Lakshmi mittal biography in hindi

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उसके बाद कोलकाता के सेंट जेविअर्स कॉलेज से वाणिज्य और बिजनेस एंड अकाउंटेंट में ग्रेजुएट किया. विमेंस यूनिवर्सिटी के ‘इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी फॉर वीमेन’ को चंदे में एक बड़ी धन-राशि दी जिसके बाद संस्थान का नाम बदलकर ‘उषा मित्तल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी’ कर दिया गया।

वयवसाय:--

भारत सरकार द्वारा स्टील के उत्पादन पर नियंत्रण के वजह से 26-वर्षीय लक्ष्मी निवास मित्तल ने सन 1976 में अपना पहला स्टील कारखाना ‘पी.टी.

2004 इस्कोर स्टील, द. लक्ष्मी मित्तल विश्व के सबसे धनी भारतीय व्यक्ति हैं.

लक्ष्मी निवास मित्तल का जन्म राजस्थान के बाड़मेर में हुआ था । उनके पिता का नाम मोहन लाल मित्तल था । मित्तल की शिक्षा लन्दन में हुई । उन्होंने अपने इस्पात व्यापार की शुरूआत एक छोटे से व्यापारी के रूप में की किन्तु आज मित्तल विश्व के सबस बड़े इस्पात उत्पादक के रूप में जाने जाते हैं । उनको स्टील का उत्पादन करने वाली विशाल कम्पनियों को खरीदने की धुन है ।

सर्वप्रथम उन्होंने एक इन्डोनेशियन कम्पनी को खरीदा था और देखते ही देखते विश्व की स्टील उत्पादन करने वाली दूसरी सबसे बड़ी कम्पनी आर्सलर को खरीद लिया । आर्सलर कम्पनी नीदरलैंड के व्यापारी जोसफ किन्स की है । मित्तल को आर्सलर को खरीदने हेतु काफी मशक्कत करनी पड़ी ।

जब उन्होंने आर्सलर को खरीदने का इरादा व्यक्त किया तभी यूरोप के व्यापार जगत उनकी इस मंशा का विरोध किया । यूरोपीयन व्यापार जगत का तर्क था कि मित्तल भारतीय समुदाय से सम्बन्ध रखते हैं तथा सामान्यत: ये देखा गया है कि एशियन विशेषकर भारतीय उतने प्रोफेशनल नहीं होते जितने कि यूरोपियन ।

दूसरी समस्या थी कि आर्सलर में 62000 के लगभग कर्मचारी विश्व भर में कार्य करते हैं तथा उनमें अधिकांश यूरोपियन हैं । उनको मित्तल की क्षमता पर सन्देह था कि वह उन कर्मचारियों को उस तरह से नहीं रख पायेंगे जिस प्रकार से यूरोप की आर्सलर कम्पनी का प्रबन्धक उन्हें रखता था ।

भारतीय समुदाय का अपना तर्क यह था कि जब मित्तल पूरी-पूरी राशि उस कम्पनी को खरीदने में अदा कर रहे हैं तथा नियमों तथा शर्तों का पालन करने का वचन भी दे रहे है । तभी मित्तल को आर्सलर को एक्वायर करने से रोकना कुछ नहीं केवल नस्लवाद है । अन्तत: मित्तल का आर्सलर से समझौता 18 जून, 2006 को हुआ । समझौते के मुख्य बिन्दु हैं:

1) ऑनरशिप 50% आर्सलर इन्वेस्टर्स, 45% मित्तल इन्वेस्टर्स । 2) नई कम्पनी का उत्पादन 110 मैट्रिक टन होगा जो उसके निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 3 गुना अधिक होगा । 3) इसके 27 देशों में 61 प्लांट्‌स होंगे ।

4) वन शेयर वन वोट एग्रीमेंट । 5) किन्स 2007 तक चेयरमैन होंगे । फिर 2007 में लक्ष्मी मित्तल चेयरमैन होंगे । 6) बोर्ड में 18 सदस्य होंगे । 6.

2004 साइड रूजिका, रोमानिया (126 मिलियन डालर)

15. उसके बाद मित्तल ने भारत की राजधानी दिल्ली में डॉ कलाम मार्ग पर एक संपति खरीदी थीं जिसकी कीमत 3 करोड़ अमेरिकी डॉलर थीं.

शिक्षा :-

सन 2003 में लक्ष्मी निवास मित्तल और उषा मित्तल फाउंडेशन ने राजस्थान सरकार के साथ मिलकर जयपुर में ‘एल.एन.एम.

लक्ष्मी मित्तल का जीवन परिचय, जीवनी, जन्म, शिक्षा, उम्र, परिवार, पत्नी, संपत्ति, विवाद, किंग ऑफ स्टील (Lakshmi Mittal Biography In Hindi, Wiki, Family, Education, Birthday, Career, Marriage, Wife, Daughter, Age, Hobbies, Personal Life, Lifestyle, Photos, Wikipedia, Net Worth, Controversy, King Of Steel)

किंग ऑफ स्टील के नाम से मशहूर लक्ष्मी मित्तल लंदन में बसे भारतीय मूल के एक स्टील कारोबारी है, जिन्हें 2017 में दुनिया के सबसे धनी व्यक्तियों में 56वां स्थान प्राप्त हुआ था।

वह दुनिया के सबसे बड़ी स्टील कंपनी आर्सेलर मित्तल के चेयरमैन और सीईओ हैं, एवं उनकी खास बात यह है कि एक लंबे समय तक लंदन में रहने के बाद भी उन्होंने भारतीय नागरिकता नहीं छोड़ी है।

वर्ष 2006 में वह तब सुर्खियों में आए जब उनकी कंपनी ने फ्रांस की सबसे बड़ी स्टील कंपनी आर्सेलर का अधिग्रहण किया था और उन्होंने इटली की स्टील कंपनी मार्सेगेग्लिया के अलावा घाटे में चल रहे समूह एलवा का अधिग्रहण भी किया है।

तो दोस्तों आज के अपने लेख लक्ष्मी मित्तल का जीवन परिचय (Lakshmi Mittal Biography In Hindi) में हम आप को उनके बारे में बहुत ही रोचक जानकारियां देंगे तो आइए जानते हैं उनके बारे में-

लक्ष्मी मित्तल कौन है?

साल 2007 में किंग्स कॉलेज लंदन द्वारा फेलोशिप प्रदान की गयी थीं.

*. 2004 टेपरो लासी, रोमानिया

14. मित्तल के दो भाई भी हैं – प्रमोद मित्तल और विनोद मित्तल. उस समय यह घर काफी महंगा था. जिसकी कीमत 7 करोड़ ब्रिटिश पौंड थीं. इस्पात इंडो’ इंडोनेशिया के सिदोअर्जो में स्थापित किया। 1990 के दशक तक भारत में मित्तल परिवार के परिसंपत्ति के रूप में नागपुर में शीट स्टील्स की एक कोल्ड रोलिंग मिल और पुणे के पास एक एलाय स्टील संयन्त्र था। आज के समय में भारत में मित्तल परिवार का व्यवसाय (जिसमें मुंबई के पास एक विशाल इंटीग्रेटेड स्टील संयन्त्र शामिल है) विनोद और प्रमोद मित्तल चलाते हैं पर लक्ष्मी का इन व्यवसायों से कोई लेना-देना नहीं है।

मार्च 2008 में फोर्ब्स मैगजीन ने लक्ष्मी मित्तल को दुनिया के चौथे सबसे धनी शख्स का खिताब दिया। लक्ष्मी एशिया के सबसे धनी इंसान बताए गए।

वर्तमान में लक्ष्मी मित्तल आर्सेलर मित्तल स्टील कंपनी के सीईओ और चेयरमैन हैं। इसके अलावा वह ईएडीएस, आईसीआईसीआई बैंक और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी गोल्डमैन सैक्स के गैर-कार्यकारी निदेशक भी हैं। सन 2008 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया।

लोकोपकारी कार्य

नवम्बर 2003 में उन्होंने प्रतिभावान भारतीय खिलाडियों के आर्थिक मदद और प्रोत्साहन के लिए ‘मित्तल चैंपियंस ट्रस्ट’ की स्थापना की। सन 2008 में जब अभिनव बिंद्रा ने भारत के लिए ओलंपिक्स में स्वर्ण पदक जीता तब इस ट्रस्ट से 1.5 करोड़ रूपए पुरस्कार के रूप में दिए गए। सन 2012 के लन्दन ओलंपिक्स में उनकी कंपनी ‘आर्सेलर मित्तल’ ने ‘आर्सेलर मित्तल ऑर्बिट’ का निर्माण करवाया था।

शिक्षा के क्षेत्र में

सन 2003 में लक्ष्मी निवास मित्तल और उषा मित्तल फाउंडेशन ने राजस्थान सरकार के साथ मिलकर जयपुर में ‘एल.एन.एम.

इनका परिवार राजस्थान के बाद कोलकाता चला गया और वहीँ रहने लगा. अफ्रीका (280 मिलियन डालर)

17. 2005 हुनान वेलिन, चीन (37.17%)

18.

lakshmi mittal biography in hindi

(Who Is Lakshmi Mittal?)

लंदन में बसे भारतीय मूल के उद्योगपति लक्ष्मी निवास मित्तल जिन्हें किंग ऑफ स्टील के नाम से जाना जाता है, वह दुनिया के सबसे धनी भारतीय ब्रिटेन के सबसे धनी एशियाई और विश्व के 91 सबसे धनी व्यक्ति हैं।

इसके साथ ही वह इस्पात क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित समूह मित्तल एलएनएम नामक समूह के मालिक हैं। और उनका जन्म 15 जून 1950 को भारत के राजस्थान के चूरु जिले में हुआ था।

उनके पिता का नाम मोहन लाल मित्तल था और उनके पिता का इस बात का व्यवसाय था वह एक संयुक्त परिवार में पैदा हुए थे और बाद में उनका परिवार राजस्थान को छोड़कर कोलकाता में जाकर रहने लगा था।

उनकी माता जी का नाम गीता मित्तल था और उनके परिवार में उनके माता-पिता के अलावा उनके भाई प्रमोद मित्तल और विनोद मित्तल एवं एक बहन सीमा लोहिया हैं।

लक्ष्मी मित्तल का जीवन परिचय

नाम (Name)लक्ष्मी नारायण मित्तल
अन्य नाम (Other Name)किंग ऑफ स्टील
पेशा (Profession)भारतीय व्यवसाई
प्रसिद्ध (Famous For)आर्सेलर मितल के अध्यक्ष और सीईओ के रूप में
शौक (Hobbies)फुटबॉल और क्रिकेट देखना एवं खेलना, ग्रैंड प्रिक्स इवेंट्स में जाना
जन्म (Date Of Birth)15 जून 1950
जन्म स्थान (Birth Place)राजगढ़, राजस्थान, भारत
राशि (Zodiac Sine)मिथुन
धर्म (Religion)हिंदू
जाति (Cast)ज्ञात नहीं
उम्र (Age)73 वर्ष 2023 के अनुसार
नागरिकता (Nationality)भारतीय
गृह नगर (Home Town)सादुलपुर, राजस्थान, भारत
शैक्षिक योग्यता (Education) व्यवसाय और लेखा में वाणिज्य स्नातक
वैवाहिक स्थिति (Marrital Status)विवाहित
कुल संपत्ति (Net Worth)$18.3 बिलियन

लक्ष्मी मित्तल की शिक्षा (Lakshmi Mittal Education)

प्रसिद्ध इस्पात व्यवसाय लक्ष्मी मित्तल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शरीर दौलतराम नोपानी विद्यालय, कोलकाता से प्राप्त की है

अपनी प्रारंभिक शिक्षा को पूर्ण करने के बाद उन्होंने कोलकाता के सेंट जेवियर्स कॉलेज में दाखिला लिया और वहां से व्यवसाय एवं लेखा में वाणिज्य स्नातक की शिक्षा हासिल की है।

लक्ष्मी मित्तल का परिवार (Lakshmi Mittal Family)

पिता का नाम (Father’s Name)मोहनलाल मित्तल
माता का नाम (Mother’s Name)गीता मित्तल
बहन का नाम (Sister’s Name)सीमा लोहिया
भाई का नाम (Brother’s Name)प्रमोद मित्तल
विनोद मित्तल
पत्नी का नाम (Wife’s Name)ऊषा मित्तल
बेटे का नाम (Son’s Name)आदित्य मित्तल
बेटी का नाम (Daughter’s Name)वनीशा मित्तल

लक्ष्मी मित्तल की पत्नी (Lakshmi Mittal Wife)

लक्ष्मी मित्तल जी का विवाह ऊषा मित्तल जी के साथ हुआ है और उनके एक बेटी वनीशा मित्तल व एक बेटा आदित्य मित्तल हैं।

वर्तमान में वह अपने परिवार के साथ लंदन के ग्रेट ब्रिटेन में रहते हैं परंतु उन्हें अपने देश के प्रति प्रेम और जन्मभूमि से बहुत लगाव है इसलिए लगभग 18 वर्षों बाद भी उन्होंने भारत की नागरिकता नहीं छोड़ी है।

उनकी बेटी वनिशा मित्तल का विवाह अमित भाटिया जी के साथ हुआ था जो कि एक उद्योगपति और मानव प्रेमी भी हैं हालांकि 10 वर्षों बाद वर्ष 2014 में उनका तलाक हो गया।

लक्ष्मी मित्तल जी ने फिलीपींस में 70 मिलीयन यूरो में एक पैलेस खरीदा था जिसे उन्होंने अपनी बेटी को शादी के बाद भेंट कर दिया था और उनकी बेटी की शादी को इतिहास की दूसरी सबसे महंगी शादी करार दिया गया था।

लक्ष्मी मित्तल की पसंदीदा वस्तुएं (Favorite Things)

पसंदीदा भोजन (Favorite Food)बटर चिकन और पनीर मक्खन के साथ
पसंदीदा रंगb(Favorite Colour)नीला
पसंदीदा खेल (Favorite Game)फुटबॉल, क्रिकेट, रेसिंग
पसंदीदा स्थान (Favorite Place)सेंट मोरेट्ज, स्विट्जरलैंड
पसंदीदा रेस्तरां (Favorite Spa)बाली रेस्तरां

लक्ष्मी मित्तल का करियर (Lakshmi Mittal Career)

लक्ष्मी मित्तल जी ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1976 में 26 वर्ष की आयु में इंडोनेशिया में एक इस्पात इंटरनेशनल कंपनी की स्थापना करके की थी और यह पहला स्टील प्लांट था।

इसके बाद 1989 में उन्होंने त्रिनिदाद में काम करना शुरू किया जिससे उनकी कंपनी अंतरराष्ट्रीय कंपनी बन गई और वर्ष 2004 में इसका विलय मित्तल की अन्य कंपनियों में हुआ और मित्तल स्टील कंपनी का गठन हुआ।

इसके बाद उन्होंने आर्सेलर में विलय के बाद गठित आर्सेलरमित्तल को विश्व की सबसे बड़ी स्टील कंपनी बनाया और जो अकेले ही संसार के 10% स्टील के उत्पादन करती है।

1992 में उन्होंने मेक्सिको की तीसरी सबसे बड़ी स्टील मेल सिबाल्सा को खरीदा और उसे ठीक करने का बीड़ा उठाया और जल्दी उसका उत्पादन कई गुना बढ़ा दिया इस प्रकार बीमार मिलों को सस्ते में खरीद पर कर उन्हें मुनाफे में चलाने की नीति मित्तल जी के बड़े काम आई है।

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मित्तल जी ने इस्पात के क्षेत्र के साथ साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कई प्रमुख कार्य किए हैं।

वर्तमान में वह लक्ष्मी मित्तल, आर्सेलर मित्तल स्टील कंपनी के सीईओ और चेयरमैन है इसके अलावा वह ईएडीएस, आईसीआईसीआई बैंक और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी गोल्डन मैन सैक्स के गैर कार्यकारी निर्देशक भी हैं।

इसके साथ ही उनके कार्यों को देखते हुए वर्ष 2008 में भारत सरकार द्वारा कौन है पद्म विभूषण सम्मान से सम्मानित किया गया था।

लक्ष्मी मित्तल के विचार (Lakshmi Mittal Quotes In Hindi)

“यदि आप आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो आपको आम लोगों से हटकर कुछ अलग करना होगा”

“ज्ञान कुंजी है, आगे बढ़ने के लिए इस ज्ञानरूपी कुंजी का प्रयोग अवश्य करें!”

“आर्थिक संकट के दौरान हमेशा रोमांचक औसर आते हैं, और ऐसा हमेशा होता रहेगा”

“व्यवसायिक जीवन में, सबसे पहले आप जो कुछ भी कर रहे हैं, उसके लिए आपको प्रतिबद्धता, समर्पण और जुनून की आवश्यकता होती है!”

“साहसिक निर्णय एक बहुत ही परिवर्तन कार्य निर्णय हो सकता है। विश्लेषण करें और साहसिक निर्णय लें!”

लक्ष्मी मित्तल की कुल संपत्ति (Lakshmi Mittal Net Worth)

विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 में लक्ष्मी मित्तल की कुल संपत्ति $18.3 बिलियन है जो कि भारतीय रुपयों में ₹1.33 लाख करोड़ रुपए होती है।

कुल संपत्ति (Net Worth -2023)$18.3 बिलियन
कुल संपत्ति भारतीय रुपयों में (Net Worth In Indian Rupees)₹1.35 लाख करोड़
वार्षिक आय (Yearly Income)₹4800 करोड़ +
मासिक आय (Monthly Income)₹400 करोड़ +
आय के स्रोत (Income Source)व्यवसाय

लक्ष्मी मित्तल जी से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण रोचक तथ्य

  • लक्ष्मी मित्तल जी का जन्म और पालन-पोषण राजस्थान के चुरू जिले में हुआ है।
  • वर्तमान में वह काफी लंबे समय से इंग्लैंड में निवास कर रहे हैं फिर भी उन्होंने भारतीय नागरिकता को नहीं छोड़ा है।
  • वह घाटे में चल रही कंपनियों को खरीदते हैं और उन्हें लाभकारी संगठनों में बदलते हैं।
  • उन्होंने देश के तीसरे सबसे बड़े इस्पात उत्पादक शिकार्ता को 220 मिलियन डॉलर में खरीदा था।
  • वर्ष 2005 में हुआ है दुनिया के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति बने थे।
  • टाइम्स मैगजीन द्वारा उन्हें दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल किया गया था।
  • उन्हें प्रतिभा देवी पाटिल द्वारा पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  • वह एक समाजसेवी व्यक्ति हैं और समाज की सहायता के लिए विभिन्न कार्य करते रहते हैं।
  • सेंट जेवियर्स कॉलेज में उनके प्रवेश को शुरू में प्रशासन द्वारा अस्वीकार कर दिया गया था।
  • उनका जन्म एक संयुक्त परिवार में हुआ था और बचपन में वह चटाई और फर्श पर सोते थे।
  • उनके पिता ने एक छोटी सी स्टील मेल स्थापित की थी जिसमें स्कूल के बाद वह अपने पिता के साथ काम करते थे।

FAQ:

लक्ष्मी मित्तल की आयु कितनी है?

किंग ऑफ स्टील के नाम से जाने जाने वाले भारतीय उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल की उम्र वर्ष 2023 के अनुसार 72 वर्ष है।

लक्ष्मी मित्तल का जन्म कब और कहां हुआ?

2004 पोलस्की हुटी, पोलेण्ड (1050 मिलियन डालर)

12. (4.5 बिलियन)

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लक्ष्मी मित्तल

जन्म: 15 जून 1950, शादूलपुर, चूरु, राजस्थान

आवास: लंदन, ग्रेट ब्रिटेन

कार्यक्षेत्र: भारतीय उद्योगपति, आर्सेलर मित्तल के सीईओ और चेयरमैन

लक्ष्मी मित्तल एक भारतीय उद्योगपति और दुनिया के सबसे बड़े स्टील उत्पादक कंपनी आर्सेलर मित्तल के सीईओ और चेयरमैन हैं। हालांकि वे यूनाइटेड किंगडम में रहते हैं पर उन्होंने भारत की नागरिकता नहीं छोड़ी है। वे भारत के साथ-साथ दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक हैं। पेशेवर इंग्लिश फुटबाल क्लब ‘क्वींस पार्क रेंजर्स फुटबाल क्लब’ में उनकी 33 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सन 2007 में उन्हें यूरोप का सबसे अमीर हिन्दू और एशियन माना गया। सन 2002 में ब्रिटेन के आठवें नंबर का सबसे अमीर व्यक्ति होने के बावजूद वे ब्रिटिश नागरिक नहीं हैं। सन 2011 में फोर्ब्स ने उन्हें विश्व का छठा सबसे अमीर व्यक्ति माना था पर मार्च 2015 में वे बहुत नीचे गिरकर 82वें नंबर पर आ गए।

स्रोत: luxpresso.com

सन 2008 से लेकर वे गोल्डमैन सैक्स के ‘बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स’ के सदस्य हैं। वे ‘विश्व स्टील संगठन’ के कार्यकारी समिति, भारतीय प्रधानमंत्री के ‘वैश्विक सलाहकार समिति’, कज़ाकिस्तान के ‘फॉरेन इन्वेस्टमेंट कौंसिल’, ‘वर्ल्ड इकनोमिक फोरम’ के अन्तराष्ट्रीय व्यापार समिति, और मोजांबिक के राष्ट्रपति के अन्तराष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड के सदस्य हैं। वे अमेरिका स्थित केल्लोग्स स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट के सलाहकार बोर्ड और ‘क्लीवलैंड क्लिनिक’ के ‘बोर्ड ऑफ़ ट्रस्टीज’ के सदस्य हैं।

सन 2006 में ‘द सन्डे टाइम्स’ ने उन्हें ‘बिज़नस पर्सन ऑफ़ 2006’, ‘द फाइनेंसियल टाइम्स’ ने उन्हें ‘पर्सन ऑफ़ द इयर’ और ‘टाइम’ पत्रिका ने उन्हें ‘इंटरनेशनल न्यूज़मेकर ऑफ़ द इयर 2006’ का सम्मान दिया। सन 2007 में ‘टाइम’ पत्रिका ने उन्हें ‘दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों’ की सूची में रखा।

प्रारंभिक जीवन

लक्ष्मी निवास मित्तल का जन्म 2 सितंबर, 1950 को राजस्थान के चुरू जिले की राजगढ़ तहसील में हुआ था। उनके पिता का नाम मोहन लाल मित्तल था। लक्ष्मी संयुक्त परिवार में पैदा हुए थे और बाद में उनका परिवार कोलकाता चला गया। उनके के दो भाई हैं – प्रमोद मित्तल और विनोद मित्तल।

लक्ष्मी निवास मित्तल ने सन 1957 से 1964 तक श्री दौलतराम नोपानी विद्यालय से शिक्षा ग्रहण की। उन्होंने कोलकाता के सेंट जेविएर्स कॉलेज (कोलकाता विश्वविद्यालय से सम्बद्ध) से वाणिज्य में बिजनेस ऐंड अकाउंटिंग में गैजुएशन की। उनके पिता मोहन लाल मित्तल का इस्पात का व्यवसाय था – निप्पन डेनरो इस्पात।

उद्योग जगत में कदम

भारत सरकार द्वारा स्टील के उत्पादन पर नियंत्रण के वजह से 26-वर्षीय लक्ष्मी निवास मित्तल ने सन 1976 में अपना पहला स्टील कारखाना ‘पी.टी.

इंस्टिट्यूट ऑफ़ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी’ की स्थापना की। यह एक स्वायत्त और लाभ-निरपेक्ष संस्थान है।

लक्ष्मी निवास मित्तल फाउंडेशन ने एस.एन.डी.टी. स्टील बोस्निया (280 मिलियन डालर)

16. 1998 इन्लैंड स्टील कम्पनी(यू.एस.) (1430 मिलियन डालर)

8. लक्ष्मी मित्तल ने साल 1957 से 1964 तक श्री दौलतराम नोपानी स्कूल में शिक्षा प्राप्त की.