Steve jobs biography hindi songs

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जॉब्स ने 1991 में लोरेन पॉवेल से शादी की थी। उनका एक बेटा है।

मृत्यु :- स्टीव को सन 2003 से पेन क्रियेटिव नाम की कैंसर की बिमारी हो गयी थी। लेकिन फिर भी वे रोज कंपनी में जाते ताकि लोगो को बेहतरीन से बेहतरीन टेक्नालजी प्रदान कर सके। और कैंसर कि बिमारी के चलते 5 अक्टूबर 2011 को पालो आलटो केलिफोर्निया में उनका निधन हो गया।

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Steve Jobs Biography

स्टीव जॉब्स बायोग्राफी सारांश

Steve Jobs (Steven Paul Jobs) — 24 फरवरी 1955 को जन्मे, 5 अक्टूबर 2011 को दिवंगत हुए। वे Apple Inc.

के सह-संस्थापक, NeXT Inc.

Table of Contents


पूरा स्टीव जॉब्स का जीवन एक नज़र में (Steve Jobs Biography Table)

श्रेणीविवरण
पूरा नामSteven Paul Jobs
जन्म दिन / स्थान24 फरवरी 1955, सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया, अमेरिका
मृत्यु दिन / स्थान5 अक्टूबर 2011, पालो आल्टो, कैलिफोर्निया, अमेरिका (56 वर्ष)
राष्ट्रीयताअमेरिकी
मुख्य पद / पहचानApple के सह-संस्थापक; NeXT संस्थापक; Pixar अध्यक्ष; Personal Computer व स्मार्टफोन क्रांति के जनक
सक्रिय वर्ष1974 – 2011

Steve Jobs Biographyप्रारंभिक जीवन, जन्मस्थान और बचपन

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स्टीव जॉब्स का परिवार | Steve Jobs Biography

  • जैविक माता: Joanne Schieble
  • जैविक पिता: Abdulfattah Jandali
  • गोद लेने वाले माता-पिता: Paul Jobs और Clara Jobs
  • जैविक बहन: Mona Simpson (जन्म के बाद उनकी माँ ने पुनर्विवाह किया था)

संबंध / विवाह / जीवनसाथी

  • 18 मार्च 1991 में, उन्होंने Laurene Powell Jobs से विवाह किया। यह विवाह Yosemite National Park में एक पारंपरिक बौद्ध समारोह में हुआ था।
  • उनका परिवार चार बच्चों का था: Lisa (Chrisann Brennan से), और Reed, Erin, Eve (Laurene Powell से)।

महत्वपूर्ण: “पति का नाम, विवाह” जैसा प्रश्न लागू नहीं होता — स्टीव जॉब्स पुरुष थे, और उन्होंने Laurene Powell से विवाह किया था।


स्टीव जॉब्स की शिक्षा | Steve Jobs Biography

  • जॉब्स ने हाई स्कूल तक की शिक्षा पुरानी फैमिली स्कूलों में ली (Cupertino area).

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  • उन्होंने 1972 में Reed College, Portland में दाखिला लिया, लेकिन अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी (ड्रॉपआउट)।
  • हालांकि, कम समय के लिए कॉलेज में रहते हुए उन्होंने typography व calligraphy जैसी कलाओं में रुचि ली — जो बाद में Apple के डिजाइन दर्शन में परिलक्षित हुई।

शारीरिक दिखावट (Physical Appearance)

विशेषताविवरण
ऊँचाईलगभग 6 फीट 2 इंच (≈ 188 सेमी) — कुछ स्रोतों में यह अनुमान मिलता है।
वजनलगभग 70 किलोग्राम (लगभग 154 पाउंड) — जैसा कि कुछ जीवनी स्रोत बताते हैं।
सरल व आकर्षक शैलीअक्सर ब्लैक टर्टल-नेक, जीन्स और सफ़ेद शूज़ पहनते — जो उनकी ट्रेडमार्क बन गया। (श्रोतों में यह जानकारी सामान्यतः Apple व Jobs के सार्वजनिक चित्रों से मिलती है)

स्टीव जॉब्स का करियर प्रगति (Career Progression)

शुरुआत और एप्पल की स्थापना

पहला उत्पाद था Apple I, जिसे उन्होंने अपने गैरेज में बनाया — इस काम के लिए उन्होंने जॉब्स की वॉक्सवागन वैन और वोजनियाक की कैलकुलेटर बेचकर फंड जुटाया।

1977 में Apple II आया, और 1980-81 तक कंपनी ने जबरदस्त सफलता पाई। 1984 में उन्हें Macintosh लॉन्च करने का मौका मिला — पहली GUI आधारित पर्सनल कंप्यूटर जिसे व्यापक रूप से स्वीकार मिला।

एप्पल से दूर, NeXT और Pixar

1985 में, कंपनी के बोर्ड ने वाणिज्यिक मतभेदों के कारण उन्हें Apple से अलग कर दिया। पर उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने 1985-86 में NeXT Inc.

की स्थापना की — जो उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटर बनाती थी। साथ ही 1986 में उन्होंने Pixar Graphics Studios में निवेश कर उसे प्रमुख एनीमेशन स्टूडियो बनाया।

1995 में Pixar ने Toy Story जैसी सफल मूक-चलचित्र पुर्जा निर्मित कर दुनिया को दिखा दिया कि कंप्यूटर-एनीमेशन भविष्य है। इस सफलता के साथ, जॉब्स पहली बार अरबपति बने।

एप्पल में वापसी और वैश्विक सफलता

उनकी दूरदर्शिता, डिज़ाइन पर ध्यान, और मार्केटिंग की समझ ने Apple को दुनिया की सबसे मूल्यवान टेक्नोलॉजी कंपनियों में बदल दिया।


स्टीव जॉब्स की नेट वर्थ (Net Worth)

उनके निधन के समय, उनके कुल मूल्य का आकलन लगभग US$ 10.2 बिलियन के आसपास किया गया था।

उनकी अधिकांश संपत्ति तब थी, जब उन्होंने 2006 में Pixar को The Walt Disney Company को बेचा और उसके बदले Disney में अहम शेयर धारक बने।


स्टीव जॉब्स से जुड़े रोचक तथ्य (Steve Jobs Biography facts)

  • जॉब्स बचपन में इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण खोलकर देखना पसंद करते थे — यही उनकी क्रिएटिव सोच का आरम्भ था।
  • कॉलेज छोड़ने के बाद उन्होंने भारत तक का सफर किया — बौद्ध धर्म और आत्म-खोज हेतु।
  • Apple I का निर्माण उन्होंने अपने गैरेज में वैन बेचकर फंडिंग जुटा कर किया।
  • उन्होंने तकनीक के साथ–साथ डिज़ाइन और उपयोगकर्ता अनुभव (user experience) को प्राथमिकता दी — जो आज Apple उत्पादों की पहचान है। )
  • 1985 में Apple से हटने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी; NeXT और Pixar जैसी कंपनियाँ स्थापित कीं और फिर 1997 में पुनः Apple लौटे।
  • उनकी प्रेरणा और नेतृत्व ने आधुनिक टेक-उद्योग का स्वरूप बदल दिया — पर्सनल कंप्यूटर, स्मार्टफोन, डिजिटल मीडिया में क्रांति लाई।

स्टीव जॉब्स का सामाजिक मीडिया प्रोफाइल (Steve Jobs BiographySocial Handles)

प्लेटफार्मप्रोफाइल / स्थिति
Twitter / Instagram / अन्य सोशल मीडियाजॉब्स के निधन (2011) के कारण उनके लिए कोई आधिकारिक सोशल मीडिया प्रोफाइल सक्रिय नहीं है।
Apple, NeXT, Pixar आदि संस्थानों के आधिकारिक पेजइन संस्थानों के समर्पित और आधिकारिक सोशल मीडिया हैं — लेकिन जॉब्स व्यक्तिगत रूप से सोशल मीडिया पर सक्रिय नहीं थे।

नोट: कई स्रोतों में “Social Media Profiles” के लिए खाली या नॉन-एक्टिव लिखा जाता है, क्योंकि जॉब्स व्यक्तिगत रूप से सोशल मीडिया उपयोग नहीं करते थे।


हमारी राय में स्टीव जॉब्स की विरासत और महत्व

स्टीव जॉब्स ने सिर्फ एक कंपनी नहीं बनाई उन्होंने दृष्टि बनाई। उनकी रचनात्मकता, दृढ़ निश्चय, और प्रयोगात्मक सोच ने यह दिखाया कि तकनीक सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक यंत्र नहीं, बल्कि मानव अनुभव को बेहतर बनाने का जरिया हो सकती है।

उनकी जिन्दगी से हमें यह सीख मिलती है कि —

पृष्ठभूमि चाहे कैसी भी हो, यदि सपने बड़े हों और दृष्टि स्पष्ट हो, तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।

प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) On Steve Jobs Biography

Q1: स्टीव जॉब्स का पूरा नाम क्या था?

A1: उनका पूरा नाम Steven Paul Jobs था।

Q2: स्टीव जॉब्स कहाँ और कब जन्मे थे?

A2: वे 24 फरवरी 1955 को सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया (अमेरिका) में जन्मे थे।

Q3: उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कहाँ ली थी और क्या कॉलेज पूरा किया?

A3: उन्होंने स्थानीय स्कूलों से हाई-स्कूल तक की पढ़ाई की और फिर 1972 में Reed College में दाखिला लिया था — लेकिन उन्होंने कॉलेज ड्रॉप-आउट कर दी।

Q4: स्टीव जॉब्स की पत्नी कौन थीं?

A4: उनकी पत्नी थीं Laurene Powell Jobs — जिनसे उन्होंने 18 मार्च 1991 को विवाह किया था। पहले उनकी एक संबंध Chrisann Brennan से थी, जिससे उनकी बेटी Lisa हुई।

Q5: उनकी मृत्यु कब और कैसे हुई?

A5: स्टीव जॉब्स का निधन 5 अक्टूबर 2011 को पालो आल्टो, कैलिफोर्निया में हुआ। वे 56 वर्ष के थे, और मृत्यु का कारण पैनक्रियाटिक कैंसर था।

Q6: स्टीव जॉब्स की कुल संपत्ति (Net Worth) कितनी थी?

A6: उनकी मृत्यु के समय अनुमानित संपत्ति लगभग US$ 10.2 बिलियन थी।

दोस्तों आज आप इस आर्टिकल (Steve Jobs Biography In Hindi) में अच्छे से इनके बारे में अभी तक सब कुछ जान गए होंगे, जो आज आप जानने आये थे। ऐसी और जानकारी पाने के लिए हमे जल्दी से फॉलो कर लें।

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Categories जीवन परिचयTags biography, biography in hindi, Steve Jobs Biography

एप्पल के फाउंडर स्टीव जॉब्स का जीवन हर किसी के लिए प्रेरणादायक हैं, उन्होंने जिस तरह अपने जीवन में तमाम संघर्षों को झेलकर अपनी जिंदगी में सफलता के नए आयामों को छुआ वो वाकई तारीफ-ए-काबिल हैं।

जॉब्स की जिंदगी में एक वक्त ऐसा भी था जब उन्हें एक मंदिर में मिलने वाले खाने से अपनी भूख मिटानी पड़ती थी और दोस्त के घर जमीन में सोना पड़ता था।

यहीं नहीं वे अपने जीवन में उस दौर से भी गुजरे जब उन्हें अपनी ही कंपनी एप्पल से निकाल दिया गया था, लेकिन इन सबके बाबजूद भी उन्होंने कभी हार नहीं मानी और आगे बढ़ते रहे। आइए जानते हैं स्टीव जॉब्स के प्रेरणादायक जीवन के बारे में-

एप्पल के फाउंडर स्टीव जॉब्स की जीवनी – Steve Jobs Biography in Hindi

एक नजर में –

पूरा नाम (Name)स्टीव पॉल जॉब्स
जन्म (Birthday)24 फरवरी 1955,सेंट फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया
पिता (Father Name)अब्दुलफत्तः जन्दाली, पॉल जॉब्स (जिन्होंने गोद लिया था)
माता (Mother Name)जोअन्नी सिम्पसन, क्लारा (जिन्होंने गोद लिया था)
पत्नी (Wife Name)लोरिन पॉवेल (1991-2011), किर्स्टन ब्रेन्नन
बच्चे (Childrens Name)लिसा ब्रेन्नन,एरिन जॉब्स, ईव जॉब्स, रीड जॉब्स
मृत्यु (Death)5 अक्टूबर 2011 (कैलीफोर्निया)

जन्म, परिवार, शुरुआती जीवन –

स्टीव जॉब्स का जन्म और परवरिश भी बाकी लोगों से एकदम अलग है। दऱअसल उनका जन्म 24 फरवरी, 1955 में कैलीफॉर्नियां के सेंट फ्रांसिस्कों में सीरिया के मुस्लिम अब्दुलफत्त: जन्दाली के घर में हुआ था।

उन्होंने जोअत्री सिम्पसन की कोख से जन्म लिया था, हालांकि उस दौरान उनके माता ने शादी नहीं की थी। इसलिए उन्होंने स्टीव को गोद में देने का फैसला किया।

इसके बाद उन्होंने पॉल और क्लारा नाम के एक कपल को जॉब्स को पढ़ने के लिए कॉलेज भेजने के आश्वासन के बाद गोद में दे दिया था।

आपको बता दें कि पॉल, जिन्होंने जॉब्स को गोद लिया था, वे एक मैकेनिक थे, जबकि उनकी मां क्लारा अकाउंटेंट थी, जिन्होंने बाद में एक गैरेज खोल लिया था। वहीं जॉब्स की दिलचस्पी भी शुरु से ही इलैक्ट्रॉनिक्स में थी।

इसलिए वे गैरेज में रखे इलैक्ट्रॉनिक के सामान से छेड़छाड़ करते और हमेशा कुछ नया जानने की कोशिश में लगे रहते थे। इस तरह बचपन में ही जॉब्स ने अपने पिता की मद्द से इलैक्ट्रॉनिक्स का काफी काम सीख लिया था।

वहीं जॉब्स बचपन से ही विलक्षण प्रतिभा वाले एक कुशाग्र बुद्धि के छात्र थे, हालांकि उन्हें स्कूल जाने से अच्छा घर पर बैठकर किताबें पढ़ना ही लगता था।

शिक्षा एवं शुरुआती करियर –

स्टीव जॉब्स के माता-पिता ने किसी तरह उनकी हाईस्कूल तक तो पढ़ाई का खर्चा उठा लिया, लेकिन इसके बाद जब स्टीव जॉब्स का एडमिशन ऑरगेन के रीड कॉलेज में हुआ, तो यह इतना महंगा था कि स्टी के माता-पिता की पूरी जमा पूंजी इस कॉलेज की फीस में ही खर्च होने लगी, इसलिए पहले सेमेस्टर के बाद ही पैसों की कमी की वजह से स्टीव जॉब्स ने अपना कॉलेज छोड़ने का फैसला लिया।

हालांकि कॉलेज छोड़ने के बाद भी वे कैलीग्राफी (Calligraphy) की क्लास जरूर अटेंड करते थे। कैलीग्राफी, अक्षरों को क्रिएटिव एवं अच्छे तरीके से लिखने की कला होती है।

इस दौरान स्टीव जॉब्स का दोस्ती वोजनियाक से हुई, जिसे भी इनकी तरह ही इलैक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर में दिलचस्पी थी।

स्टीव जॉब्स को अपने जीवन के शुरुआती दिनों में आर्थिक तंगी की वजह से काफी बुरे दौर से गुजरना पड़ा था। स्टीव जॉब्स के पास इतने भी पैसे नहीं थे कि वे अपने पेट की भूख मिटा सकें, कोक की बॉटल बेचकर किसी तरह अपना गुजारा करते थे, और हर संडे कृष्ण मंदिर इसलिए जाते थे कि क्योंकि वहां फ्री में भरपेट खाना मिलता था, यही नहीं स्टीव जॉब्स ने कई रातें अपने दोस्त के कमरे में फर्श में सोकर गुजारीं थीं।

हालांकि, स्टीव जॉब्स के अंदर दृढ़इच्छाशक्ति और प्रतिभा की कोई कमी नहीं थी। इसी के चलते उन्हें 1972 में एक वीडियो गेम बनाने वाली डेवलिंग कंपनी में काम करने का मौका मिल गया, लेकिन स्टीव जॉब्स इस जॉब से संतुष्ट नहीं थे और फिर उन्होंने यह नौकरी छोड़ने का फैसला लिया।

वहीं इस नौकरी से जो भी पैसे बचाए उससे वे भारत घूमने के लिए आ गए। दरअसल, स्टीव को भारतीय संस्कृति काफी प्रभावित करती रही हैं और वे यहां आकर अध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करना चाहते थे।

इसलिए उन्होंने साल 1974 में करीब 7-8 महीने भारत के उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली में व्यतीत किए और यहां बौद्ध धर्म की शिक्षा ली।

इसके बाद वे अमेरिका वापस लौट गए, हालांकि अब पहले वाले जॉब्स नहीं रहे, वे पूरी तरह बदल चुके थे और उनका मन भी पूरी तरह एकाग्रचित्त हो गया था। इसके बाद जाकर उन्होंने फिर से जॉब ज्वॉइन कर ली।

सबसे प्रतिष्ठित कंपनी एप्पल के फाउंडर के रुप में –

स्टीव जॉब्स के सबसे अच्छे दोस्त वोजनियाक ने एक बार अपने पर्सनल कंप्यूटर का निर्माण किया, जिसे देख वे बेहद खुश हुए और इसी के बाद जॉब्स को कंप्यूटर बनाने के बिजनेस करने का आइडिया आया।

फिर साल 1976 में जॉब्स ने अपने दोस्त के साथ मिलकर अपने पिता के गैरेज में कम्प्यूटर बनाने का काम शुरु कर दिया, गैरेज से शुरु हुई कंपनी का नाम ”एप्पल” रखा।

इसके बाद इस कंपनी ने एक के बाद एक नए अविष्कार किए और सफलता के नए आयामों को छुआ। साल 1980 में जॉब्स की एप्पल कंपनी एक प्रतिष्ठित एवं विश्व की जानी-मानी कंपनी बन गई थी।

स्टीव को जब अपनी ही कंपनी एप्पल से बाहर निकाला:

स्टीव जॉब्स के जीवन में एक दौर वो भी आया, जब उनकी ही कंपनी ने उन्हें रिजाइन करने के लिए मजबूर किया था।

दअरसल, लगातार कामयाबी हासिल कर रही एप्पल को उस समय ब्रेक लगा जब उनसे एप्पल 3 और फिर लिसा कंप्यूटर (जिसका नाम स्टीव की बेटी के नाम पर रखा गया था) लॉन्च किए। ये दोनों ही प्रोडक्ट बुरी तरह फ्लॉप रहे।

हालांकि फिर बाद में स्टीव ने मैकिनटोश को बनाने में कड़ी मेहनत की और फिर 1984 में लिसा पर बेस्ट सुपर बाउल का बनाकर इसे मैकिनटोश के साथ लॉन्च कर दिया, इसके बाद उन्हें फिर से कामयाबी हासिल हुई।

वहीं इसके बाद एप्पल और IBM साथ मिलकर कंप्यूटर बनाने लगे। अच्छी क्वालिटी के चलते मार्केट में इसकी इतनी डिमांड बढ़ गई कि कंपनी पर ज्यादा से ज्यादा सिस्टम बनाने का प्रेशर पड़ने लगा।

हालांकि स्टीव जॉब्स ने अपनी कंपनी की कॉन्सेप्ट कभी नहीं छिपाया और इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ा, क्योंकि कई दूसरी कंपनियों इनके कॉन्सेप्ट को अपनाकर कंप्यूटर बनाकर ग्राहकों को सस्ते दामों पर बेचने लगीं जिसकी वजह से एप्पल को काफी लॉस होने लग और इसके स्टीव जॉब्स को जिम्मेदार मानते हुए उनकी ही कंपनी ने उन पर कंपनी छोड़ देने का प्रेशर बनाया, इसके बाद स्टीव जॉब्स ने 17 सितंबर, 1985 को एप्पल से इस्तीफा दे दिया।

हालांकि, उनके साथ उनके 5 और करीबी सहकर्मियों ने एप्प्ल से इस्तीफा दे दिया।

संघर्ष के समय में बनाया नेक्स्ट कंप्यूटर –

वो कहते हैं कि संघर्ष और असफलता ही इंसान के लिए सफलता की राहें खोलता है।

यही हुआ स्टीव जॉब्स के साथ खुद की कंपनी से बाहर निकाले जाने के बाद वे हताश नहीं हुए, बल्कि उन्होंने इस मौके का फायदा उठाते हुए नेक्सट कंप्यूटर के रुप में नई शुरुआत की, इस दौरान उनकी किस्मत ने भी साथ दिया और उनकी इस कंपनी के लिए एक बड़े बिजनेसमैन पेरॉट ने इन्वेस्ट किया।

इसके बाद 12 अक्टूबर, 1988 को एक इवेंट में नेक्सट कंप्यूटर को लॉन्च किया। हालांकि, नेक्स्ट भी एप्पल की तरह काफी एडवांस था, इसलिए यह महंगा भी बहुत था,जिसके चलते नेक्स्ट को  काफी नुकसान पड़ा।

इसके बाद स्टीव जॉब्स को यह एहसास हो गया और उन्होंने नेक्स्ट कम्यूटर कंपनी को एक सॉफ्टवेयर कंपनी बना दिया इसमें भी उन्होंने काफी सफलता हासिल की।

ग्राफिक्स कंपनी डिज्नी के साथ जॉब्स की पार्टनरशिप –

साल 1986 में स्टीव जॉब्स ने एक ग्राफिक्स कंपनी पिक्सर मूवी खऱीदी और डिज्नी के साथ पार्टनरशिप कर ली। इसके बाद स्टीव सफलता की सीढी चढ़ते गए और कभी अपनी जिंदगी में पीछे मुड़कर नहीं देखा।

एप्पल में सीईओ के रुप में वापसी –

इसके बाद एप्पल ने 1996 में नेक्स्ट कंपनी खरीदने के लिए स्टीव से बात की और यह डील 427 मिलियन डॉलर में फाइनल हुई। इस बार स्टीव जॉब्स ने सीईओ के रुप में एप्पल कंपनी में वापसी की, लेकिन इस दौरान एप्पल कठिन दौर से गुजर रही थी, इसके बाद स्टीव के मार्गदर्शन में कंपनी ने एप्पल IPOD म्यूजिक प्लेयर और ITunes लॉन्च किए।

इसके बाद 2007 में एप्पल ने अपना पहला मोबाइल फोन लॉन्च कर मोबाइल की दुनिया में क्रांति ला दी, वहीं इसके बाद एक के बाद एक नए-नए प्रोडक्टर लॉन्च कर एप्पल लगातार सफलता के नए पायदानों को छू रहा है।

शादी एवं निजी जीवन –

स्टीव जॉब्स को साल 1978 में अपने लव पार्टनर किर्स्टन ब्रेन्नन से एक बेटी लिसा ब्रेन्नन पैदा हुई। इसके बाद उन्होंने साल 1991 में लौरेन पावेल से शादी कर ली। दोनों को रीड, एरिन और ईव नाम की तीन बच्चे पैदा हुए।

अवॉर्ड्स –

एप्पल कंपनी के संस्थापक स्टीव जॉब्स को उनके जीवन में तमाम पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है, जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं-

  • अमेरिका के राष्ट्रपति के द्वारा स्टीव जॉव्स को “नेशनल मैडल ऑफ टेक्नोलॉजी” से नवाजा गया था।
  • स्टीव जॉब्स को “कैलिफ़ोर्निया हाल ऑफ फेम” से सम्मानित किया गया था।
  • स्टीव जॉब्स की उनकी प्रतिष्ठित कंपनी एप्पल के लिए साल 1982 में “मशीन ऑफ द इयर” पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

Steve Jobs Say’s : Stay Hungry Stay Foolish

मृत्यु –

दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी एप्पल के फाउंडर स्टीव जॉब्स को अपनी जिंदगी के आखिरी समय में पेनक्रियाटिक कैंसर जैसी बीमारी से जूझना पड़ा था।

कई साल तक इस बीमारी से लड़ने के बाद उन्होंने 2 अक्टूबर, 2011 में कैलीफॉर्निया के पालो ऑल्टो में अपनी अंतिम सांस ली और इस दुनिया को अलविदा कह कर चले गए।

वहीं अपनी मौत से पहले स्टीव जॉब्स ने 24 अगस्त 2011 में टीम कुक को एप्पल के नए सीईओ बनाने की घोषणा की थी।

वहीं आज स्टीव जॉब्स हमारे बीच जरूर नहीं हैं लेकिन एप्पल जैसी प्रतिष्ठित कंपनी की नींव रखने के लिए उनको हमेशा याद किया जाएगा।

रोचक एवं दिलचस्प तथ्य –

  • स्टीव जॉब्स ने 12 साल की उम्र में पहली बार कंप्यूटर देखा था।
  • स्टीव जॉब्स एक बार जब एप्पल के गार्डन में बैठे थे, तभी उन्होंने अपनी कंपनी का नाम एप्पल रखने का सोचा।
  • स्टीव जॉब्स के महान और प्रेरणात्मक जीवन पर ”जॉब्स” मूवी बन चुकी है, इसके अलावा डिज्नी पिक्सर की फिल्म ”ब्रेव” भी उनके जीवन पर ही समर्पित है।
  • स्टीव जॉब्स भारत में अध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने के लिए आए थे। इसके अलावा वे भारतीय संस्कृति और परिधानों को भी काफी अधिक पसंद करते थे।
  • स्टीव जॉब्स साल 1974 में भारत आए थे और कई महीने उन्होंने हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में बिताया था।
  • स्टीव जॉब्स महान वैज्ञानिक आइंसटीन को अपना आदर्श मानते थे।
  • स्टीव जॉब्स ने Apple’s Ipod का पहली बार सैंपल देखते हुए उसकी पानी में डाल दिया और फिर हवा के बुलबुलों से यह प्रूफ किया था कि इसे और भी स्मॉल और आर्कषक बनाया जा सकता है।
  • स्टीव जॉब्स को साल 1984 में अपनी ही कंपनी एप्पल से निकाल दिया गया था।
  • स्टीव जॉब्स के पास भी मार्क जुकरबर्ग और बिल गेट्स की तरह कॉलेज डिग्री नहीं थी।
  • स्टीव जॉब्स के बारे में दिलचस्प तो यह है कि वे बिना नंबर प्लेट की गाड़ी चलाते थे।
  • स्टीव जॉब्स बौद्ध धर्म का पालन करते थे।

प्रेरणात्मक विचार –

  • ”तुम्हारा समय सीमित है, इसलिए इसे किसी और की जिंदगी जी कर बिल्कुल भी व्यर्थ मत करो।”
  • ”शायद मौत ही इस जिंदगी का सबसे बड़ा अविष्कार है।”
  • ”जो इतने पागल होते हैं, उन्हें लगता है कि वो दुनिया बदल सकते हैं, वे अक्सर बदल देते हैं।”
  • ”डिजाइन सिर्फ यह नहीं है कि चीज कैसी दिखती या फिर महसूस होती है, बल्कि डिजाइन यह है कि वह चीज काम कैसे करती है।”
  • ”कभी-कभी जिंदगी आपके सर पर ईंट से वार करेगी लेकिन अपना भरोसा कभी मत खोइए।”

Editorial Team

Steve Jobs Biography In Hindi

इस ब्लॉग में आप स्टीव जॉब्स की जीवनी(Steve Jobs Biography In Hindi) और अन्य विवरण हिंदी में पढ़ेंगे।

स्टीव जॉब्स(Steve Jobs) ने अपने सपने और दृढ़ इच्छाशक्ति से दुनिया को बदल दिया। जॉब्स तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी थे जिन्होंने तकनीक के इस्तेमाल के तरीके को बदल दिया। उन्हें Apple Inc.

की शुरुआत करने में मदद करने के लिए जाना जाता है।

लेकिन किस वजह से वे आज इतने मशहूर हैं? की सह-स्थापनाशिक्षारीड कॉलेज से बाहर हो गएउल्लेखनीय उत्पादiPhone, iPad, MacBook, iPod

स्टीव जॉब्स की जीवनी | Steve Jobs Biography In Hindi

स्टीव जॉब्स का जन्म 24 फरवरी, 1955 को सैन फ्रांसिस्को, कैलिफ़ोर्निया में हुआ था। पॉल और क्लारा जॉब्स ने स्टीव को बचपन में ही अपने पास रख लिया था और प्यार से उनका पालन-पोषण किया। उन्होंने गैजेट्स में उनकी रुचि और प्यार को बढ़ावा दिया।

जॉब्स को बचपन से ही तकनीक में रुचि थी। उन्हें गैजेट्स और औज़ारों के साथ खेलना पसंद था। इसी जुनून की वजह से उन्होंने हमारे समय के कुछ सबसे महत्वपूर्ण सामान बनाए।

जब जॉब्स छोटे थे, तो उन्हें कुछ मुश्किल दौर से गुज़रना पड़ा। केवल एक टर्म के बाद, उन्होंने रीड कॉलेज छोड़ दिया क्योंकि उन्हें नहीं लगा कि सीखने का पारंपरिक तरीका उनके लिए कारगर होगा।

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लेकिन इसने उन्हें पढ़ाई से नहीं रोका। वह उन कक्षाओं में जाते रहे जिनमें उनकी रुचि थी, जैसे कि लेखन कक्षा जिसका प्रभाव इस बात पर पड़ता कि Apple अपने फ़ॉन्ट कैसे डिज़ाइन करता है।

स्टीवन जॉब्स और स्टीव वोज़्नियाक ने 1976 में स्टीव जॉब्स के माता-पिता के तहखाने में Apple की शुरुआत की। उस समय जॉब्स की उम्र सिर्फ़ 21 साल थी।

कंपनी द्वारा बनाया गया पहला उत्पाद, Apple I, काफ़ी अच्छा चला, लेकिन यह Apple II था जिसने वास्तव में कंपनी को प्रसिद्ध बनाया।

जॉब्स ने Apple को 1984 में Macintosh जारी करने के लिए प्रेरित किया, जो ग्राफ़िकल यूज़र इंटरफ़ेस वाला अधिकांश लोगों के लिए पहला डेस्कटॉप कंप्यूटर था। जॉब्स तकनीक के काम करने के तरीके को बदलने वाले थे, और यह सिर्फ़ शुरुआत थी।

परिवार | Family

स्टीव जॉब्स का पालन-पोषण पॉल और क्लारा जॉब्स ने किया, जिन्होंने उन्हें अपने साथ रखा और उन्हें एक सुरक्षित और देखभाल करने वाला घर दिया।

जॉब्स अक्सर कहते थे कि उनके दत्तक माता-पिता ही उनकी सफलता का कारण थे, क्योंकि वे हमेशा उन पर विश्वास करते थे।

1991 में स्टीव जॉब्स ने लॉरेन पॉवेल से शादी की। उनके तीन बच्चे हुए, जिनका नाम रीड, एरिन और ईव था।

जॉब्स की एक और संतान थी जिसका नाम लिसा था, जो उनके पिछले रिश्ते से थी। जॉब्स ने हमेशा अपने परिवार को प्राथमिकता दी, भले ही उनकी नौकरी बहुत मांग वाली थी।

उन्होंने अपने काम और निजी जीवन को संतुलित करने की कोशिश की, लेकिन यह हमेशा आसान नहीं था।

शिक्षा के बारे में विवरण | Education Details

कम से कम यह तो कहा जा सकता है कि स्टीव जॉब्स की स्कूली शिक्षा सामान्य नहीं थी। वे क्यूपर्टिनो, कैलिफोर्निया के होमस्टेड हाई स्कूल गए और वहाँ स्टीव वोज़्नियाक से मिले।

जैसे ही जॉब्स ने हाई स्कूल से स्नातक किया, वे पोर्टलैंड, ओरेगन में रीड कॉलेज चले गए, लेकिन उन्होंने केवल एक सेमेस्टर के बाद ही पढ़ाई छोड़ दी।

कॉलेज से स्नातक होने के बाद भी जॉब्स ने सीखना बंद नहीं किया। यह उनके लिए अभी भी दिलचस्प था, इसलिए वे सुलेख जैसी कक्षाओं में जाते रहे, जिसने बाद में Apple के सामान की बनावट को प्रभावित किया।

जब स्कूल की बात आई, तो जॉब्स सामान्य रास्ते पर चलने के बजाय अपनी रुचियों का पालन करने में विश्वास करते थे।

कार्य जीवन | Career

स्टीव जॉब्स का करियर नए विचारों, कड़ी मेहनत और पूर्णता की कभी न खत्म होने वाली खोज से चिह्नित था।

1976 में Apple Inc.

को शुरू करने में मदद करने के बाद, जॉब्स जल्दी ही अपने बड़े विचारों और अपनी टीम का नेतृत्व करने के तरीके के लिए जाने जाने लगे।

1984 में जब मैकिन्टोश आया तो सब कुछ बदल गया। इसने लोगों को कंप्यूटर का उपयोग करने का एक नया तरीका दिया।

इसके बावजूद, जॉब्स की यात्रा सुचारू रूप से नहीं चली। कंपनी के भीतर सत्ता की लड़ाई के बाद उन्हें 1985 में Apple से निकाल दिया गया।

जॉब्स ने हार नहीं मानी और NeXT नामक कंपनी शुरू की, जो स्कूलों और व्यवसायों के लिए उच्च-स्तरीय कंप्यूटर बनाती है।

NeXT कभी भी व्यावसायिक रूप से सफल नहीं रही, लेकिन जब जॉब्स 1997 में Apple में वापस आए, तो इसकी तकनीक का उपयोग कंपनी के ऑपरेटिंग सिस्टम को बनाने में किया गया।

Apple में जॉब्स की वापसी व्यवसाय के लिए एक नए युग की शुरुआत थी।

iMac, iPod, iPhone और iPad जैसे उपकरणों की बदौलत Apple दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में से एक बन गई, जो अपने समय से आगे थे।

डिज़ाइन, उपयोगकर्ता अनुभव और नए विचारों पर उनके ध्यान ने Apple को अपने प्रतिद्वंद्वियों से अलग खड़ा किया और टेक उद्योग को बदल दिया।

5 अक्टूबर, 2011 को स्टीव जॉब्स की मृत्यु हो गई, लेकिन उनका काम जारी है।

उन्होंने जिन चीज़ों को बनाने में मदद की, वे आज भी हमारे काम करने, खेलने और एक-दूसरे से बात करने के तरीके को प्रभावित करती हैं।

जॉब्स सिर्फ़ एक व्यवसायी से कहीं बढ़कर थे। वे एक विचारक थे जिन्होंने लोगों को अलग सोच रखने के लिए प्रेरित किया और उन्हें ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित किया।

निष्कर्ष | Conclusion

स्टीव जॉब्स का जीवन दिखाता है कि एक लक्ष्य रखना, उस पर टिके रहना और नए विचारों के साथ आना कितना महत्वपूर्ण है।

जॉब्स का तकनीक पर बहुत बड़ा प्रभाव था, इसमें उनकी शुरुआती रुचि से लेकर इसके भविष्य को आकार देने में उनकी भूमिका तक। वे सिर्फ़ चीज़ें नहीं बना रहे थे; वे एक विरासत छोड़ रहे थे।

स्टीव जॉब्स की जीवनी(Steve Jobs Biography In Hindi) के बारे में हमारा ब्लॉग पढ़ने के लिए धन्यवाद, आशा है कि आप हमारा ब्लॉग पढ़कर संतुष्ट होंगे।

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जॉब्स 1997 में कंपनी में बतौर सीईओ काम कर रहे थे, तभी 1998 में iMac बाज़ार में आया जो बड़ा ही अल्पपारदर्शी खोल वाला PC था। उनके नेतृत्व में एप्पल ने बड़ी सफलता प्राप्त की.

पॉल आंड कालरा दोनों ही ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे और मध्यम वर्ग परिवार से ताल्लुक रखते थे।

स्टीव ने मोंटा लोमा स्कूल में दाखिला लिया और वही पर अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी की। इसके बाद वे आगे की पढ़ाई कूपटिर्नो जूनियर हाई स्कूल से पूरी की। इसके बाद सन 1972 में अपनी कॉलेज की पढाई के लिए ओरेगन के रीड कॉलेज में दाखिला लिया जो की वहां की सबसे महंगी कॉलेज थी। स्टीव पढने में बहुत ही ज्यादा अच्छे थे लेकिन, उनके माता-पिता पूरी फीस नहीं भर पाते थे, इसलिए स्टीव स्टीव ने फीस भरने के लिए बोतल के कोक को बेचकर पैसे जुटाते, और पैसे की कमी के कारण मंदिरों में जाकर वहा मिलने वाले मुफ्त खाना खाया करते थे। और अपने होस्टल का किराया बचाने के लिए अपने दोस्तों के कमरों में जमीन पर हि सो जाया करते थे। इतनी बचत के बावजूद फीस के पैसे पुरे नहीं जुटा पाते और अपने माता-पिता को कढ़ी मेहनत करता देख उन्होंने कॉलेज छोड़कर उनकी मदद करने की सोची। लेकिन उनके माता-पिता इस बात से सहमत नही थे अंत: उन्होने कॉलेज में नहीं जाने के स्थान पर क्रेटीव क्लासेज जाना स्वीकार किया। जल्दी ही उस काम मे स्टीव को मन लगने लगा। क्लासेस जाने के साथ-साथ वे अटारी नाम की कंपनी में टेक्नीशियन का काम भी मिल गया।

1976 में स्टीव वोजनियाक ने मेकिनटोश एप्पल 1 कंप्यूटर क आविष्कार किया। जब वोजनियाक ने यह जॉब्स को दिखाया तो जॉब्स ने इसे बेचने का सुझाव दिया, इसे बेचने के लिए वे और वोजनियाक अपने पिता के गेरेज में एप्पल कंप्यूटर का निर्माण करने लगे। पहले तो वे सर्किट बोर्ड बेचा करते थे। लेकिन पैसो की कमी के कारण समस्या आ रही थी। लेकिन उनकी ये समस्या उनके एक मित्र माइक मर्कुल्ला ने दूर कर दी साथ ही वे कंपनी में साझेदार पार्ट्नर भी बन गये, और स्टीव ने एप्पल कंप्यूटर बनाने की शुरुआत की। जॉब्स 1976 में एप्पल के सह-संस्थापक बने और एप्पल के पर्सनल कंप्यूटर बेचने लगे, एप्पल तेज़ी से आगे बढती गयी और पैसे कमाती गयी और पहले साल के अंत में ही पर्सनल कंप्यूटर बनाने वाली दूसरी कंपनी बन गयी। एप्पल इतनी बड़ी मात्र में पर्सनल कंप्यूटर का उत्पादन करने वाली पहले सबसे बड़ी कंपनी बनी। साथ ही उन्होंने अपने साथ काम करने के लिए पेप्सी, कोका कोला कंपनी के मुख्य अधिकारी जॉन स्कली को भी शामिल कर लिया।

लेकिन बीच मे आपसी मतभेदो और उनके साझेदारो द्वारा उनको ना पसंद किये जाने के कारण एप्पल कंपनी की लोकप्रियता पॉप्युलॅरिटी कम होने लगी, और बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर की मीटिंग में सारे दोष स्टीव का ठहराकर सन 1985 में उन्हें एप्पल कंपनी से बाहर कर दिया। ये उनके जीवन का सबसे दुखद पल था। क्योकि जिस कंपनी को उन्होंने कढ़ी मेहनत और लग्न से बनाया था उसी से उन्हें निकाल दिया गया था। स्टीव के जाते ही कंपनी पूरी तरह कर्ज में डूब गयी।

एप्पल से इस्तीफा (Re-sine latter) देने के 5 साल बाद उन्होंने Next-ink नाम की और Pixer नाम की दो कंपनियों की शुरुआत की। Next-ink में उपयोग की जाने वाली तकनीक सबसे बाड़िया थी। और उनका उदेश्य बेहतरीन सॉफ्टवेर software बनाना था। और Pixer कंपनी में animation का काम होता था। एक साल तक काम करने के बाद पैसो की समस्या आने लगी और Rosh perot के साथ साझेदारी कर ली, और पेरोट ने अपने पैसो का निवेश किया। सन 1990 में Next-ink ने पहला कंप्यूटर बाज़ार में उतारा लेकिन बहुत ही ज्यादा महंगा होने के कारण बाजार में नहीं चल सका, फिर Next-ink ने Inter personal computer बनाया जो बहुत ही ज्यादा लोक प्रिय हुआ। और Pixer ने एनिमेटेड फिल्म Toy story बनायीं जो अब तक की सबसे बेहतरीन फिल्म हैं।

1997 में, एप्पल ने NeXT-inK को खरीद लिया, ताकि वे देश में रोजगार की निर्मिती कर सके, और इसी वजह से वे NeXT के पुनः सीईओ बने। 1997 में शुरू में उन्होंने एक नयी सोच के साथ कंप्यूटर का उत्पादन करना शुरू किया जिसे “Think Different” का नाम दिया गया। बाद में उन्होंने एप्पल के कई प्रोडक्ट्स जैसे iMac, iTunes, Apple Stores, iPod, iTunes Store iPhone, App Store और iPad का निर्माण किया.

आइए उनके जीवन पर नज़र डालें, कैसे वे बने और कैसे उन्होंने दुनिया को बदल दिया।

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स्टीव जॉब्स जीवन परिचय | Steve Jobs Wikipedia In Hindi

विवरणजानकारी
पूरा नामस्टीवन पॉल जॉब्स(Steven Paul Jobs)
जन्म तिथि24 फरवरी, 1955
जन्म स्थानसैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया, यूएसए
मृत्यु तिथि5 अक्टूबर, 2011
व्यवसायउद्यमी, आविष्कारक
के लिए जाना जाता हैएप्पल इंक.

सन 2001 में एप्पल ने iPod का निर्माण किया। फिर सन 2001 में iTunes Store का निर्माण किया। सन 2007 में एप्पल ने iPhone नामक मोबाइल फ़ोन बनाये जो बड़े ही सफल रहे, और आज भी iPhone को सबसे बड़ा ब्रांड कहा जाता है।

निजी जीवन – Personal Life :-

स्टीव आध्यात्मिक जीवन में बहुत विश्वास करते थे। इसलिए स्टीव अपने धर्म गुरु से मिलने भारत आए, जिसके कारण भारत मे उन्होने काफ़ी समय दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश मे बिताया। सात महीने भारत मे रहने के बाद वे वापस अमेरिका चले गऐ। उन्होने अपनी उपस्थिति बदल डाली, उन्होने अपना सिर मुंडा दिया और पारंपरिक भारतीय वस्त्र पहनने शुरू कर दिए, साथ ही वे जैन, बौद्ध धर्मों के गंभीर व्यवसायी भी बन गया.

Steve Jobs /स्टीवन पॉल जॉब्स (स्टीव जॉब्स) एक अमेरिकी उद्योगपति थे। ज्यादातर वे एप्पल इंक के सह-संस्थापक, अध्यक्ष और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) के कारण जाने जाते है। जॉब्स पिक्सर एनीमेशन स्टूडियोज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी रहे। सन् 2006 में वह दि वाल्ट डिज्नी कम्पनी के निदेशक मंडल के सदस्य भी रहे, जिसके बाद डिज्नी ने पिक्सर का अधिग्रहण कर लिया था।

स्टीव जॉब्स का परिचय – Steve Jobs Biography In Hindi

पूरा नामस्टीवन पॉल जॉब्स (Steve Jobs)
पिता का नामपॉल रेनहोल्ड जॉब्स
माता का नामक्लारा जॉब्स
जन्म दिनांक24 फ़रवरी, 1955
मृत्यु 5 अक्टूबर 2011 (उम्र 56)
जन्म स्थानसैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया, संयुक्त राज्य अमरीका
विवाहलोरेन पॉवेल

जॉब्स 1970 में हुई माइक्रो कंप्यूटर की क्रांति के जनक कहलाते है। उन्होंने अपने सहकर्मी स्टीव वोज्निक के साथ मिलकर एप्पल की स्थापना की। उनकी मृत्यु के कुछ समय बाद ही उनके कार्यकालिन जीवनी लेखक वाल्टर इसाकसन, ने उनके बारे में बताया की वे, “एक क्रिएटिव उद्योगपति थे जिनका परफेक्शन के प्रति जूनून और 6 व्यवसायों के तीव्र विकास: पर्सनल कंप्यूटर, एनिमेटेड मूवी, म्यूजिक, फ़ोन, टेबलेट कंप्यूटिंग और डिजिटल पब्लिशिंग सतत चलता रहा।”

स्टीव जॉब्स की संघर्षपूर्ण जीवन – Steve Jobs Life History In Hindi :-

जाने-माने अमेरिकी उद्योगपति स्टीव जॉब्स ने संघर्ष करके जीवन में यह मुकाम हासिल किया। 24 फरवरी 1955 को केलिफोर्निया के सेन फ्रांसिस्को में जन्मे स्टीव का जीवन जन्म से ही संघर्ष पूर्ण था, उनकी माँ अविवाहित कॉलेज छात्रा थी। और इसी कारण वे उन्हें रखना नहीं चाहती थी। और स्टीव जॉब्स को किसी अच्छे परिवार में गोद देने का फैसला कर दिया। लेकिन जो गोद लेने वाले थे उन्होंने ये कहकर मना कर दिया की वे लड़की को गोद लेना चाहते हैं। फिर स्टीव जॉब्स को केलिफोर्निया में रहने वाले पॉल और कालरा जॉब्स ने गोद ले लिया.