी की, जिनसे उनके पांच बच्चे थे। इनमें से, केवल दो वयस्कता के लिए रहते थे: जेम्स जूनियर और मार्गरेट। आठ साल बाद, वाट एक विधुर बन गया.
बोल्टन और वाट: एक क्रांति की शुरुआत
वाट ने अपने जीवन के अगले साल 1774 में बर्मिंघम जाने से पहले स्टीम इंजन के डिजाइन को सुधारने में बिताए.
वहां उन्होंने मैथ्यू बोल्टन, औद्योगिक मैग्नेट और सोहो फाउंड्री के मालिक के साथ मिलकर काम किया। एक संदिग्ध व्यक्ति होने के नाते, वाट व्यवसाय में कुशल नहीं था। हालांकि, बॉल्टन के साथ उनकी दोस्ती ने उन्हें अपनी मशीन को प्रचारित करने और अमीर होने की अनुमति दी.
एक साल बाद फाउंड्री को वॉट स्टीम इंजन बनाने के दो ऑर्डर मिले। 1776 में मशीनों को स्थापित किया गया था; इसकी सफलता फैल गई और फाउंड्री को विनिर्माण ऑर्डर मिलते रहे। 1777 में वाट ने एन मैकग्रेगर से शादी की, जो एक निर्माता की बेटी थी; इस दूसरी शादी से ग्रेगरी, जेनेट और ऐन का जन्म हुआ.
बोल्टन के साथ साझेदारी ने वाट को अपने स्टीम इंजन को न्यूकमेन की तुलना में पांच गुना अधिक कुशल बनाने के लिए प्रेरित किया। जल्द ही इसके आविष्कार का उपयोग खदानों, कारखानों, मिलों, ढलाई और बनावट में किया गया। इस क्षण से, औद्योगिक क्रांति पूरे विश्व में आकार लेना और विस्तार करना शुरू करती है.
पिछले साल
स्टीम इंजन में सुधार ने जेम्स वाट को एक अमीर आदमी में बदल दिया: उन्होंने 1800 में सेवानिवृत्त हुए, स्कॉटलैंड में कॉटेज खरीदा, अपनी पत्नी के साथ फ्रांस और जर्मनी की यात्रा की, और विज्ञान और कला के लिए समर्पित समाजों में भाग लिया.
वाट के योगदान को उनके जीवन के दौरान व्यापक रूप से मान्यता दी गई थी: वे लंदन के रॉयल सोसाइटी के सदस्य थे और एडिनबर्ग के रॉयल सोसाइटी के भी। ग्लासगो विश्वविद्यालय ने उन्हें 1806 में डॉक्टर ऑफ लॉज़ की उपाधि से सम्मानित किया, फ्रांसीसी विज्ञान अकादमी ने उन्हें 1814 में सदस्य नियुक्त किया और उन्हें बैरन की उपाधि भी प्रदान की गई, लेकिन वाट ने इसे अस्वीकार कर दिया।.
आविष्कार ने जेम्स वाट के जीवन में एक केंद्रीय स्थान पर कब्जा कर लिया। सेवानिवृत्त होने के बाद, उन्होंने 19 अगस्त, 1819 को मरने तक एक छोटे से कार्यशाला में नए उपकरणों को तैयार किया। उनके योगदान ने ब्रिटेन को दुनिया का पहला औद्योगिक समाज बनने की अनुमति दी।.
Inventos
जेम्स क्रेग के साथ उनके संबंध के बाद से, वाट को भाप के इंजनों के डिजाइन में दिलचस्पी हो गई और यह 1763 तक नहीं था जब उन्हें उनके अध्ययन का अवसर मिला: प्राकृतिक दर्शन के प्रोफेसर जॉन एंडरसन ने वाट्स को स्टीम इंजन की मरम्मत के लिए कमीशन किया 1711 में थॉमस न्यूकमेन.
वाट मशीन की मरम्मत करने में सक्षम था, लेकिन लंबे समय तक उपयोग के बाद यह हमेशा क्षतिग्रस्त हो गया था। यह पता लगाने के लिए वाॅट में कई परीक्षण हुए कि न्यूकोमेन की मशीन की मूलभूत त्रुटि इसके डिजाइन में थी न कि इसके घटकों में.
मशीन की विफलता
न्यूकमेन मशीन में निम्नलिखित त्रुटि थी: स्टीम को उसी सिलेंडर में संघनित किया गया था जिसमें उसे पिस्टन को स्थानांतरित करने के लिए विस्तार करना था। वाट ने अनुमान लगाया कि प्रत्येक चक्र के लिए ऊर्जा की बर्बादी 80% थी, क्योंकि आपको पिस्टन को धकेलने के लिए भाप को गर्म होने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था.
दो साल बाद, ग्लासगो ग्रीन पार्क के माध्यम से चलते समय ग्लासगो समस्या का समाधान करने के लिए आया था: एक कंडेनसर के रूप में सेवा करने के लिए एक अलग सिलेंडर। इससे अधिक ईंधन की बचत होगी और भाप इंजन की दक्षता में सुधार होगा.
वाट के समाधान ने पिस्टन को गर्मी रखने की अनुमति दी, जबकि भाप एक अलग सिलेंडर में संघनित हो गई; इस कंडेनसर ने पिस्टन को बार-बार गर्म करने और ठंडा करने से बड़ी मात्रा में गर्मी से बचा लिया। वाट 1765 में पहला पूरी तरह कार्यात्मक मॉडल बनाने में सक्षम था.
इस अवधि के दौरान उनके सबसे महान फाइनेंसरों में से एक जोसेफ ब्लैक थे। उन्होंने जॉन कैरबॉक के प्रसिद्ध कैरॉन फाउंड्री के प्रभारी से भी उनका परिचय कराया। रूबैक और वाट ने चार साल तक एक साथ काम किया, जब तक कि वित्तीय समस्याओं ने 1773 में रोएबेक को फाउंड्री को पंगु बनाने के लिए मजबूर नहीं किया.
इसके तुरंत बाद, वॉट मैथ्यू बोल्टन से मिले और उनके साथ हुए व्यापारिक रिश्ते ने उन्हें अपने आविष्कार के लिए खुद को पूरी तरह से समर्पित करने की अनुमति दी। बौल्टन कारखाने में वह अपने भाप इंजन के विभिन्न संस्करण बनाने में सक्षम था.
सुधार का समय
वाट मशीनों का व्यापक रूप से उपयोग किया गया और इसकी प्रसिद्धि पूरे यूनाइटेड किंगडम में फैल गई। हालांकि, भाप इंजन में सबसे बड़ी प्रगति 1781 और 1788 के बीच की गई थी। वाट ने जो संशोधन किए थे, वे मशीन को प्रभावी ढंग से भाप का उपयोग करने की अनुमति देते थे।
किए गए सुधारों में एक डबल एक्शन पिस्टन का उपयोग, तीन कठोर छड़ों द्वारा चेन और सिलेंडर के बीच कनेक्शन का प्रतिस्थापन, और एक अन्य मैकेनिकल डिवाइस का निर्माण है जो सिलेंडर के पारस्परिक आंदोलन (ऊपर और नीचे) को संशोधित करता है। गति को विनियमित करने की संभावनाओं के साथ एक परिपत्र विस्थापन.
इस नई मशीन ने बल के रूप में पशु के उपयोग को प्रतिस्थापित किया, इसलिए वाट ने फैसला किया कि उनकी मशीन को इस बात से मापा जाना चाहिए कि उसने कितने घोड़ों को प्रतिस्थापित किया.
स्कॉटिश वैज्ञानिक ने निष्कर्ष निकाला कि "एक हॉर्सपावर" का मूल्य 1 मीटर / सेकंड की गति से 75 किलोग्राम-बल वजन उठाने के लिए आवश्यक ऊर्जा के बराबर है। यह उपाय अभी भी हमारे दिनों में उपयोग किया जाता है.
रासायनिक प्रयोग
कम उम्र से, वाट रसायन विज्ञान से मोहित हो गया था। 1786 के अंत में स्कॉटलैंड के आविष्कारक पेरिस में थे जब उन्होंने फ्रांसीसी गणना और रसायनज्ञ बर्थोलेट द्वारा एक प्रयोग देखा। प्रयोग ने मैंगनीज डाइऑक्साइड के साथ हाइड्रोक्लोरिक एसिड की प्रतिक्रिया के माध्यम से क्लोरीन के निर्माण को दिखाया.
बर्थोलेट ने पाया कि क्लोरीन से बना एक जलीय घोल कपड़ा विरंजन में सक्षम था। उन्होंने जल्द ही अपनी खोज प्रकाशित की, जिसने संभावित प्रतिद्वंद्वियों का ध्यान आकर्षित किया.
ग्रेट ब्रिटेन लौटते समय, वाट ने बर्थोलेट के निष्कर्षों का पालन करना शुरू कर दिया, इस प्रक्रिया की उम्मीद के साथ जो आर्थिक रूप से लाभदायक था.
वाट ने पाया कि नमक, मैंगनीज डाइऑक्साइड और सल्फ्यूरिक एसिड का मिश्रण क्लोरीन का उत्पादन करने में सक्षम था। फिर उन्होंने क्लोरीन को एक क्षारीय विलयन में पारित किया और एक अशांत तरल प्राप्त किया जो ऊतकों को सफेद करने में सक्षम था.
उन्होंने जल्द ही अपनी पत्नी एन और जेम्स मैकग्रेगर, अपने ससुर, जो रंजक के निर्माता थे, के लिए अपने निष्कर्षों का संचार किया। अपने काम के साथ एक बहुत ही आरक्षित व्यक्ति होने के नाते, वाट ने अपनी खोज को किसी और को नहीं बताया.
मैकग्रेगर और उसकी पत्नी के साथ, वाट ने प्रक्रिया को बढ़ाना शुरू कर दिया। 1788 में वॉट और उनके ससुर 1500 गज कपड़ा सफेद कर पाए.
बर्थोलेट की खोज
समानांतर में, बर्थोलेट ने नमक और सल्फ्यूरिक एसिड की समान प्रक्रिया की खोज की। वाट के विपरीत, काउंट बर्थोलेट ने अपनी खोज का खुलासा करके इसे सार्वजनिक ज्ञान बनाने का फैसला किया.
जल्द ही कई वैज्ञानिकों ने प्रक्रिया के साथ प्रयोग करना शुरू कर दिया। ऐसी त्वरित प्रतियोगिता बनकर, जेम्स वाट ने रसायन विज्ञान के क्षेत्र में अपने प्रयासों को छोड़ने का फैसला किया। दस साल से अधिक समय के बाद, 1799 में, चार्ल्स टेनेन्ट ने एक सफ़ेद पाउडर बनाने के लिए एक नई प्रक्रिया का पेटेंट कराया जिसकी व्यावसायिक सफलता फिर से शुरू हो गई थी.
अन्य आविष्कार
व्यवसाय से सेवानिवृत्त होने के बाद वॉट ने नई कलाकृतियों का विकास जारी रखा। इनमें से एक पत्र को कॉपी करने के लिए एक विशेष प्रिंटिंग प्रेस था। इसने कई बार पत्र लिखने के कार्य को टाल दिया, जो एक व्यापारी के लिए सामान्य था.
एक विशिष्ट स्याही के साथ मूल पत्र लिखकर वाट की छपाई काम करती है; फिर, लिखित पत्र पर कागज की एक शीट रखकर और दोनों को एक साथ दबाकर प्रतियां बनाई गईं। उन्होंने बस्ट और मूर्तियों के प्रजनन के लिए मशीनों का निर्माण भी किया.
योगदान
विज्ञान के क्षेत्र में वॉट ने जो योगदान दिया वह प्रथम औद्योगिक क्रांति की शुरुआत करते समय विश्व पैनोरमा में बदल गया। भाप इंजन के लिए धन्यवाद महान आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन थे; वाट्स द्वारा डिजाइन किए गए स्टीम इंजन की बदौलत कारखानों की उत्पादकता में काफी वृद्धि हुई है.
विज्ञान में अपने योगदान के कारण, इकाइयों की अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली ने वाट -o वाट नाम से बपतिस्मा लिया- प्रति सेकंड एक जूल काम के बराबर शक्ति की इकाई।.
दुनिया में वॉट मशीन द्वारा उत्पन्न प्रभाव ने वैज्ञानिकों को एक नए भूवैज्ञानिक युग: एंथ्रोपोसीन पर विचार करने के लिए प्रेरित किया। 1784 का वर्ष, जिसमें वाट ने अपनी मशीन में सबसे महत्वपूर्ण सुधारों को शामिल किया, पृथ्वी की सतह, वातावरण और महासागरों पर मनुष्यों के परिवर्तन द्वारा परिभाषित इस युग के लिए एक प्रारंभिक बिंदु के रूप में कार्य करता है।.
संदर्भ
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- "जेम्स वाट" (2010) अनदेखा स्कॉटलैंड में। 13 सितंबर, 2018 को अनदेखे स्कॉटलैंड से लिया गया: undiscoveredscotland.co.uk
- "जेम्स वाट" (2009) बीबीसी पर। 13 सितंबर, 2018 को बीबीसी हिस्ट्री से प्राप्त: bbc.co.uk
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- "जेम्स वाट" (2013) ग्लासगो कहानी विश्वविद्यालय में। 13 सितंबर, 2018 को ग्लासगो विश्वविद्यालय से प्राप्त किया गया: Universstory.gla.ac.uk
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James Watt / जेम्स वाट एक स्कॉटिश खोजकर्ता, इंजिनियर और केमिस्ट थे, उनके द्वारा भाप इंजन की कार्यप्रणाली में किया गया सुधार यूरोप में औद्योगिक क्रांति का महत्वपूर्ण चरण साबित हुआ। ऊर्जा की इंटरनेशनल सिस्टम इकाई ‘वाट’ उन्ही के नाम पर है। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में प्रभावशाली बदलाव किये थे।
जेम्स वाट का परिचय – James Watt Biography in Hindi
| पूरा नाम | जेम्स वाट (James Watt) |
| जन्म दिनांक | 19 जनवरी 1736 |
| जन्म भूमि | ग्रीनॉक, रेन्फ्रिउशायर, स्कॉट्लैंड |
| मृत्यु तिथि | 25 अगस्त 1819.
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