Abraham lincoln 2008 biography in hindi

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| Abraham Lincoln Achievements | Where Was Abraham Lincoln Born? अमेरिकी नागरिक युद्ध: संघर्ष की सबसे बड़ी चुनौती अमेरिकी नागरिक युद्ध था। यह युद्ध उन दिनों का सबसे ख़तरनाक और विस्तारशील युद्ध था, जिसमें दक्षिणी राज्यों और उत्तरी राज्यों के बीच बड़ा संघर्ष हुआ। अब्राहम लिंकन ने देश को एक साथ लाने के लिए युद्ध के दौरान कई कदम उठाए और गुलामी को समाप्त करने के लिए अपनी सारी क्षमता लगाई।

अब्राहम लिंकन का संघर्ष एक प्रेरणा दायक और सीखने योग्य मार्ग रखता है। उनकी साहस, समर्पण, और संघर्षशीलता ने उन्हें एक महान नेता बनाया, जिनका सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव आज भी महसूस किया जा सकता है।

अब्राहम लिंकन कितने चुनाव हारे Abraham Lincoln Biography in Hindi

अपने राजनीतिक करियर में कई चुनावों को हारा था, लेकिन उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण चुनाव जीते थे। निम्नलिखित हैं उनके महत्वपूर्ण चुनाव:

1.

1860 में अमेरिकी राष्ट्रपति उम्मीदवारी: अब्राहम लिंकन ने 1860 में अमेरिकी राष्ट्रपति उम्मीदवार बनकर चुनाव जीत लिया था। उन्होंने राष्ट्रपति पद के चुनाव में भारी मतों से जीत हासिल की थी और अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति बने थे।

इस प्रकार, अब्राहम लिंकन ने अपने राजनीतिक करियर में कई चुनाव हारे थे, लेकिन उनके 1860 में राष्ट्रपति चुनाव में हुई विजय ने उन्हें एक महान नेता बना दिया।

अब्राहम लिंकन की मृत्यु कैसे हुई

अब्राहम लिंकन की मृत्यु 14 अप्रैल, 1865 को हुई थी। उनकी मृत्यु एक गोलीमार के कारण हुई थी। दिनांक 14 अप्रैल, 1865 को, अब्राहम लिंकन अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में विराजमान थे। उन्होंने राष्ट्रपति भवन के बाहर न्यायिक उपायुक्त के साथ एक नाटक देखने के लिए जाने का निर्णय किया।

उन्होंने तीसरी दिनक के लिए नैशनल टिएटर में नाटक “Our American Cousin” देखने का ठान लिया। राष्ट्रपति भवन के लॉज में उनके साथ कुछ दोस्त भी थे। यह दिन अमेरिकी राष्ट्रपति की जीवन का आखिरी दिन था।

नाटक के दौरान, एक ग़ुस्सेवाला व्यक्ति जॉन विल्केस बूथ ने अब्राहम लिंकन को पिस्टल से गोली मार दी। यह हमला रात्रि 10:15 बजे हुआ। अब्राहम लिंकन गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तुरंत प्राथमिक चिकित्सा सहायता दी गई।

लिंकन को तुरंत नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया और उन्हें पूरी कोशिश की गई ताकि उनकी जान बचाई जा सके, लेकिन उनके घाव गंभीर थे और 15 अप्रैल, 1865 को उनकी मृत्यु हो गई।

जॉन विल्केस बूथ ने अब्राहम लिंकन को मारने के बाद भागने का प्रयास किया, और वह चार से पाँच दिन तक पुलिस द्वारा खोजा गया, लेकिन अंततः उसे पकड़ लिया गया और जेल में बंद कर दिया गया। उसे बाद में सुनाये गए ट्रायल के दौरान, उसे दण्डित किया गया और उसे फांसी की सजा सुनाई गई। विल्केस बूथ की यह कृत्यकारी हत्या अमेरिकी इतिहास में एक अत्यंत गंभीर घटना रही और अब्राहम लिंकन की मृत्यु ने उस समय के देश और विश्व को गहरी शोक में डाल दिया।

अब्रा अब्राहम लिंकन भारत नहीं आए थे।

उन्होंने अपने जीवन में कभी भारत की यात्रा नहीं की। वे अमेरिकी राजनीतिज्ञ और संघर्षशील नेता थे, जिन्होंने अपने देश, संघर्षों और समाज के लिए अपना पूरा समय व्यतीत किया। उनका जन्म और कार्यकाल अमेरिका में हुआ था, और उन्होंने अपने देश की तरक्की और एकता के लिए प्रयास किया।

अब्राहम लिंकन एक महान नेता थे और उनके विचार, नेतृत्व गुण, और समर्पण ने उन्हें दुनिया भर में लोकप्रियता दिलाई। उनके संघर्षों और साहस की कहानियां लोगों को आज भी प्रेरित करती हैं और उन्हें एक नेता के रूप में सम्मानित किया जाता है। हम लिंकन भारत कब आए थे।

अब्राहम लिंकन के विचार Abraham Lincoln Biography in Hindi

अब्राहम लिंकन एक विचारशील और उदार मनुष्य थे, जिनके विचार और मूल्यों में समाज के लिए न्याय, समरसता, और समृद्धि के मार्ग की प्राथमिकता थी। उनके विचारों के माध्यम से उन्होंने लोगों को प्रेरित किया और उन्हें सामाजिक परिवर्तन के लिए सक्रिय होने के लिए प्रेरित किया। उनके कुछ महत्वपूर्ण विचारों को निम्नलिखित रूप में सारगर्भित किया गया है:

  1. समरसता और एकता: अब्राहम लिंकन का एक प्रमुख विचार समरसता और एकता के प्रति था। उन्होंने समाज में अलगाव को कम करने का प्रयास किया और लोगों को सामाजिक और राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट होने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने ग़ुलामी को समाप्त करने और समानता को स्थापित करने के लिए संघर्ष किया।
  2. स्वतंत्रता और समर्थन: अब्राहम लिंकन ने स्वतंत्रता के मूल्यों को प्रशंसा किया और अपने देश के नागरिकों को स्वतंत्रता के लिए समर्थन दिया। उन्होंने संघर्ष किया और विभिन्न समस्याओं का सामना किया, ताकि उनके देश को स्वतंत्र और आदर्शवादी बनाया जा सके।
  3. न्याय: अब्राहम लिंकन न्याय के मूल्यों के प्रति समर्थ थे। उन्होंने न्याय को समाज में स्थायी रूप से स्थापित करने का प्रयास किया और अन्याय के खिलाफ लड़ने के लिए लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने न्यायिक और नैतिक उदारता के बारे में महत्वपूर्ण सोच विकसित की थी।
  4. नैतिकता: अब्राहम लिंकन ने नैतिकता और ईमानदारी को महत्व दिया। उन्होंने अपने जीवन में नैतिक मूल्यों का पालन किया और देशवासियों को भी ईमानदारी से आचरण करने की प्रेरणा दी।

अब्राहम लिंकन के जीवन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य (Abraham Lincoln Facts)

अब्राहम लिंकन के जीवन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य हैं

  • जन्म और विकास: अब्राहम लिंकन 12 फरवरी, 1809 को केंटकी, अमेरिका में एक छोटे से गांव में पैदा हुए थे। उनके पिता का नाम थॉमस लिंकन और मां का नाम नैनसी था। उनके परिवार में कई बच्चे थे और उनका जीवन गरीबी और कठिनाइयों से भरा रहा।
  • वकील और राजनीतिक प्रवृत्ति: अब्राहम लिंकन एक माननीय वकील थे और इलिनोइस राज्य में न्यायिक करियर की शुरुआत की। उन्होंने अपनी वकालती क्षेत्र में अच्छा काम किया और लोगों के बीच लोकप्रिय बने। बाद में, उन्होंने राजनीति में भी अपने देश और समाज के लिए काम करने का निर्णय लिया।
  • राष्ट्रपति बनना: 1860 में अब्राहम लिंकन ने संयुक्त राज्यों के 16वें राष्ट्रपति के रूप में चुनाव जीता था। उनके राष्ट्रपति पद के कार्यकाल में, उन्हें ग्रामीणता और ग़ुलामी के मुद्दे का सामना करना पड़ा। उन्होंने ग़ुलामी खत्म करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए, जिसमें उनकी मुक्ति प्राप्ति घोषणा भी शामिल थी।
  • हत्या और विरासत: अब्राहम लिंकन को उनके राष्ट्रपति पद के कार्यकाल के अंत में गोली मारकर हत्या कर दी गई। उनके निधन से देशवासियों में गहरा दुख हुआ और उन्हें एक यादगार नेता के रूप में स्मरण किया जाता है। उनकी शौर्यगाथा और नेतृत्व गुण लोगों को आज भी प्रेरित करते हैं और उनके विचार उन्हें लम्बे समय तक याद किये जाएँगे।
  • स्थायी विरासत: अब्राहम लिंकन का जीवन एक स्थायी विरासत के रूप में बचा है। उनके नेतृत्व, नैतिकता, और समर्पण ने उन्हें एक अमर रूप दिया है, जो लोगों के दिलों में जीवित रहेगा। उनके योगदान ने अमेरिका को समृद्धि, स्वतंत्रता, और न्याय के मार्ग पर आगे बढ़ाया।

अब्राहम लिंकन की किताबें

अब्राहम लिंकन ने अपने जीवन के दौरान कई किताबें लिखीं थीं। उन्होंने अपने विचार, अनुभव, और साहित्यिक रचनाओं के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया और उन्हें उनके विचारों और मूल्यों के बारे में सोचने के लिए प्रोत्साहित किया।

कुछ महत्वपूर्ण किताबें जो अब्राहम लिंकन ने लिखीं थीं हैं

1.

“Abraham Lincoln: The Prairie Years” (अब्राहम लिंकन: प्रेरणा के वर्ष): यह एक जीवनी है जो अब्राहम लिंकन के जीवन के पहले वर्षों पर आधारित है। इसमें उनके बचपन, युवावस्था, और उनके प्रेरणादायक सफलताओं को विवरण से बताया गया है।

ये कुछ किताबें थीं जो अब्राहम लिंकन द्वारा लिखी गई थीं। इनके अलावा भी उन्होंने कई अन्य लेखनियों में अपने विचारों को व्यक्त किया था। उनकी रचनाएं उनके विचारों और दृष्टिकोण को समझने में मदद करती हैं और उनके विचारों का प्रभाव आज भी महसूस किया जा सकता है।

Abraham Lincoln Biography in Hindi, Wiki, Height, Age, Family, Facts

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Abraham Lincoln Biography in Hindi

Abraham Lincoln Biography in Hindi में आप जानेंगे अब्राहम लिंकन के संघर्ष, ऐतिहासिक योगदान और प्रेरणादायक जीवन यात्रा के बारे में।

Abraham Lincoln Biography in Hindi न सिर्फ एक नेता की कहानी है, बल्कि यह दृढ़ता और न्याय की मिसाल भी है।अब्राहम लिंकन, संयुक्त राज्य अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति बने। लिंकन विश्व इतिहास में सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं। अपनी ईमानदारी, बुद्धिमत्ता और नैतिक साहस के लिए सम्मानित,

Abraham Lincoln Biography in Hindi दर्शाती है कि उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका को उसके सबसे बड़े आंतरिक संकट — गृहयुद्ध — से बाहर निकाला और दास प्रथा को समाप्त कर दुनिया भर में गहरी छाप छोड़ी। केंटकी के एक साधारण लॉग केबिन से व्हाइट हाउस तक का उनका सफर दृढ़ता, न्याय और कुशल नेतृत्व की एक प्रेरणादायक कहानी है।


Abraham Lincoln Biography in Hindi  जानें अब्राहम लिंकन का प्रारंभिक जीवन

अब्राहम लिंकन का जन्म 12 फरवरी 1809 को केंटकी के हॉजगेनविले के पास सिंकिंग स्प्रिंग फ़ार्म के एक लॉग केबिन में हुआ था। उनके माता-पिता, थॉमस लिंकन और नैन्सी हैंक्स लिंकन, मुख्यतः खेती कर जीविका चलाते थे। उनका परिवार अत्यंत गरीबी में जीवन यापन करता था, और रोजगार तथा बेहतर अवसरों की तलाश में उन्होंने कई बार घर बदला। अंततः 1816 में उनका परिवार इंडियाना में बस गया, और लिंकन ने अपने बचपन का अधिकांश समय अपने पिता के साथ खेती और शारीरिक श्रम में बिताया।


अब्राहम लिंकन की शिक्षा | Abraham Lincoln Biography in Hindi

अब्राहम लिंकन ने अपने जीवन में एक वर्ष से भी कम औपचारिक स्कूली शिक्षा प्राप्त की। शेष शिक्षा उन्होंने स्व-अध्ययन के माध्यम से हासिल की। वे 1800 के दशक की शुरुआत में अमेरिका के सीमांत क्षेत्र में पले-बढ़े, जहाँ स्कूलों की संख्या कम थी, खासकर केंटकी और इंडियाना में।

Abraham Lincoln Biography in Hindi से हमें यह भी जानने को मिलता है की वह मुख्य रूप से सुशिक्षित थे।अनुमान लगाया था कि उन्होंने स्कूल में बिताया कुल समय लगभग एक वर्ष के बराबर था। वे ऐसे ग्रामीण स्कूलों में पढ़े, जिन्हें कभी-कभी “ब्लैब स्कूल” कहा जाता था, जहाँ छात्र ज़ोर से पाठ दोहराते थे। इस सीमित शैक्षिक पहुँच के बावजूद, लिंकन सीखने के लिए दृढ़ थे। उन्होंने लोगों से पुस्तकें उधार लेकर और आत्मनिष्ठ प्रयास से 1836 में कानून की शिक्षा प्राप्त की तथा एक लाइसेंस प्राप्त वकील बन गए।


अब्राहम लिंकन का राजनीतिक जीवन

अब्राहम लिंकन की राजनीतिक यात्रा एक साधारण शुरुआत से हुई, जिसे उनके संघर्षपूर्ण जीवन, आत्म-शिक्षा और न्याय की भावना ने आकार दिया। 1832 में, जब वे 23 वर्ष के थे, उन्होंने इलिनॉय राज्य विधानसभा का चुनाव लड़ा। उस समय वे न्यू सेलम (Illinois) में एक दुकान में काम करते थे। भले ही उन्हें उस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन लोगों ने उनके आत्मविश्वास और ईमानदारी को पहचान लिया। उसी वर्ष उन्होंने ब्लैक हॉक युद्ध में मिलिशिया के कप्तान के रूप में सेवा दी, जिससे उन्हें जनता का विश्वास और सम्मान मिला।

इसके बाद उन्होंने सर्वेयर का काम किया, कानून की पढ़ाई की और एक ईमानदार वकील और समझदार नेता के रूप में पहचान बनाई। 1834 में वे चुनाव जीतकर राज्य विधानसभा के सदस्य बने और 1842 तक चार बार लगातार चुने गए। इस दौरान उन्होंने सड़कों, रेलवे और शिक्षा जैसे विकास कार्यों का समर्थन किया।

1846 में, वे अमेरिकी कांग्रेस के लिए चुने गए और 1847 से 1849 तक अपना कार्यकाल पूरा किया। उन्होंने मैक्सिकन-अमेरिकी युद्ध का विरोध किया, जिसे उन्होंने अन्यायपूर्ण और विस्तारवादी नीति माना।

1854 में ‘कैंसस-नेब्रास्का अधिनियम’ पारित होने पर, जिससे दास प्रथा का विस्तार संभव हो गया, वे फिर सक्रिय राजनीति में लौटे। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी का साथ दिया और दास प्रथा का विरोध किया। 1858 में “हाउस डिवाइडेड” भाषण से उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। भले ही वे सीनेट का चुनाव हार गए, पर उन्होंने जनता के बीच एक गंभीर और ईमानदार नेता की छवि बना ली।


अब्राहम लिंकन का विवाह और पारिवारिक जीवन

अब्राहम लिंकन ने 1842 में मैरी टॉड लिंकन से विवाह किया। मैरी एक शिक्षित, तेज बुद्धि और राजनीतिक रूप से जागरूक महिला थीं। यद्यपि उनके और लिंकन के स्वभाव में अंतर था — लिंकन शांत और आत्मचिंतनशील थे, जबकि मैरी भावनात्मक और मुखर — फिर भी

Abraham Lincoln Biography in Hindi यह दर्शाती है कि उनका संबंध आपसी सम्मान और स्नेह पर आधारित था।

अब्राहम लिंकन के  चार पुत्र थे:

  • रॉबर्ट टॉड लिंकन – सबसे बड़े पुत्र, जो वयस्कता तक जीवित रहे और बाद में अमेरिका के मंत्री भी बने।

  • एडवर्ड लिंकन – बचपन में बीमारी से मृत्यु हो गई।

  • विलियम (विली) लिंकन – व्हाइट हाउस में रहते हुए बीमार पड़े और 11 वर्ष की आयु में मृत्यु हो गई।

  • थॉमस (टैड) लिंकन – जीवंत स्वभाव के थे, पर युवावस्था में ही निधन हो गया।

इनमें से केवल रॉबर्ट ही वयस्क जीवन तक जीवित रहे। शेष तीन की असमय मृत्यु ने लिंकन और मैरी को गहरे मानसिक और भावनात्मक आघात पहुँचाया।


Gettysburg Address – लिंकन का ऐतिहासिक भाषण

अब्राहम लिंकन का गेटिसबर्ग भाषण अमेरिकी इतिहास का एक अमर दस्तावेज़ है। यह भाषण उन्होंने 19 नवंबर 1863 को पेन्सिल्वेनिया में दिए थे, जहाँ हजारों सैनिकों ने गृहयुद्ध में बलिदान दिया था। इस भाषण में उन्होंने लोकतंत्र, बलिदान और राष्ट्रीय एकता की गहराई से बात की, जो आज भी अमेरिकी चेतना में जीवित है।


अब्राहम लिंकन की हत्या

Abraham Lincoln Biography in Hindi में 14 अप्रैल 1865 का दिन एक दुखद मोड़ लेकर आता है, जब जॉन विल्केस बूथ नामक व्यक्ति ने वॉशिंगटन डी.सी.

संघर्ष राष्ट्रपति: उनके प्राधिकरण के दौरान, अमेरिका को घेरे गए ग्रामीणता और उत्पीड़न से निपटने के लिए अभियांत्रिकी युद्ध चला। इस संघर्ष के दौरान, अब्राहम लिंकन ने गुलामी खत्म करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए, जिसमें उनके नाम से प्रसिद्ध “मुक्ति प्राप्ति घोषणा” शामिल थी।

4. 1858 में संयुक्त राज्यों के संसद के सदस्य चुनाव: अब्राहम लिंकन ने 1858 में संयुक्त राज्यों के संसद के सदस्य चुनाव में ख़ुद को प्रस्तुत किया था लेकिन उन्हें एक बार फिर से हार का सामना करना पड़ा।

4.

के लिए उद्घाटन समारोह का सफर खतरे से भरा था। बाल्टीमोर में हत्या की साजिश की अफवाहों के बीच, उन्होंने भेष बदलकर यात्रा की, अपनी पारंपरिक “स्टोवपाइप टोपी” के बजाय नरम टोपी पहनी और अपनी ऊँचाई छिपाने के लिए झुके रहे। उनकी गुप्त यात्रा की विपक्षी प्रेस ने आलोचना की, लेकिन यह उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक थी।

पहला उद्घाटन भाषण

4 मार्च, 1861 को अपने पहले उद्घाटन भाषण में, लिंकन ने दक्षिण को आश्वस्त करने की कोशिश की, “मेरा उन राज्यों में दास प्रथा में हस्तक्षेप करने का कोई उद्देश्य नहीं है जहाँ यह मौजूद है।” उन्होंने संघ की स्थायित्व पर जोर दिया, “इन राज्यों का संघ शाश्वत है।” हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि हिंसा का जवाब बल से दिया जाएगा, जिसने आगामी संघर्ष की नींव रखमी।

गृहयुद्ध की शुरुआत

12 अप्रैल, 1861 को, कॉन्फेडरेट सेनाओं ने दक्षिण कैरोलिना के फोर्ट सम्टर पर हमला किया, जिसने गृहयुद्ध की शुरुआत को चिह्नित किया। लिंकन के सामने एक कठिन निर्णय था: किले को छोड़ देना या संघर्ष को बढ़ाने का जोखिम उठाना। उन्होंने खाद्य आपूर्ति भेजने का फैसला किया, प्रत्यक्ष आक्रमण से बचते हुए। जब कॉन्फेडरेट्स ने पहली गोली चलाई, तो लिंकन ने 75,000 स्वयंसेवकों को बुलाया, जिसके क परिणामस्वरूप चार और राज्य—वर्जीनिया, अर्कांसस, टेनेसी और उत्तरी कैरोलिना—कॉन्फेडरसी में शामिल हो गए।

युद्धकालीन नेता के रूप में, लिंकन ने रणनीतिक कौशल दिखाया, सैन्य अभियानों की निगरानी की, जनरलों का चयन किया और दक्षिणी बंदरगाहों की नौसैनिक। अप्रैल 1861 में, उन्होंने कॉन्फेडरेट समर्थकों को हिरासत में लेने के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण को निलंबित कर दिया, जो एक विवादास्पद कदम था, जिसे मुख्य न्यायाधीश रोजर टेनी ने एक्स पार्टे मेरीमैन में असंवैधानिक माना। लिंकन ने इसे संघ को बचाने के लिए आवश्यक बताया।

मुक्ति उद्घोषणा

1 जनवरी, 1863 को, लिंकन ने मुक्ति उद्घोषणा जारी की, जिसमें कॉन्फेडरेट-नियंत्रित क्षेत्रों में दासों को मुक्त घोषित किया गया। हालाँकि इससे तुरंत कोई मुक्त नहीं हुआ, क्योंकि उन क्षेत्रों पर संघ का नियंत्रण नहीं था, इसने युद्ध के उद्देश्य को बदल दिया, इसे स्वतंत्रता की लड़ाई बना दिया। इस उद्घोषणा ने अश्वेत सैनिकों की भर्ती की अनुमति दी, जो संघ की जीत के लिए महत्वपूर्ण साबित हुए। इसने विदेशी हस्तक्षेप को भी रोका, क्योंकि युद्ध को नैतिक कारण के रूप में प्रस्तुत करने से ब्रिटेन और फ्रांस कॉन्फेडरसी का समर्थन करने से हिचकिचाए।

गेटीसबर्ग संबोधन

19 नवंबर, 1863 को, लिंकन ने गेटीसबर्ग युद्धक्षेत्र में राष्ट्रीय कब्रिस्तान के समर्पण समारोह में गेटीसबर्ग संबोधन दिया। केवल 272 शब्दों में, उन्होंने युद्ध के उदसाय को पुनर्परिभाषित किया, शहीद सैनिकों को सम्मान दिया और जीवित लोगों से आग्रह किया कि वे “इस राष्ट्र को, ईश्वर के अधीन, स्वतंत्रता का एक नया जन्म दे और यह सुनिश्चित करें कि जनता का, जनता द्वारा, जनता के लिए शासन, पृथ्वी से नष्ट न हो।” यह भाषण अमेरिकी इतिहास में सबसे प्रतिष्ठित है।

पुनर्निर्माण और पुनर्निर्वाचन

1864 में, लिंकन ने पूर्व संघ जनरल जॉर्ज मैकक्लेलन के खिलाफ पुनर्निर्वाचन जीता। उनके दूसरे उद्घाटन भाषण में, मार्च 1865 में, उन्होंने युद्ध की भयावहता पर विचार किया और सुलह का आह्वान किया: “किसी के प्रति द्वेष नहीं, सभी के प्रति दया।” लिंकन ने दक्षिणी राज्यों को फिर से एकीकृत करने के लिए उदार नीतियों के साथ पुनर्निर्माण की वकालत की। उन्होंने 13वें संशोधन को भी बढ़ावा दिया, जिसने देशव्यापी दासता को समाप्त किया, हालाँकि इसकी पुष्टि उनकी मृत्यु के बाद हुई।

Abraham Lincoln Biography: हत्या और विरासत!

एक दुखद अंत

14 अप्रैल, 1865 को, एपोमैटॉक्स में कॉन्फेडरेट आत्मसमर्पण के केवल पाँच दिन बाद, लिंकन वाशिंगटन, डी.सी.

राजनीतिक करियर: अब्राहम लिंकन ने अपने राजनीतिक करियर में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने जनता के मध्य अपनी सकारात्मक वाणी बोलकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। 1860 में, उन्होंने संयुक्त राज्यों के 16वें राष्ट्रपति के रूप में चुनाव जीता था।

3. वकील के रूप में संघर्ष: अब्राहम लिंकन एक वकील के रूप में भी संघर्ष करने के लिए तैयार थे। उन्होंने अपने न्यायिक करियर के दौरान बहुत सारी मुश्किलाओं का सामना किया और न्याय के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए।

3.

कि यह राष्ट्र बनना इसी प्रकार में जन्मा और यही पादर्श मानने वाला कोई भी पग्य राष्ट्र चिरकान तक जीवित रह सकता है अथवा नहीं।

हम धाज उम युद्ध के एक महान् रणक्षेत्र में एकत्र हुए है पोर उस रणस्थल का एक कोना उन योद्धा्ों के चिर-विधाम के निए ममानित करने पर हैं, जिन्होंने राष्ट्र को जीवित रखने के लिए अपने जीवन को बलि दी है।

उनके प्रति यह सम्मान प्रदर्शित करना सर्वधा उचित ही है।किन्तु यदि व्यापक दृष्टि से देखा जाय तो यह हमारे वश में नहीं कि हम इस भूमि को गौरव प्रदान करें और उसे पुण्य भूमि प्रथना पवित्र भूमि बनायं जिन

जीवित पपया दिवगत बोर पुरुषों ने यहाँ संघर्ष किया था, ने इसे पहले ही पुष्यभूमि बना चुके है पौर ने धषिक गौरवान्वित करना अपना कलंकित करना हमारी दुल शक्ति के बार है। जो कुछ हम यह कईग,

समार चम पर अधिक ध्यान नहीं देगा पौरन हो उसे बहुत दिनों न स्मरण रसंगा किन्तु उन बोर पुरुषों ने जो कार्य यहाँ किये हैं, उन्हें सार मला नही ममता रम जीवित व्यक्तियों का यही कर्तव्य है कि उनके

उस धपूर्ण कार्य को, जिसे उग्होंने सतनी समता से बाग बहाया था पूरा करने का संकल्प करें, हमारे सामने वो महान काय कोष है, उसे पूरा करने में पपना जीवन पपित कर द, उस कार्य के लिए दिवंगत नरमाया जितनी पथिक

लेखकअब्राहम लिंकन-Abraham lincoln
भाषाहिन्दी
कुल पृष्ठ68
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Categoryआत्मकथा(Biography)

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अब्राहम लिंकन (1809-1865) – Abraham lincoln Book/Pustak Pdf Free Download

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के लिए उद्घाटन समारोह का सफर खतरे से भरा था। बाल्टीमोर में हत्या की साजिश की अफवाहों के बीच, उन्होंने भेष बदलकर यात्रा की, अपनी पारंपरिक “स्टोवपाइप टोपी” के बजाय नरम टोपी पहनी और अपनी ऊँचाई छिपाने के लिए झुके रहे। उनकी गुप्त यात्रा की विपक्षी प्रेस ने आलोचना की, लेकिन यह उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक थी।

पहला उद्घाटन भाषण

4 मार्च, 1861 को अपने पहले उद्घाटन भाषण में, लिंकन ने दक्षिण को आश्वस्त करने की कोशिश की, “मेरा उन राज्यों में दास प्रथा में हस्तक्षेप करने का कोई उद्देश्य नहीं है जहाँ यह मौजूद है।” उन्होंने संघ की स्थायित्व पर जोर दिया, “इन राज्यों का संघ शाश्वत है।” हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि हिंसा का जवाब बल से दिया जाएगा, जिसने आगामी संघर्ष की नींव रखी।

गृहयुद्ध की शुरुआत

12 अप्रैल, 1861 को, कॉन्फेडरेट सेनाओं ने दक्षिण कैरोलिना के फोर्ट सम्टर पर हमला किया, जिसने गृहयुद्ध की शुरुआत को चिह्नित किया। लिंकन के सामने एक कठिन निर्णय था: किले को छोड़ देना या संघर्ष को बढ़ाने का जोखिम उठाना। उन्होंने खाद्य आपूर्ति भेजने का फैसला किया, प्रत्यक्ष आक्रमण से बचते हुए। जब कॉन्फेडरेट्स ने पहली गोली चलाई, तो लिंकन ने 75,000 स्वयंसेवकों को बुलाया, जिसके परिणामस्वरूप चार और राज्य—वर्जीनिया, अर्कांसस, टेनेसी और उत्तरी कैरोलिना—कॉन्फेडरसी में शामिल हो गए।

युद्धकालीन नेता के रूप में, लिंकन ने रणनीतिक कौशल दिखाया, सैन्य अभियानों की निगरानी की, जनरलों का चयन किया और दक्षिणी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी लागू की। अप्रैल 1861 में, उन्होंने कॉन्फेडरेट समर्थकों को हिरासत में लेने के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण को निलंबित कर दिया, जो एक विवादास्पद कदम था, जिसे मुख्य न्यायाधीश रोजर टेनी ने एक्स पार्टे मेरीमैन में असंवैधानिक माना। लिंकन ने इसे संघ को बचाने के लिए आवश्यक बताया।

मुक्ति उद्घोषणा

1 जनवरी, 1863 को, लिंकन ने मुक्ति उद्घोषणा जारी की, जिसमें कॉन्फेडरेट-नियंत्रित क्षेत्रों में दासों को मुक्त घोषित किया गया। हालाँकि इससे तुरंत कोई मुक्त नहीं हुआ, क्योंकि उन क्षेत्रों पर संघ का नियंत्रण नहीं था, इसने युद्ध के उद्देश्य को बदल दिया, इसे स्वतंत्रता की लड़ाई बना दिया। इस उद्घोषणा ने अश्वेत सैनिकों की भर्ती की अनुमति दी, जो संघ की जीत के लिए महत्वपूर्ण साबित हुए। इसने विदेशी हस्तक्षेप को भी रोका, क्योंकि युद्ध को नैतिक कारण के रूप में प्रस्तुत करने से ब्रिटेन और फ्रांस कॉन्फेडरसी का समर्थन करने से हिचकिचाए।

गेटीसबर्ग संबोधन

19 नवंबर, 1863 को, लिंकन ने गेटीसबर्ग युद्धक्षेत्र में राष्ट्रीय कब्रिस्तान के समर्पण समारोह में गेटीसबर्ग संबोधन दिया। केवल 272 शब्दों में, उन्होंने युद्ध के उद्देश्य को पुनर्परिभाषित किया, शहीद सैनिकों को सम्मान दिया और जीवित लोगों से आग्रह किया कि वे “इस राष्ट्र को, ईश्वर के अधीन, स्वतंत्रता का एक नया जन्म दे और यह सुनिश्चित करें कि जनता का, जनता द्वारा, जनता के लिए शासन, पृथ्वी से नष्ट न हो।” यह भाषण अमेरिकी इतिहास में सबसे प्रतिष्ठित है।

पुनर्निर्माण और पुनर्निर्वाचन

1864 में, लिंकन ने पूर्व संघ जनरल जॉर्ज मैकक्लेलन के खिलाफ पुनर्निर्वाचन जीता। उनके दूसरे उद्घाटन भाषण में, मार्च 1865 में, उन्होंने युद्ध की भयावहता पर विचार किया और सुलह का आह्वान किया: “किसी के प्रति द्वेष नहीं, सभी के प्रति दया।” लिंकन ने दक्षिणी राज्यों को फिर से एकीकृत करने के लिए उदार नीतियों के साथ पुनर्निर्माण की वकालत की। उन्होंने 13वें संशोधन को भी बढ़ावा दिया, जिसने देशव्यापी दासता को समाप्त किया, हालाँकि इसकी पुष्टि उनकी मृत्यु के बाद हुई।

व्यक्तिगत जीवन: परिवार और संघर्ष

विवाह और बच्चे

1839 में, लिंकन की मुलाकात मैरी टॉड से हुई, जो एक धनी केंटकी वकील की बेटी थीं। 1842 में, एक उतार-चढ़ाव भरे प्रेमालाप के बाद, उनकी शादी हुई। उनका वैवाहिक जीवन तनावपूर्ण था, मैरी के गुस्सैल स्वभाव और लिंकन की अवसाद की स्थिति ने चुनौतियाँ पैदा कीं। दंपति के चार बेटे थे: रॉबर्ट (1843), एडवर्ड (1846), विलियम “विली” (1850), और थॉमस “टैड” (1853)। केवल रॉबर्ट ही वयस्कता तक जीवित रहे; एडवर्ड की 1850 में तपेदिक से, विली की 1862 में बुखार से, और टैड की 1871 में एडिमा से मृत्यु हो गई। लिंकन अपने बच्चों से बहुत प्यार करते थे, और मैरी की सख्ती के बावजूद उन्हें अक्सर लाड़-प्यार करते थे।

नस्ल पर जटिल विचार

लिंकन का दासता और नस्ल पर रुख जटिल था और समय के साथ विकसित हुआ। हालाँकि वे दासता के विस्तार के खिलाफ थे, शुरू में उन्होंने तत्काल उन्मूलन या पूर्ण नस्लीय समानता का समर्थन नहीं किया। 1854 में, उन्होंने कहा कि उनकी “अपनी भावनाएँ” मुक्त दासों को “राजनीतिक और सामाजिक रूप से हमारे बराबर” बनाने को स्वीकार नहीं करेंगी। हालांकि, राष्ट्रपति के रूप में उनकी कार्रवाइयों—मुक्ति उद्घोषणा और 13वें संशोधन का समर्थन—ने स्वतंत्रता के प्रति बढ़ती प्रतिबद्धता दिखाई| 1858 में सीनेटर स्टीफन ए.

न्यायिक करियर: अब्राहम लिंकन एक माननीय वकील थे और इलिनोइस राज्य में अपने न्यायिक करियर की शुरुआत की। उन्होंने अपने वकालती क्षेत्र में कई मुश्किलातों का सामना किया, लेकिन उनकी कौशलता और न्यायिक दृष्टिकोण के कारण वे लोगों के बीच लोकप्रिय बने।

2. के फोर्ड थिएटर में एक नाटक देखने गए। कॉन्फेडरेट समर्थक जॉन विल्क्स बूथ ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। अगली सुबह, 15 अप्रैल, 1865 को, 56 वर्ष की आयु में लिंकन की मृत्यु हो गई। उनका शव व्हाइट हाउस और कैपिटल में राजकीय सम्मान के साथ रखा गया, फिर एक अंतिम संस्कार ट्रेन में स्प्रिंगफील्ड, इलिनोइस ले जाया गया, जहाँ हजारों लोग श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र हुए। कवि वॉल्ट व्हिटमैन ने अपनी कविताओं, जैसे “ओ कैप्टन!

1832 में इलिनोइस राज्य संसद के चुनाव: अब्राहम लिंकन ने इलिनोइस राज्य संसद के चुनाव में ख़ुद को उम्मीदवारी के लिए प्रस्तुत किया था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

2. राजनीतिक संघर्ष: अब्राहम लिंकन का सबसे बड़ा संघर्ष राजनीतिक मैदान में हुआ। उन्होंने देशवासियों के बीच अपने विचारों को प्रसारित करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने गुलामी के खिलाफ अपनी भाषणों में आवाज़ उठाई और उसके लिए संघर्ष किया।

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“Lincoln on Leadership: Executive Strategies for Tough Times” (लिंकन पर नेतृत्व: कठिन समयों के लिए कार्यकारी रणनीतियां): यह किताब अब्राहम लिंकन के नेतृत्व और कार्यकारी रणनीतियों पर आधारित है। इसमें उनके नेतृत्व और प्रबंधन के दृष्टिकोण को समझाया गया है जिससे व्यापार और संगठनाओं में इन रणनीतियों का उपयोग किया जा सकता है।

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अब्राहम लिंकन का जीवन परिचय | Abraham Lincoln Biography in Hindi

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ऑनलाइन शिक्षा के बड़े संसार में, जहां बहुत कुछ जानने के लिए है, कुछ ही लोग होते हैं जो सभी उम्र के छात्रों से सच्ची जुड़ाव कर पाते हैं। मानिकंत सिंह एक ऐसे अप्रतिम इतिहास शिक्षक हैं, जो ऐसा करते हैं। उन्होंने रोचक तरीकों से पढ़ाई करने का इस्तेमाल किया और इतिहासिक घटनाओं को वास्तविकता से समझा। इसके कारण, उन्हें यूट्यूब पर पसंद किया गया है और वे देश में शीर्ष UPSC इतिहास शिक्षक के रूप में जाने जाते हैं। इस लेख में हम मानिकंत सिंह के आश्चर्यजनक जीवन के बारे में चर्चा करेंगे।

अब्राहम लिंकन का जीवन परिचय (Abraham Lincoln Biography in Hindi)

नाम         अब्राहम लिंकन
उपनामअब्राहम
जन्म12 फरवरी, 1809
जन्म स्थानहोगनजिल, केंटकी, संयुक्त राज्य अमेरिका
पिताथॉमस लिंकन
मातानैंसी हैंक्स
संघर्षग़ुलामी विरोध आंदोलन, राजनीतिक करियर
शिक्षा स्थानीय स्कूलों में अध्ययन
प्रसिद्धिग़ुलामी समाप्ति, भारतीय गणराज्य के नेतृत्व, न्यायी राष्ट्रपति
मृत्यु तिथि15 अप्रैल, 1865
मृत्यु स्थानवाशिंगटन डीसी, संयुक्त राज्य अमेरिका

अब्राहम लिंकन जन्म, परिवार और शिक्षा (Abraham Lincoln Birth, Family and Education)

लिंकन का जन्म 12 फरवरी, 1809 को एक छोटे से गांव बोयन के पास, केंटकी, अमेरिका में हुआ था। उनके पिता का नाम था थॉमस लिंकन और मां का नाम नैनसी हैं। उनके परिवार में कई बच्चे थे, और उनका जीवन बड़े संकटों और गरीबी के बीच बिता।

अब्राहम को शिक्षा मिलने में कठिनाईयों का सामना करना पड़ा, क्योंकि उनके परिवार के पास धन की कमी थी। लेकिन वे पढ़ाई में रुचि रखते थे और अपनी मेहनत और लगन से पढ़ाई करते रहे। उन्होंने खुद को स्कूल में पढ़ाई दी और अपने अध्ययन को स्वयं ही आगे बढ़ाया। धीरे-धीरे, उनकी पढ़ाई में सुधार होता गया और वे विभिन्न विषयों में गहरी ज्ञान प्राप्त करने लगे।

अब्राहम लिंकन करियर (Abraham Lincoln Career)

अब्राहम लिंकन का करियर व्यापक और महत्वपूर्ण रहा। उनका करियर सियासी क्षेत्र में शुरुआत हुई और उसके बाद उन्होंने अपने देश और समाज के लिए काम किया। निम्नलिखित हैं अब्राहम लिंकन के करियर के कुछ महत्वपूर्ण पहलू

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यह ब्लॉग आपको लिंकन के जीवन की गहराइयों में ले जाएगा—उनके बचपन, संघर्षों, विचारों और ऐतिहासिक निर्णयों की प्रेरक कहानी के साथ। आगे पढ़िए और जानिए इस महानायक का असली चेहरा।

Abraham Lincoln Biography: प्रारंभिक जीवन!

एक सीमांत बचपन

अब्राहम लिंकन का जन्म 12 फरवरी, 1809 को केंटकी के हॉजगेनविले के पास सिंकिंग स्प्रिंग फार्म में एक कमरे के लॉग केबिन में हुआ था। उनके माता-पिता, थॉमस लिंकन और नैन्सी हैंक्स लिंकन, साधारण किसान थे जो गरीबी में रहते थे। केबिन में मिट्टी का फर्श, एक खिड़की और लकड़ी व मिट्टी से बनी एक साधारण चिमनी थी। सीमांत क्षेत्र में जीवन कठिन था, और युवा अब्राहम ऐसे माहौल में पले-बढ़े जहाँ जीविका के लिए कड़ा परिश्रम आवश्यक था।

लिंकन की वंशावली सैमुअल लिंकन तक जाती है, जो 1637 में इंग्लैंड से मैसाचुसेट्स आए थे। कई पीढ़ियों बाद, उनके परिवार ने पश्चिम की ओर प्रवास किया, और उनके दादा, कैप्टन अब्राहम लिंकन, वर्जीनिया से केंटकी चले गए। 1786 में, कैप्टन लिंकन एक मूल अमेरिकी हमले में मारे गए, जिसके बाद उनके बेटे थॉमस, जो अब्राहम के पिता थे, को कम उम्र में ही अपने दम पर जीविका चलानी पड़ी। थॉमस ने 1806 में नैन्सी हैंक्स से शादी की, और इस दंपति के तीन बच्चे हुए: सारा, अब्राहम और थॉमस, जो शैशवावस्था में ही मर गया।

एक दुखद नुकसान और नया परिवार

1816 में, लिंकन परिवार बेहतर भूमि स्वामित्व के अवसरों की तलाश में इंडियाना के लिटिल पिजन क्रीक में चला गया। जीवन अभी भी चुनौतीपूर्ण था, और परिवार जंगली क्षेत्र में बसा। 1818 में, नैन्सी लिंकन की दूध की बीमारी (मिल्क सिकनेस) से मृत्यु हो गई, जिससे 11 वर्षीय सारा को घर की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी, जिसमें उनके पिता, 9 वर्षीय अब्राहम और नैन्सी के अनाथ चचेरे भाई डेनिस हैंक्स शामिल थे।

1819 में, थॉमस ने सारा बुश जॉनसन से शादी की, जो एक विधवा थीं और उनके अपने तीन बच्चे थे। अब्राहम अपनी सौतेली माँ के बहुत करीब हो गए और उन्हें “माँ” कहने लगे। उन्होंने अब्राहम की पढ़ाई की रुचि को प्रोत्साहित किया, जो उस परिवार में दुर्लभ था जहाँ औपचारिक शिक्षा तक पहुँच सीमित थी। लिंकन की औपचारिक स्कूली शिक्षा घुमंतू शिक्षकों से हुई, जो कुल मिलाकर एक वर्ष से भी कम थी। फिर भी, उनकी पढ़ने की भूख असीम थी। उन्होंने ईसप की दंतकथाएँ, बाइबिल और रॉबिन्सन क्रूसो जैसी किताबें पढ़ीं, और स्व-शिक्षा के माध्यम से ज्ञान अर्जित किया।

दासता का प्रारंभिक सामना

किशोरावस्थ में, लिंकन न्यू ऑरलियन्स की फ्लैटबोट यात्राओं पर गए, जहाँ उन्होंने दास बाजारों को देखा। इन अनुभवों ने उन पर गहरा प्रभाव डाला और दासता के प्रति उनकी आजीवन घृणा को जन्म दिया। इतिहासकार माइकल बर्लिंगम के अनुसार, दास लोगों को देखना “उन पर एक अमिट छाप छोड़ गया,” जिसने उनकी नैतिकता के खिलाफ दासता के प्रति उनके विरोध को मजबूत किया, हालाँकि नस्लीय समानता पर उनके विचार समय के साथ विकसित हुए।

Abraham Lincoln Biography: युवावस्था!

स्वतंत्रता और प्रारंभिक उद्यम

1830 में, दूध की बीमारी के एक और प्रकोप के डर से, लिंकन परिवार इलिनोइस के मैकॉन काउंटी में चला गया। इस समय तक, 21 वर्षीय अब्राहम अपने पिता से स्वतंत्रता चाहते थे, जिनके शिक्षा में रुचि की कमी ने उन्हें निराश किया था। उन्होंने न्यू सलेम, इलिनोइस में बसने का फैसला किया, जहाँ उन्होंने स्टोर क्लर्क, डाकपाल और काउंटी सर्वेक्षक के रूप में काम किया। लिंकन की शारीरिक शक्ति और साहस ने उन्हें स्थानीय समुदाय में सम्मान दिलाया, खासकर जब उन्होंने एक स्थानीय गुंडे के साथ कुश्ती मैच जीता।

1832 में, लिंकन ने ब्लैक हॉक युद्ध के दौरान इलिनोइस मिलिशिया में कप्तान के रूप में सेवा की। हालाँकि उन्हें कोई युद्ध नहीं देखना पड़ा, लेकिन उनकी नेतृत्व क्षमता और कहानी सुनाने की कला ने उन्हें सहयोगियों के बीच लोकप्रिय बनाया। उसी वर्ष, उन्होंने इलिनोइस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए चुनाव लड़ा, लेकिन नाम की पहचान और वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण हार गए।

वकील बनना

हार से निराश न होने वाले लिंकन ने कानूनी करियर को अपनाया और स्थानीय वकील जॉन टॉड स्टुअर्ट से ब्लैकस्टोन की कमेंट्रीज़ जैसे कानूनी ग्रंथ उधार लेकर स्व-शिक्षा शुरू की। 1836 में, उन्हें इलिनोइस बार में भर्ती किया गया और वे स्प्रिंगफील्ड चले गए, जहाँ उन्होंने स्टुअर्ट के मार्गदर्शन में कानून का अभ्यास शुरू किया। बाद में, उन्होंने स्टीफन टी.

गरीबी और संकट: अब्राहम लिंकन का बचपन गरीबी में बिता। उनके परिवार के पास कम धन था और उन्हें शिक्षा लेने में कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद, उन्होंने अपने इच्छाशक्ति और लगन से शिक्षा को आगे बढ़ाया और एक अमर विरासत बनाई।

2. “The Collected Works of Abraham Lincoln” (अब्राहम लिंकन के संग्रहित काम): यह किताब अब्राहम लिंकन के लेखन का एक संक्षेप है जिसमें उनके भाषण, पत्र, और सार्वजनिक वार्तालाप शामिल हैं। यह किताब उनके विचारों और नेतृत्व की प्रशस्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

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अब्राहम लिंकन जीवन परिचय – Biography of Abraham lincoln Pdf Free Download

अब्राहम लिंकन पुस्तकें

“८७ वर्ष पूर्व हमारे पूर्वजों ने इस महादीप पर एक नये राष्ट्र को जन्म दिया था। इस राष्ट्र का जन्म स्वतन्त्रता की गोद में हुआ था और जन्म से ही इसका पादर्श यह रसा गया कि ईश्वर ने सब मनुष्यों को समान बनाया है।

“माज हम एक महान् गह-युद्ध में संलग्न है और इस बात की परीक्षा कर रहे हैं.